कृषि कानूनों पर सुमित्रा ताई ने ली चुटकी, कहा- 'जहाँ हठधर्मिता होती है, वहां हल नहीं निकलता है'

कृषि कानूनों पर सुमित्रा ताई ने ली चुटकी, कहा- ‘जहाँ हठधर्मिता होती है, वहां हल नहीं निकलता है’

इंदौर राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय

नई दिल्ली. भारत में कृषि कानूनों का विरोध जमकर हो रहा है. कई दिनों से किसान सिंधु बॉर्डर पर आंदोलनरत हैं. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए मोदी सरकार के तीनों कृषि कानून बिलों पर अस्थाई रोक लगा दी है. इस पर अब पूर्व लोक सभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ‘ताई’ (Sumitra Mahajan ‘Taai’) ने भी चुटकी ली है. सुमित्रा ताई ने जारी एक बयान में कहा है की जहाँ हठधर्मिता होती है वहां हल नहीं निकलता है.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि कमेटी बनकर किसानों से बात की जाएगी. जो भी होगा अच्छा ही होगा.

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जहाँ हठधर्मिता होती है, वहां हल नहीं निकलता : सुमित्रा ताई

सरकार एवं किसानों के बीच चल रही बातचीत के बीच भी मुद्दे पर कोई हल न निकलने के सवाल पर सुमित्रा ताई ने कहा कि ‘जहाँ हठधारिता होती है, वहां हल नहीं निकलता है’

कृषि कानूनों पर सुमित्रा ताई ने ली चुटकी, कहा- 'जहाँ हठधर्मिता होती है, वहां हल नहीं निकलता है'

ताई ने आगे कहा कि सरकार हमेशा कहती रही है कि क्या बदलाव करने हैं, आप सुझाव दीजिए हम बदलाव करने को तैयार हैं, लेकिन अब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है, जो भी होगा अच्छा होगा.’

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कृषि क़ानून पर बोले इंदौर सांसद शंकर लालवानी

इस मामले में इंदौर सांसद शंकर लालवानी का कहना है कि वह सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हैं, जिस तरीके से सरकार पहले से ही यह कह रही है कि बातचीत से हल निकाला जाए और वही निर्णय अब सुप्रीम कोर्ट ने भी दिया है.

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लालवानी ने कहा कि उम्मीद है कि कमेटी के साथ किसान भाइयों की जब बात होगी तो हल निकल आएगा. उन्होंने कहा वैसे भी बमुश्किल 8 से 10% किसान ही ऐसे हैं, जो इसका विरोध कर रहे हैं.

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