
अच्छा है राहुल गाँधी 'राहुल सावरकर' नहीं, वरना हम सबको मुंह छिपाना पड़ता! पोते की उद्धव ठाकरे से मांग-'राहुल के खिलाफ करो कार्रवाई'

राहुल गांधी के वीर सावरकर पर दिए बयान पर बवाल जारी है। भाजपा जहां हमलावर है ही, वीर सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने भी कांग्रेस नेता पर सार्वजनिक रूप से अपने दादा का अनादर करने का आरोप लगाते हुए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। रंजीत का कहना है कि यह अच्छा है कि राहुल गांधी राहुल सावरकर नहीं हैं। नहीं तो हम सबको अपना मुंह छिपाना पड़ता। अब हम उम्मीद करते हैं कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपना वादा निभाएंगे। उन्होंने याद दिलाया कि उद्धव कई बार कह चुके हैं कि यदि किसी ने सावरकर का अपमान किया, तो वे उनको सार्वजनिक रूप से पीटेंगे।
रंजीत ने यह भी कहा कि राहुल को अपनी दादी इंदिरा गांधी का आभारी होना चाहिए, जिन्होंने अपना सरनेम (नेहरू) छोड़ दिया। नहीं तो लोग उन्हें ब्रिटिश नौकर समझते। जवाहरलाल नेहरू ब्रिटेन के प्रति वफादार थे, क्योंकि उन्होंने 1946 में मंत्री के तौर पर वाइसराय काउंसिल में काम करना मंजूर किया था।
फडणवीस ने शिवसेना पर साधा निशाना महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस मामले में राहुल गांधी पर निशाना साधा और कहा कि कोई गांधी सरनेम लगा लेने से गांधी नहीं हो जाता है। फडणवीस ने शिवसेना से भी कहा कि उसने सत्ता हासिल करने के लिए किस दल के साथ हाथ मिला लिया है।
संजय राउत बोले- शिवसेना राहुल के साथ नहीं, लेकिन सरकार 5 साल चलेगी राहुल गांधी के बयान के बाद शिवसेना नेता संंजय राउत ने कहा था कि वीर सावरकर महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश के नेता है। इसके बाद अटकलें लगाई जा रही थी कि विभिन्न मुद्दों पर शिवसेना और कांग्रेस की अलग-अलग राय देखते हुए क्या महाराष्ट्र में सरकार पांच साल चल पाएगी? इस पर संजय राउत ने रविवार को कहा कि सरकार पूरे पांच साल चलेगी, इसमें किसी को शक नहीं होना चाहिए।




