
200 फीट गहरी खाई में गिरी बच्चों से भरी स्कूल बस, 10 मासूमों की मौत; पिकनिक मनाकर लौट रहे थे सभी

सूरत। डांग से शनिवार शाम पिकनिक से सूरत लौट रहे स्कूली बच्चों की बस 200 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में 10 बच्चों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक घायल हैं। इनमें से कई की हालत गंभीर है। बस में पहली से आठवीं कक्षा तक के कुल 50 बच्चों समेत 87 लोग थे। सूरत में अमरोली स्थित ट्यूशन सेंटर गुरु कृपा में पढ़ने वाले बच्चे शनिवार को ही पिकनिक पर गए थे। सभी अमरोली और छापराभाठा क्षेत्र से थे।
शबरीधाम, पंपा सरोवर, महाल कैंप साइट देखने के बाद बस इन्हें वापस लेकर जा रही थी। शाम करीब 6 बजे डांग के महाल-बरडीपाडा मोड़ पर ड्राइवर बस से नियंत्रण खो बैठा और यह 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी। आहवा के डॉक्टर ने बताया कि हादसे से लग रहा है कि ड्राइवर नशे में था। बस के दो पहिये अलग हो गए और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटनास्थल पर मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से काफी देर तक पुलिस तक हादसे की सूचना भी नहीं पहुंच पाई। आहवा और तापी जिले से 8 एंबुलेंस मौके पर भेजी गईं। घायल बच्चे सिविल अस्पताल रैफर किए गए।
बस मोड़ पर झूलते हुए और गड्ढों में झटक खाते हुए चल रही थी हमारे साथ केयर टेकर और अन्य अध्यापकों के साथ कुल करीब 75 लोग बस में थे। शनिवार सुबह में ब्रेकफास्ट के समय तक व्यारा गार्डन होते हुए कुंभ सरोवर की तरफ निकले। यहां से कुंभ सरोवर पर कुछ समय बिताने के बाद सभी सबरी धाम में निकले यहां करीब दो बजे तक सब रुके और खाना भी खाया। बस चलने के बाद पेटा भरा होने अधिकांश साथी सो गए। बस मोड़ पर झूलते हुए और गड्ढों में झटक खाते हुए चल रही थी। हमें मतली जैसा मुझे महसूस हुआ। रास्ते में लगातार बसें एक दूसरे के काफी नजदीक से गुजर रही थीं। कई बार लगा जैसे हमारी बस सामने से आ रही बसों से एकदम छुकर गुजर रही थी। मेरी आंखें बंद थीं, लेकिन नींद नहीं आ रही थी। शाम 6 बजे के आसपास बस अचानक सड़क से उतर गई और झटके लगने लगे। पेड़ों से टकराते हुए खाई में गिरने लगी। हम सब बच्चे गेंद की तरह उछलते और टकराते रहे। चारों ओर हाहाकार और चीत्कारों का शोर था। इसके बाद मैं बेहोश हो गया। काफी देर बाद मुझे तब होश आया जब स्थानीय हमारी मदद के लिए आ चुके थे। आसपास देखा तो हमारे साथी लहूलुहान हालत में या तो बेसुध पड़े थे या फिर निढाल। इस भीषण हादसे से आधे घंटे पहले भी हमारी बस सड़क से नीचे उतर गई थी, लेकिन ड्राइवर ने काबू कर लिया।
बच्चे चिल्ला रहे थे अंकल बस धीरे-धीरे चलाओ, लेकिन उसी ने किसी के नहीं सुनी बस फिर उसी रफ्तार से दौड़ने लगी तो बच्चों ने शोर मचाया कि अंकल धीरे चलाओ, लेकिन वो नहीं माने। शायद ड्राइवर अंकल ने शराब पी रखी थी। अगले मोड़ भी तेज गति टर्न लिया तो ड्राइवर बस पर काबू नहीं कर पाया। बस तीन बार पलटी और खाई हम औंधे मुंह गिर गए। हमारी बस के पीछे से आ रहे रिक्शा चालकों ने तुरंत पहुंच कर सबको बस से निकालना शुरू कर दिया। करीब तीन रिक्शेवालों ने मौके पर पहुंच कर रेस्क्यू का कार्य शुरु किया। बस लगातार पलट रही थी, जिसकी वजह से बस में लगे सीट और अन्य लोहे के उपकरण मेरे साथियों पर गिरे और उनको गहरी चोट लगी। कुछ लोगों को इतनी चोट लगी की वे मौके पर ही बेहोश हो गए। -जैसा कि छात्र प्रेम और पिकनिक में केयरटेकर बनकर गई 19 वर्षीय सीमा पुत्री भीखाभाई राठौर ने बताया
हादसे में इनकी मौत हो गई दक्ष मनीष पटेल 12, विधि तुषार पटेल 16, कृशा जिग्नेश पटेल 10,कृश हेमंत पटेल 14, ध्रुवी अल्पेश जानी 12, दीपाली मनीष पटेल 10, हेमाक्षी नवनीत पटेल 40, ध्रुवा नवनीत पटेल 04, तृषा मुकेश पटेल 10 (1 की शिनाख्त नहीं)




