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MP Weather Update 2026: 3 सिस्टम का कहर! आंधी-बारिश Alert, स्कूलों में छुट्टी?

Table of Contents
- एमपी मौसम समाचार: 3 सिस्टम सक्रिय और आंधी-बारिश का अलर्ट
- ग्वालियर और शिवपुरी के स्कूलों में छुट्टी की घोषणा
- मध्य प्रदेश के इन 14 जिलों में मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी
- किसानों की फसलों पर ओलावृष्टि की मार और नुकसान
- तापमान में गिरावट और कड़ाके की ठंड का नया दौर
- आगामी 48 घंटों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान
- आधारित विस्तृत FAQ सेक्शन
मध्य प्रदेश में प्रकृति का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। जनवरी के महीने में जहां कड़ाके की ठंड पड़नी चाहिए थी, वहीं अब बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग के अनुसार एक साथ तीन अलग-अलग मौसम प्रणालियां सक्रिय होने के कारण पूरे प्रदेश में अफरा-तफरी का माहौल है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर सहित कई संभागों में कल शाम से ही रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इस बेमौसम बरसात ने न केवल आम जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि स्कूली बच्चों और किसानों के लिए भी बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
मध्य प्रदेश मौसम समाचार: 3 सिस्टम सक्रिय और आंधी-बारिश का अलर्ट
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर बना हुआ है। इसके साथ ही एक ट्रफ लाइन भी सक्रिय है जो अरब सागर से नमी खींच रही है। तीसरा सिस्टम पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टरबेंस के रूप में उत्तर भारत को प्रभावित कर रहा है। इन तीनों प्रणालियों के आपस में मिलन से मध्य प्रदेश के मध्य और उत्तरी हिस्सों में घने बादल छाए हुए हैं। मंगलवार की शाम से ही प्रदेश की राजधानी भोपाल में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ीं। ग्वालियर और चंबल संभाग में तो स्थिति और भी गंभीर है, जहां ओलावृष्टि की खबरें भी सामने आई हैं।
ग्वालियर और शिवपुरी के स्कूलों में छुट्टी की घोषणा
लगातार हो रही बारिश और गिरते तापमान को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं। ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान ने आदेश जारी किया है कि जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल जो कक्षा 8वीं तक संचालित होते हैं, उनमें आज अवकाश रहेगा। इसी प्रकार शिवपुरी जिले के कलेक्टर ने भी भारी बारिश और ठंड के प्रकोप को देखते हुए स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपडेट्स के लिए स्कूल प्रबंधन के संपर्क में रहें। अचानक हुई इस घोषणा से बच्चों को तो राहत मिली है, लेकिन कामकाजी माता-पिता के लिए प्रबंधन करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहा है।
मध्य प्रदेश के इन 14 जिलों में मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी
मौसम विभाग (IMD) ने आगामी 24 घंटों के लिए 14 जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ आंधी का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में मुख्य रूप से ग्वालियर, भिंड, मुरैना, निवाड़ी, दतिया, छतरपुर, टीकमगढ़, सागर, सतना, मऊगंज, मैहर, रीवा, दमोह और पन्ना शामिल हैं। इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। प्रशासन ने इन जिलों के निवासियों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के खंभों से दूर रहें।
किसानों की फसलों पर ओलावृष्टि की मार और नुकसान
यह मौसम किसानों के लिए किसी आपदा से कम नहीं है। रबी की फसलें, विशेषकर गेहूं, चना और सरसों, इस समय खेतों में तैयार खड़ी हैं। मंगलवार रात को हुई ओलावृष्टि और तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर फसलें बिछ गई हैं। खंडवा, खरगोन और उज्जैन संभाग के किसानों का कहना है कि चने की फसल में फूल झड़ गए हैं और सरसों की फलियां टूट गई हैं। अगर बारिश का यह दौर और दो-तीन दिन जारी रहता है, तो उत्पादन में भारी गिरावट आने की संभावना है। सरकार ने राजस्व विभाग को निर्देशित किया है कि वे नुकसान का प्रारंभिक आंकलन करना शुरू करें।
तापमान में गिरावट और कड़ाके की ठंड का नया दौर
बारिश के बाद अब प्रदेश में शीतलहर का खतरा मंडरा रहा है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के औसत तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। दिन का तापमान जो सामान्य से ऊपर चल रहा था, वह अचानक लुढ़क कर नीचे आ गया है। आर्द्रता बढ़ने के कारण ठिठुरन महसूस की जा रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि जैसे ही आसमान साफ होगा, उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाएं प्रदेश में रात के तापमान को और नीचे ले जाएंगी, जिससे पाला पड़ने की संभावना भी बढ़ जाएगी।
आगामी 48 घंटों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान
आने वाले दो दिनों तक मौसम के इसी तरह बने रहने की संभावना है। शहडोल, उमरिया और कटनी जैसे पूर्वी जिलों में भी बादल छाए रहेंगे और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इंदौर और उज्जैन में मौसम साफ होने में थोड़ा समय लग सकता है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे गर्म कपड़ों का उपयोग करें और स्वास्थ्य का ध्यान रखें, क्योंकि मौसम के इस उतार-चढ़ाव से वायरल बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है।




