मध्यप्रदेश

लंपी वायरस इफेक्टः प्रदेश के 26 जिलों में असर, 7 हजार से अधिक गाय संक्रमित, 101 की मौत

Lumpy Skin Disease
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Lumpy Virus MP News: राजस्थान के बाद मप्र में भी लंपी वायरस ने पैर पसारने शुरू कर दिए है।

Lumpy Virus MP News: राजस्थान के बाद मप्र में भी लंपी वायरस ने पैर पसारने शुरू कर दिए है। प्रदेश में लंपी वायरस का पहला केस रतलाम में सामने आया था, इसके बाद 45 दिन में ही यह संख्या 7 हजार 686 तक पहुंच गई। 26 जिलों के 1912 गांव लंपी वायरस की चपेट में आ चुके हैं। 101 गायों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा नुकसान खंडवा, नीमच और मंदसौर जिले में हुआ है।

इस वायरस का सबसे अधिक असर राजस्थान और गुजरात से सटे सीमावर्ती जिलों में अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, नीमच, राजगढ़ और बुरहानपुर में ज्यादा है।

इन प्रभावित जिलों में एलर्ट जारी कर दिया गया है। पशु चिकित्सा संस्थाओं, मुख्य ग्राम इकाई, पशु माता महामारी आदि में लगे वेटरनरी चिकित्सकां, असिस्टेंट सर्जन और असिस्टेंट वेटरनरी चिकित्सकां की तैनाती की गई है। राज्य पशु रोग अन्वेषण प्रयोगशाला भोपाल में कंट्रोल रूम बनाया गया है।

केन्द्र से मांगी गई राशि

वैक्सीन और इलाज के लिए मप्र सरकार ने केन्द्र की एस्केड योजना के तहत 1.76 करोड़ रूपए की मांग की है।

दूध पर भी नहीं पड़ता असर

अपर मुख्य सचिव पशु पालन विभाग जेएन कंसोटिया ने बताया कि इस वायरस का असर दूध पर नहीं होता। लंपी गाय से गाय और भैंस से भैंस में फैलता है। लेकिन भैंस में इसका एक भी केस नहीं मिला है। यह इंसानो में नहीं फैलता। प्रभावित मवेशियां को वैकल्पिक गोट पॉक्स दिया जा रहा है। यह बकरियों और भेड़ को दिया जाता है। गायों को इसकी तीन गुना डोज देनी पड़ती है। यह एक स्किन की बीमारी है, जो पॉक्स प्रजाति के वायरस गाय और भैसों में होती है।

जारी की एडवायजरी

विभाग द्वारा लंपी वायरस को लेकर एडवायजरी जारी कर दी है। जारी एडवायजरी के अनुसार कोविड की ही तरह लंपी वायरस का नियंत्रण करने, पशु पालकों को ग्राम सभाएं आयोजित कर सचेत करने की बात कही गई है। इसके अलावा जहां भी केस मिले उसके आसपास के 5 किमी के दायर में तेजी से वैक्सीनेशन कराने और विभागीय अमले को सेंसेटाइज करने को कहा गया है।

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