
- Home
- /
- मध्यप्रदेश
- /
- MP Weather 2026:...
MP Weather 2026: सावधान! 28 जिलों में ओले-बारिश का अलर्ट, कांप उठा MP

विषय सूची (Table of Contents)
- MP Weather 2026: मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि और बारिश का तांडव
- इन जिलों में गिरे ओले: आगर-मालवा, शाजापुर और गुना का हाल
- 28 जिलों में अलर्ट: मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी की पूरी सूची
- ग्वालियर-चंबल में ऑरेंज अलर्ट: घना कोहरा और भारी ओलावृष्टि
- पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन: क्यों बदल रहा है मौसम?
- 30 जनवरी से फिर बदलेगा मिजाज: एक और नया विक्षोभ होगा सक्रिय
- किसानों के लिए सलाह: फसलों को ओले और पाले से कैसे बचाएं?
- निष्कर्ष: आगामी 48 घंटे मध्य प्रदेश के लिए बहुत महत्वपूर्ण
- FAQs: मध्य प्रदेश मौसम से जुड़े आपके हर सवाल का जवाब
MP Weather 2026: मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि और बारिश का तांडव
मध्य प्रदेश में जनवरी 2026 के अंत में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। कड़ाके की ठंड के बीच अब ओलावृष्टि और बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में आसमान से बर्फ के गोले (ओले) गिरे, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले 48 घंटों तक प्रदेश के बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ बारिश और आंधी का दौर जारी रह सकता है।
इन जिलों में गिरे ओले: आगर-मालवा, शाजापुर और गुना का हाल
मंगलवार का दिन मालवा और मध्य क्षेत्र के किसानों के लिए चिंताजनक रहा। शाजापुर, आगर-मालवा और गुना जिलों में मध्यम से बड़े आकार के ओले गिरे हैं। ओलावृष्टि का असर इतना तेज था कि सड़कों और खेतों में सफेद चादर बिछ गई। इसके अलावा गुना, बड़वानी, छतरपुर, मंदसौर, रतलाम, शिवपुरी, ग्वालियर और टीकमगढ़ जैसे 18 जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश दर्ज की गई है। रतलाम और शाजापुर में हवाओं की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई जगहों पर पेड़ गिरने की भी खबरें आई हैं।
28 जिलों में अलर्ट: मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी की पूरी सूची
मौसम केंद्र भोपाल ने प्रदेश के 28 जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है उनमें भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, दतिया, रीवा, सतना, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड, मुरैना और श्योपुर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने और वज्रपात की भी आशंका है, इसलिए लोगों को खुले मैदानों में न जाने की सलाह दी गई है।
ग्वालियर-चंबल में ऑरेंज अलर्ट: घना कोहरा और भारी ओलावृष्टि
ग्वालियर संभाग और चंबल संभाग के जिलों (भिंड, मुरैना और श्योपुर) के लिए मौसम विभाग ने 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। यहाँ न केवल बारिश और ओले गिरने की संभावना है, बल्कि घने कोहरे (Dense Fog) के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह सकती है। वाहन चालकों को सावधानी बरतने और दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलने की हिदायत दी गई है। इन जिलों में रात का पारा 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन: क्यों बदल रहा है मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय है। इसके प्रभाव से दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। साथ ही, अरब सागर से लेकर पंजाब तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जो नमी खींच रही है। इन तीनों सिस्टम के एक साथ सक्रिय होने के कारण मध्य प्रदेश के मध्य और उत्तरी भागों में नमी बढ़ गई है, जो बादलों के बनने और बारिश का मुख्य कारण है।
30 जनवरी से फिर बदलेगा मिजाज: एक और नया विक्षोभ होगा सक्रिय
अभी यह सिस्टम शांत भी नहीं होगा कि 30 जनवरी 2026 की रात से उत्तर-पश्चिम भारत पर एक और नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने वाला है। इसका मतलब है कि फरवरी की शुरुआत भी मध्य प्रदेश में बादलों और बूंदाबांदी के साथ होगी। इस नए सिस्टम के कारण ठंड का असर फरवरी के पहले हफ्ते तक बना रहेगा और आसमान साफ होने में अभी कम से कम एक सप्ताह का समय लग सकता है।
किसानों के लिए सलाह: फसलों को ओले और पाले से कैसे बचाएं?
ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से गेहूं, चना और सरसों की फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि: 1. ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए खेतों में सिंचाई अभी रोक दें। 2. कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें। 3. पाले (Frost) से बचाव के लिए खेतों की मेड़ों पर शाम के समय धुंआ करें। 4. यदि फसल गिर गई है, तो उसमें जल निकासी का उचित प्रबंध करें ताकि जड़ें न गलें।
निष्कर्ष: आगामी 48 घंटे मध्य प्रदेश के लिए बहुत महत्वपूर्ण
मध्य प्रदेश में मौसम का यह मिजाज अभी कुछ दिन और परेशान करेगा। ओलावृष्टि और आंधी-बारिश की यह चेतावनी लोगों को सतर्क रहने का इशारा कर रही है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों और फसलों की सुरक्षा को लेकर सावधानी जरूरी है। मौसम विभाग की वेबसाइट और रेडियो पर प्रसारित होने वाले बुलेटिन पर नज़र बनाए रखें। 2026 की यह सर्दी अपनी बारिश और ओलों के लिए लंबे समय तक याद रखी जाएगी।




