राष्ट्रीय

नई सुरक्षा गाइडलाइंस जारी, अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए राज्यों के मुख्यमंत्री को करना होगा ये

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 5:55 AM GMT
नई सुरक्षा गाइडलाइंस जारी, अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए राज्यों के मुख्यमंत्री को करना होगा ये
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भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब तक का सबसे बड़ा खतरा बताकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों को नई सुरक्षा गाइडलाइंस जारी की हैं। अब स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) की क्लीयरेंस के बिना मंत्रियों और अधिकारियों सहित किसी भी शख्स को मोदी के नजदीक जाने की इजाजत नहीं होगी। एक अधिकारी के अनुसार गृह मंत्रालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब तक का सबसे बड़ा खतरा है। गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में मध्य प्रदेश भी शामिल है यहां के कुछ जिलों नक्सलवाद प्रभावित जिलों का खासतौर पर उल्लेख किया गया है।

- अब अगली बार जब भी प्रधानमंत्री मोदी मध्य प्रदेश के दौरे पर आएंगे। उनका सुरक्षा घेरा अलग तरह का रहेगा।

- मुख्यमंत्री सहित अन्य मंत्रियों और अधिकारियों की सघन जांच के बाद ही एसपीजी इन VVIP को प्रधानमंत्री के नजदीक जाने देगी, वह भी एक निश्चित दूरी तक ही।

- अब तक मोदी आराम से आरएसएस और भाजपा के नेताओं और उनके परिजनों से भी बेहिचक मिल लेते थे। उनकी सुरक्षा की नई गाइड लाइन जारी होने के बाद अब ऐसा नहीं होगा।

- एसपीजी मिलने आने वाले हर शख्स के खानदान तक की कुंडली पहले खंगाल लेगी उसके बाद ही मोदी से मिलने के लिए किसी को परमिशन दी जाएगी।

- जब संबंधित शख्स मोदी से मिलने पहुंचेगा उसकी तलाशी ठीक उसी तरह से ली जाएगी जैसी अमेरिकी एयरपोर्ट एशिया से गए लोगों की होती है।

- खास बात ये है कि अबतक मोदी की किसी भी सभा में मंच पर उनके साथ करीब 70 से 100 लोग मंच पर रहते थे। बदले नियम के अनुसार अब उनके साथ 5-6 लोग ही मौजूद रहेंगे।

क्यों लेना पड़ा ऐसा निर्णय

- 2019 के चुनाव से पहले वह सबसे बड़ा टारगेट हैं। मंत्रालय ने एक पत्र में अज्ञात खतरे का जिक्र कर निर्देश दिया है कि प्रधानमंत्री की विशेष सुरक्षा के क्लीयरेंस के बिना कोई उनके पास नहीं जा सकता। - प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़ी क्लोज प्रोटेक्शन टीम (सीपीटी) को खतरे और नए सुरक्षा नियमों के बारे में अवगत करवा दिया गया है। इन्हें निर्देश दिया गया है कि जरूरत पड़े तो मंत्रियों और अधिकारियों की भी तलाशी ली जाए। - मोदी भाजपा के प्रमुख प्रचारक हैं। समझा जा रहा है कि एसपीजी ने मोदी को 2019 के आम चुनाव के सिलसिले में रोड शो घटाकर जनसभाएं ही करने की सलाह दी है। रोड शो के दौरान खतरा अधिक रहता है, जबकि जनसभाओं का प्रबंधन आसान है।

मप्र, छत्तीसगढ़, झारखंड जैसे राज्य संवेदनशील

- एक अधिकारी ने बताया कि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल जैसे नक्सलवाद प्रभावित राज्यों को गृह मंत्रालय ने संवेदनशील घोषित किया है। इनके पुलिस प्रमुखों को अपने यहां प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान अतिरिक्त चौकसी बरतने को कहा गया है।

- केरल में सक्रिय पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर सुरक्षा एजेंसियों की विशेष नजर है। माना जा रहा है कि यह संगठन चरमपंथी संगठनों का अग्रणी संगठन है।

खतरे के आधार : राजीव की तरह हत्या की चिट्‌ठी मिली थी, सुरक्षा घेरा भी टूटा

- पुणे पुलिस ने 7 जून को कोर्ट में कहा था कि नक्सलियों से संबंध के आरोप में गिरफ्तार 5 लोगों में एक के घर से मिली चिट्‌ठी में पूर्व पीएम राजीव गांधी की तरह नरेंद्र मोदी की हत्या की योजना का जिक्र था। - पिछले दिनों मोदी के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान एक शख्स उनके पैर छूने के लिए सुरक्षा के छह घेरे तोड़कर उन तक पहुंच गया था। - इन घटनाओं के बाद मोदी की सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की गई। - गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, गृह सचिव राजीव गौबा, आईबी प्रमुख राजीव के साथ बैठक की। - पीएम की सुरक्षा मजबूत करने के लिए अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

एसपीजी की मंजूरी के...

- 2019 के चुनाव से पहले वह सबसे बड़ा टारगेट हैं। मंत्रालय ने एक पत्र में अज्ञात खतरे का जिक्र कर निर्देश दिया है कि प्रधानमंत्री की विशेष सुरक्षा के क्लीयरेंस के बिना कोई उनके पास नहीं जा सकता।

- प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़ी क्लोज प्रोटेक्शन टीम (सीपीटी) को खतरे और नए सुरक्षा नियमों के बारे में अवगत करवा दिया गया है। इन्हें निर्देश दिया गया है कि जरूरत पड़े तो मंत्रियों और अधिकारियों की भी तलाशी ली जाए। मोदी भाजपा के प्रमुख प्रचारक हैं।

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