मध्यप्रदेश

MP के 8 शहरों की आबोहवा खतरनाक: नॉन-अटेनमेंट सिटी घोषित, प्रदूषण बढ़ने से भोपाल का AQI ‘गंभीर’ श्रेणी में; NGT ने मांगी रिपोर्ट

Aaryan Puneet Dwivedi
8 Jan 2026 1:12 AM IST
MP के 8 शहरों की आबोहवा खतरनाक: नॉन-अटेनमेंट सिटी घोषित, प्रदूषण बढ़ने से भोपाल का AQI ‘गंभीर’ श्रेणी में; NGT ने मांगी रिपोर्ट
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NGT ने मध्यप्रदेश के 8 शहरों में बढ़ते वायु प्रदूषण पर चिंता जताई। भोपाल में AQI ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचा। सरकार से 8 हफ्ते में रिपोर्ट मांगी।
  • मध्यप्रदेश के 8 शहरों में बढ़ा वायु प्रदूषण
  • भोपाल का AQI ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में
  • NGT ने सरकार से 8 हफ्ते में रिपोर्ट मांगी
  • ज्वाइंट कमेटी गठित, MPPCB बनी नोडल एजेंसी

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की भोपाल बेंच ने मध्यप्रदेश में बढ़ते वायु प्रदूषण पर गंभीर चिंता जताई है। विशेष रूप से भोपाल और इंदौर में वायु गुणवत्ता तय मानकों से काफी नीचे पाई गई है। कई मौकों पर भोपाल का AQI ‘बहुत खराब’ से बढ़कर ‘गंभीर’ स्तर तक पहुंच गया, जिसे जनस्वास्थ्य के लिए खतरा माना गया है।

8 शहर ‘नॉन-अटेनमेंट सिटी’ घोषित

NGT ने आदेश में बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, देवास, सागर और सिंगरौली को नॉन-अटेनमेंट सिटी घोषित किया है। इन शहरों में पिछले पांच वर्षों से PM₁₀ और PM₂.₅ के स्तर लगातार मानकों से अधिक हैं।

भोपाल में PM₁₀ का वार्षिक स्तर 130–190 μg/m³ और PM₂.₅ का स्तर 80–100 μg/m³ तक रिकॉर्ड किया गया — जो निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक है।

धुंध, स्मॉग और दृश्यता पर असर

NGT ने कहा कि ‘झीलों की नगरी’ कहलाने वाला भोपाल शीतकाल में लगातार धुंध, कम दृश्यता और उच्च AQI का सामना कर रहा है। कई रातों में AQI 300+ तक पहुंचा, जो गंभीर स्थिति दर्शाता है।

प्रदूषण के कई कारण

आदेश के अनुसार, बढ़ते प्रदूषण के पीछे कई कारण संयुक्त रूप से जिम्मेदार हैं —

  • पराली जलाना
  • निर्माण और विध्वंस से उड़ती धूल
  • वाहनों का धुआं
  • खुले में कचरा जलाना और लैंडफिल आग
  • पटाखे और औद्योगिक गतिविधियां

MP में अभी प्रभावी तंत्र नहीं

NGT ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में लागू GRAP और एयर-शेड आधारित नीति के बावजूद मध्यप्रदेश में अभी कोई प्रभावी राज्यस्तरीय तंत्र पूरी तरह लागू नहीं हुआ है, जिससे समस्या और गंभीर हो रही है।

ज्वाइंट कमेटी गठित — 6 सप्ताह में रिपोर्ट

ट्रिब्यूनल ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए एक संयुक्त समिति बनाई है। इसमें पर्यावरण, नगरीय प्रशासन, परिवहन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी शामिल हैं। समिति 6 सप्ताह में स्थिति का आकलन कर विस्तृत रिपोर्ट देगी। MP प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोडल एजेंसी बनाया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी।

FAQs — MP Air Pollution Case

AQI ‘गंभीर’ का मतलब क्या होता है?

इस स्तर पर हवा बेहद प्रदूषित होती है और बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और सांस/दिल के मरीजों के लिए ज्यादा खतरनाक मानी जाती है।

NGT ने क्या निर्देश दिए?

सरकार और विभागों से 8 हफ्तों में रिपोर्ट मांगी गई है और संयुक्त समिति बनाई गई है।

किन शहरों में प्रदूषण ज्यादा है?

भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, देवास, सागर और सिंगरौली ‘नॉन-अटेनमेंट सिटी’ सूची में हैं।

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.

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