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AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा उपनेता पद से हटाया: कहा- सदन में पार्टी की तरफ से कुछ नहीं बोलेंगे, आम आदमी से जुड़े कई मुद्दे उठा चुके

Rewa Riyasat News
2 April 2026 9:05 PM IST
AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा उपनेता पद से हटाया: कहा- सदन में पार्टी की तरफ से कुछ नहीं बोलेंगे, आम आदमी से जुड़े कई मुद्दे उठा चुके
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AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा उपनेता पद से हटाया। उनकी जगह अशोक मित्तल को जिम्मेदारी दी, पार्टी ने सचिवालय को पत्र भेजा।

AAP का बड़ा फैसला: राघव चड्ढा हटे राज्यसभा उपनेता पद से

आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बदलाव करते हुए सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया है। उनकी जगह अब पंजाब से राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी दी गई है।

पार्टी ने इस फैसले की जानकारी राज्यसभा सचिवालय को पत्र भेजकर दी और स्पष्ट किया कि अब सदन में राघव चड्ढा पार्टी की ओर से नहीं बोलेंगे।

पार्टी ने नहीं बताई वजह

हालांकि AAP ने इस फैसले के पीछे की वजह सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इस बदलाव को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

सूत्रों के अनुसार, राघव चड्ढा लंबे समय से पार्टी की सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए हुए थे और हाल के महत्वपूर्ण मुद्दों पर उन्होंने कोई सार्वजनिक बयान भी नहीं दिया था।

2022 से राज्यसभा सांसद हैं राघव चड्ढा

राघव चड्ढा 2022 में पंजाब से राज्यसभा सांसद चुने गए थे और उनका कार्यकाल 2028 तक है। वे AAP के प्रमुख युवा नेताओं में गिने जाते हैं और संसद में कई अहम मुद्दों को उठा चुके हैं।

इसके बावजूद हाल के महीनों में उनकी राजनीतिक सक्रियता में कमी देखी गई, जो इस फैसले का एक संभावित कारण माना जा रहा है।

अशोक मित्तल को मिली नई जिम्मेदारी

राघव चड्ढा की जगह अब अशोक मित्तल को राज्यसभा उपनेता बनाया गया है। वे भी पंजाब से AAP के सांसद हैं और 2022 में राज्यसभा पहुंचे थे।

अशोक मित्तल लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक और चांसलर हैं। राजनीति में आने से पहले वे एक सफल उद्योगपति रहे हैं और 'लवली ग्रुप' से जुड़े रहे हैं।

संसद में उठाए थे आम लोगों के मुद्दे

राघव चड्ढा ने संसद के पिछले सत्रों में कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए थे, जो सीधे आम जनता से जुड़े थे।

उन्होंने गिग वर्कर्स के वेतन, डिलीवरी सिस्टम और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इसके अलावा डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के अधिकारों की रक्षा के लिए भी कानून में बदलाव की मांग की।

बजट सत्र में भी उठाए अहम मुद्दे

बजट सत्र 2026 में उन्होंने खाद्य मिलावट, एयरपोर्ट पर सस्ते भोजन की उपलब्धता और मोबाइल रीचार्ज की अवधि जैसे मुद्दों पर चर्चा की।

उन्होंने सुझाव दिया कि मोबाइल रीचार्ज 28 दिन की बजाय पूरे महीने के लिए होना चाहिए और बचा हुआ डेटा अगले महीने में जुड़ना चाहिए।

बैंक और टैक्स से जुड़े सुझाव

राघव चड्ढा ने बैंकिंग सेक्टर में सुधार के लिए भी सुझाव दिए थे। उन्होंने न्यूनतम बैलेंस न रखने पर लगने वाले जुर्माने को खत्म करने की बात कही थी।

इसके अलावा विवाहित जोड़ों के लिए संयुक्त इनकम टैक्स फाइलिंग और पितृत्व अवकाश को कानूनी अधिकार बनाने की मांग भी रखी थी।

राजनीतिक असर और आगे की रणनीति

इस फैसले के बाद AAP की रणनीति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पार्टी के भीतर नेतृत्व में यह बदलाव आने वाले चुनावों और राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पार्टी के अंदर नई रणनीति और नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया हो सकता है।

आगे क्या होगा

अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राघव चड्ढा की अगली भूमिका क्या होगी और पार्टी उन्हें किस जिम्मेदारी में देखती है।

वहीं, अशोक मित्तल के सामने राज्यसभा में पार्टी का प्रभावी प्रतिनिधित्व करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

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