मध्यप्रदेश

Madhya Pradesh OBC Reservation : हाईकोर्ट का निर्देश, एमपी में ओबीसी की भर्ती 14 प्रतिशत आरक्षण पर होगी

Suyash Dubey
13 July 2021 9:14 PM GMT
Madhya Pradesh OBC Reservation : हाईकोर्ट का निर्देश, एमपी में ओबीसी की भर्ती 14 प्रतिशत आरक्षण पर होगी
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Madhya Pradesh OBC Reservation High Court Decision Latest News : ओबीसी (OBC) वर्ग की भर्ती के लिये जबलपुर हाईकोर्ट (Jabalpur High Court) ने बड़ा फैसला लिया है। जिसके तहत मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में ओबीसी  (OBC) की भर्ती (Recruitment) 14 प्रतिशत आरक्षण पर ही होगी। जबकि शेष 13 प्रतिशत आरक्षित सीटों को रिर्जब में रखने के लिये कहा गया है।

Madhya Pradesh OBC Reservation High Court Decision Latest News : ओबीसी (OBC) वर्ग की भर्ती के लिये जबलपुर हाईकोर्ट (Jabalpur High Court) ने बड़ा फैसला लिया है। जिसके तहत मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में ओबीसी (OBC) की भर्ती (Recruitment) 14 प्रतिशत आरक्षण पर ही होगी। जबकि शेष 13 प्रतिशत आरक्षित सीटों को रिर्जब में रखने के लिये कहा गया है।

दरअसल मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण (OBC Reservetion) सहित अन्य सभी याचिकाओं पर मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाया है। मध्य प्रदेश मेंओबीसी आरक्षण (OBC Reservation in MP) को लेकर पूर्व में दिए गए आदेश में अंतरिम बदलाव करते हुए यह निर्णय लिया है। मामले में अगली सुनवाई 10 अगस्त को होगी। दरअसल, रिजर्वेशन पर फैसले के इंतजार में भर्ती प्रक्रियाओं पर असर पड़ रहा था।

एक साथ हुई सुनवाई

ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) भर्ती में हाईकोर्ट में 27 प्रतिशत आरक्षण की संवैधानिकता, 10 प्रतिशत इकोनॉमिक वीकर सेक्शन और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग आरक्षण की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं की एक साथ सुनवाई हुई।

चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस विजय शुक्ला की डबल बेंच ने पूर्व में 19 मार्च 2019 और 31 जनवरी 2020 को जारी अंतरिम आदेशों में बदलाव करते हुए अंतरिम व्यवस्था दी है।

ये है मामला

मध्य प्रदेश में ओबीसी (OBC) की आबादी 50 प्रतिशत से अधिक होने का हवाला देते हुए प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को 27 प्रतिशत देने के सरकार के निर्णय को चुनौती दी गई है। कांग्रेस शासन में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया था। ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने पर आरक्षण का कुल कोटा 50 प्रतिशत से अधिक हो रहा था। इसे आधार बनाकर हाईकोर्ट में विभिन्न पक्षों ने पक्ष-विपक्ष में कुल 31 याचिकाएं लगा रखी हैं। हाइकोर्ट एक साथ सभी याचिकाओं की सुनवाई कर रही है।

राज्य सरकार ने मांगा था दिशा-निर्देश

सरकार की तरफ से हाईकोर्ट में पक्ष रखने वाले महाधिवक्ता पुरुषेंद्र कौरव ने मीडिया इस सबंधं में जानकारी देते हुये बताया कि कोविड की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए मेडिकल के पदों पर भर्ती करनी है। इसे लेकर राज्य सरकार ने दिशा-निर्देश मांगे थे।

इस पर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने 14 प्रतिशत के अनुसार भर्ती करने और 13 प्रतिशत पदों को रिजर्व रखने का आदेश दिये है। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को 10 अगस्त से पहले लिखित में बहस पेश करने को कहा है। 10 अगस्त को हाईकोर्ट इस आधार पर निर्णय सुना सकती है।

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