मध्यप्रदेश

NSUI: रीवा के मंजुल त्रिपाठी को एमपी की कमान, एनएसयूआई स्टेट प्रेजिडेंट नियुक्त किए गए

Aaryan Puneet Dwivedi
3 Oct 2021 3:31 AM GMT
NSUI: रीवा के मंजुल त्रिपाठी को एमपी की कमान, एनएसयूआई स्टेट प्रेजिडेंट नियुक्त किए गए
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प्रदेश भर से दर्जनों दावेदारों को पीछे छोड़ रीवा के मंजुल त्रिपाठी NSUI प्रदेश अध्यक्ष बने

मध्य प्रदेश में NSUI का नया प्रदेश अध्यक्ष मंजुल त्रिपाठी को बनाया गया है। वहीं, छत्तीसगढ़ में नीरज पांडेय को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।

भोपाल. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के लिए नए एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष (NSUI State President) की नियुक्ति कर दी है. एमपी में NSUI की कमान रीवा के मंजुल त्रिपाठी को सौंपी गई है तो छत्तीसगढ़ में नीरज पांडेय पर भरोसा जताया गया है. बता दें कि मध्यप्रदेश में आगर मालवा से विधायक विपिन वानखेड़े ने हाल ही में एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने की घोषणा की थी.

मंजुल त्रिपाठी एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष बनें

रीवा समेत पूरे विंध्य में उस वक़्त ख़ुशी की लहर दौड़ पड़ी जब मंजुल त्रिपाठी (Manjul Tripathi) को मध्यप्रदेश का NSUI प्रदेश अध्यक्ष बनाने का आदेश आया. शनिवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के नए एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा की. जिसमें रीवा जिले के NSUI President मंजुल त्रिपाठी को प्रमोट करते हुए मध्यप्रदेश का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है.

छात्र संघ प्रभारी से प्रदेश अध्यक्ष तक का सफर

मंजुल त्रिपाठी ने छात्र संघ प्रभारी से सफर शुरू किया था. जो अभी प्रदेश अध्यक्ष तक पहुंचा है. मंजुल को अभी बहुत सफर करना है. उनका राजनीति का करियर बहुत लम्बा है. सतना जिले के रामपुर बघेलान के बीदा गांव में जन्मे मंजुल त्रिपाठी की कर्मस्थली रीवा ही रही है. उन्होंने टीआरएस कॉलेज से राजनीति सीखना शुरू किया.

मंजुल त्रिपाठी टीआरएस कॉलेज (TRS College Rewa) में बीकाम की पढ़ाई कर समाजशास्त्र से एमए और एमफिल किया. इस दौरान 2017 में NSUI छात्र संघ चुनाव प्रभारी, 2018 में प्रदेश सचिव, 2021 में NSUI जिला अध्यक्ष और 2 अक्टूबर 2021 को एनएसयूआई का प्रदेश अध्यक्ष बनकर सबको चौंका दिया है.

प्रदेश भर से दर्जनों दावेदार

एनएसयूआई सूत्रों की मानें तो मंजुल त्रिपाठी के प्रदेश अध्यक्ष बनने की राह आसान नहीं थी. विपिन वानखेड़े के बाद करीब एक दर्जन दावेदार मैदान में थे. ऐसे में पार्टी आला कमान ने सभी नेताओं से वन टू वन चर्चा की.

दावेदारों में आशुतोष चौकसे भोपाल, कोविद ठाकुर मंडला, सचिन द्विवेदी ग्वालियर, शिवराज सिंह यादव ग्वालियर, आकाश शर्मा मुरैना, प्रितेश शर्मा उज्जैन, अमित पटेल इंदौर, यशवीर सिंह गोयल देवास, मंजुल त्रिपाठी रीवा, दिव्यांशु मिश्रा कटनी, करण समतेश्वर जबलपुर और विजय रजक जबलपुर आदि रेस में शामिल थे.

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