
भंडाफोड़ : POLICE भर्ती करने के लिये लेता था रिश्वत, ऐसे पकड़ाया | सतना/अलीगढ

अलीगढ़ (। पुलिस भर्ती के मेडिकल परीक्षण में 50 हजार की रिश्वत लेने में गिरफ्तार जिला अस्पताल के ईएनटी विभाग में संविदा पर कार्यरत ऑडियोमेट्रिस्ट सुशील मेरठ की एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया। सीओ तृतीय अनिल समानिया उसे मेरठ लेकर गए थे और वहीं जेल में दाखिल करा दिया। संविदाकर्मी के खिलाफ अभ्यर्थी के पिता ने मुकदमा दर्ज कराया था।
यह है मामला
एसएसपी आकाश कुलहरि के मुताबिक गौंडा क्षेत्र के गांव ढांड निवासी कैलाश चंद्र ने थाना सिविल लाइंस में सुशील कुमार पुत्र ब्रह्मïदेव सिह निवासी 42 त्योनधारी रामपुर बघेलान, सतना (मध्य प्रदेश) हाल निवासी सांसद वाली गली विद्यानगर क्वार्सी के खिलाफ तहरीर दी थी। इसमें कहा था कि सुशील ने उनके बेटे विनीत कुमार को मेडिकल परीक्षण में फेल करने का भय दिखाकर फोन पर एक लाख रुपये मांगे थे, फिर 50,000 रुपये लेकर पास करने का दावा किया। तहरीर पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, धोखाधड़ी आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
तलाशी में मिले 50 हजार
आरोपित की गिरफ्तारी के लिए सीओ अनिल समानिया के नेतृत्व में सर्विलांस प्रभारी अभय शर्मा की टीम को लगाया गया था। देर शाम कैलाश की निशानदेही पर आरोपित को मुख्य डाकघर के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी में इसके पास से रिश्वत के 50 हजार रुपये व 2018 के पुलिस/पीएसी पदों पर सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थियों के बुलावा पत्र बरामद हुए। इसे मेरठ की एंटी करप्शन कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। वहीं मुकदमा चलेगा।
धांधली में कई और रडार पर
46000 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया में चल रही धांधली में कई और नप सकते हैं। एक अन्य संविदा कर्मी समेत अन्य स्टॉफ भी सर्विलांस के रडार पर हैं। एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि सुशील के मोबाइल की सीडीआर निकलवा कर देखा जा रहा है कि ये किन डॉक्टरों के संपर्क में था। धांधली में जो भी लिप्त पाया गया, कार्रवाई होगी। सात-आठ लोगों पर विभागीय जांच चल रही है। जो अभ्यर्थी मेडिकल में पास हो गए हैं, उनके परीक्षण के लिए डीएम को जांच कमेटी गठित करने के लिए पत्र लिखा गया है।
बदल दिया था मेडिकल बोर्ड
भाजपा के बरौली विधायक दलवीर सिंह ने मेडिकल परीक्षण में धांधली की शिकायत मुख्यमंत्री से की थी। कार्यवाहक सीएमओ ने ईएनटी सर्जन डॉ. सिद्धू, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. केपी सिंह, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. तुफैल अहमद, डॉ. वंदना को मेडिकल बोर्ड से हटाकर नया बोर्ड गठित कर दिया था। एडीएम सिटी राकेश मालपाणी जांच कर रहे हैं।
समाप्त होगी आरोपित की संविदा
गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने के बाद सुशील गुप्ता की की संविदा समाप्त की जा सकती है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. रामकिशन ने बताया कि अभी वे बाहर हैैं। खबरों के माध्यम से जानकारी मिली। जो गलत कार्यों में संलिप्त पाया जाएगा, उस पर शासन के नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। जरूरत हुई तो उच्चाधिकारियों को भी जानकारी दी जाएगी। सीएमओ डॉ.पीके शर्मा का कहना है कि आरोपित आडियोमेट्रिस्ट सीएमएस के अधीन है, इसलिए कार्रवाई सर्वप्रथम उनके स्तर से होगी। यदि संविदा समाप्ति की संस्तुति करते हैं तो हम आगे की कार्रवाई करेंगे।
फार्मासिस्टों ने किया विरोध
आरोपित को फार्मासिस्ट बताए जाने डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने आपत्ति जताई है। महामंत्री मुकेश गुप्ता ने बताया कि आरोपित फार्मासिस्ट संवर्ग से नहीं है।




