मध्यप्रदेश

MP FURLOUGH SCHEME / अब प्राइवेट नौकरी या बिजनेस भी कर सकेंगे सरकारी कर्मचारी, फरलो योजना लागू करने की तैयारी में मध्यप्रदेश सरकार

Aaryan Dwivedi
22 July 2021 9:07 AM GMT
MP FURLOUGH SCHEME / अब प्राइवेट नौकरी या बिजनेस भी कर सकेंगे सरकारी कर्मचारी, फरलो योजना लागू करने की तैयारी में मध्यप्रदेश सरकार
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भोपाल. मध्यप्रदेश सरकार का खजाना खाली है, इस संकट से निपटने के लिए वित्त विभाग द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने 'मध्य प्रदेश सिविल सेवाएं (फरलो) योजना 2002' (MP GOVERNMENT EMPLOYEE FURLOUGH SCHEME 2002) एवं फार्मूला 20-50 को सख्ती से लागू करने का सुझाव रखा है. इस योजना के अंतर्गत कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी 3-5 साल तक की छुट्टी पर जा सकता है, इस दौरान वह कहीं पर भी प्राइवेट नौकरी या बिजनेस कर सकता है. 

भोपाल. मध्यप्रदेश सरकार का खजाना खाली है, इस संकट से निपटने के लिए वित्त विभाग द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने 'मध्य प्रदेश सिविल सेवाएं (फरलो) योजना 2002' (MP GOVERNMENT EMPLOYEE FURLOUGH SCHEME 2002) एवं फार्मूला 20-50 को सख्ती से लागू करने का सुझाव रखा है. इस योजना के अंतर्गत कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी 3-5 साल तक की छुट्टी पर जा सकता है, इस दौरान वह कहीं पर भी प्राइवेट नौकरी या बिजनेस कर सकता है.

'मध्य प्रदेश सिविल सेवाएं (फरलो) योजना 2002' (MP GOVERNMENT EMPLOYEE FURLOUGH SCHEME 2002) के लागू हो जाने से सरकार को 6 हजार करोड़ रूपए तक प्रतिवर्ष बचत होगी. यह योजना दिग्विजय सरकार में भी लागू हो चुकी है. कई कर्मचारी और अधिकारियों ने इसका फायदा भी उठाया था. लेकिन जब भाजपा सत्ता में आई तब इसे बंद कर दिया गया था. अब एक बार फिर इसे शुरू करने की तैयारी की जा रही है.

क्यों लागू करना पड़ रहा है फरलो योजना

'मध्य प्रदेश सिविल सेवाएं (फरलो) योजना 2002' लागू करना सरकार के लिए आवश्यक हो गया है. क्योंकि मध्यप्रदेश सरकार का बजट 2 लाख 41 हजार करोड़ रूपए है, जबकि इसके एवज में कर्ज 2 लाख 53 हजार 335 करोड़ रूपए हो चुका है. राज्य पर वर्तमान कर सरकार के बजट से 12 हजार करोड़ अधिक है.

वित्त विभाग के सुझावों की मानें तो राज्य के कर्मचारियों के वेतन भत्तों पर प्रतिवर्ष 60 हजार करोड़ का खर्च आता है. 'मध्य प्रदेश सिविल सेवाएं (फरलो) योजना 2002' लागू होने से इसका फायदा राज्य के एक से डेढ़ लाख कर्मचारी उठा सकेंगे. इस वजह से सरकार को प्रतिवर्ष 6 हजार करोड़ रूपए की बचत होगी.

क्या है 'मध्य प्रदेश सिविल सेवाएं योजना 2002 या फरलो योजना'

'मध्य प्रदेश सिविल सेवाएं योजना 2002 या फरलो योजना' वर्ष 2002 में दिग्विजय सिंह सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई थी. इस योजना का हजारो अधिकारी कर्मचारियों ने लाभ भी लिया था. इस योजना के अंतर्गत कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी 3-5 साल तक की छुट्टी पर जा सकता है, इस दौरान वह कहीं पर भी प्राइवेट नौकरी या बिजनेस कर सकता है. छुट्टी के दौरान उसे 50 फीसदी वेतन दिया जाता है.

छुट्टी में जाने से उसकी सीनियरटी प्रभावित नहीं होगी. वह पेंशन का हकदार होगा, लेकिन उसे इन्क्रीमेंट नहीं मिलेगा. इस योजना का लाभ लेते हुए अगर किसी अधिकारी कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है तो उसके आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने का प्रावधान था. इस योजना को 2007 में समाप्त कर दिया गया. लेकिन एक बार इसे फिर लागू करने की तैयारी की जा रही है.

MP GOVERNMENT EMPLOYEE FURLOUGH SCHEME 2002 के लाभ

> सरकारी अधिकारी या कर्मचारी कम से कम 3 और अधिकतम 5 साल के लिए छुट्टी पर जा सकता है.

> अवकाश के दौरान उसे 50% वेतन मिलेगा.

> छुट्टी के दौरान वह प्राइवेट नौकरी कर सकता है या फिर अपना बिजनेस कर सकता है.

> छुट्टी पर जाने से उसकी सीनियरिटी प्रभावित नहीं होगी.

> छुट्टी के दिनों में इंक्रीमेंट नहीं मिलेगा लेकिन कर्मचारी अपनी पेंशन का हकदार होगा.

> फरलो योजना का लाभ उठाते हुए यदि कर्मचारी करने का निधन हो जाता है तो उसके आश्रित अनुकंपा नियुक्ति के अधिकारी होंगे.

ऐसे अधिकारी-कर्मचारी नहीं ले सकेंगे फरलो का लाभ

> MP GOVERNMENT EMPLOYEE FURLOUGH SCHEME 2002 में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा एवं जनशक्ति नियोजन विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग एवं पुलिस विभाग के कुछ विशिष्ट पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा.

> परिविक्षाधीन शासकीय सेवक कोई योजना का लाभ नहीं मिलेगा. इस योजना के तहत वह कर्मचारी पात्र नहीं होगा जिसे डिपार्टमेंट द्वारा पेंशन के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है.

> निलंबित कर्मचारी अथवा जिसके खिलाफ कोर्ट में केस चल रहा है, इस योजना के लिए पात्र नहीं होगा.

> 3 अथवा 5 वर्ष की अवधि समाप्त होने से पूर्व कर्मचारी का अवकाश समाप्त नहीं होगा.

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