मध्यप्रदेश

लोकपथ 2.0 लॉन्च: अब सफर में मिलेगा ब्लैक स्पॉट अलर्ट, सीएम बोले- पहले फीता काटता था PWD, अब नवाचार कर रहा विभाग

Aaryan Puneet Dwivedi
10 Jan 2026 2:39 PM IST
लोकपथ 2.0 लॉन्च: अब सफर में मिलेगा ब्लैक स्पॉट अलर्ट, सीएम बोले- पहले फीता काटता था PWD, अब नवाचार कर रहा विभाग
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकपथ 2.0 ऐप लॉन्च किया। अब यात्रा के दौरान ब्लैक स्पॉट अलर्ट, SOS, रूट प्लानिंग और सड़क सुविधाओं की जानकारी मिलेगी। जानिए PWD के नए डिजिटल मिशन और कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क की पूरी कहानी।
  • लोकपथ 2.0 ऐप लॉन्च, सफर में मिलेगा ब्लैक स्पॉट अलर्ट
  • सीएम मोहन यादव बोले- PWD अब नवाचार का केंद्र बन रहा
  • रूट प्लानिंग, SOS और सड़क सुविधाओं की जानकारी मिलेगी
  • 1700 इंजीनियरों के सुझावों से बना कैपेसिटी फ्रेमवर्क

Lokpath 2.0 Launch | मध्यप्रदेश में डिजिटल रोड सेफ्टी का नया अध्याय

मध्यप्रदेश में सड़क सुरक्षा और डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकपथ 2.0 ऐप का शुभारंभ किया। रविंद्र भवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सीएम ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के नवाचारों, डिजिटल पहलों और अभियंताओं की क्षमता निर्माण पर केंद्रित सत्र का उद्घाटन किया। इस दौरान कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क दस्तावेज और पिछले दो वर्षों में किए गए नवाचारों पर आधारित पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।

What is Lokpath 2.0 | लोकपथ 2.0 क्या है

Lokpath 2.0 App नागरिकों को सड़क रखरखाव की निगरानी, शिकायतों का त्वरित निवारण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन SOS सुविधा और सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐप यात्रियों के लिए स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर की तरह काम करेगा। यात्रा के दौरान किसी खतरनाक स्थान यानी ब्लैक स्पॉट से 500 मीटर पहले ही वॉयस अलर्ट मिलेगा।

CM Mohan Yadav Statement | सीएम का बड़ा बयान

सीएम मोहन यादव ने कहा कि पहले लोक निर्माण विभाग को केवल नारियल फोड़ने और फीता काटने के लिए जाना जाता था। उन्होंने कहा कि पहले भी संसाधन और तकनीक मौजूद थे, लेकिन उनका सही उपयोग नहीं हो रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से यह सोच बदली है। अब देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और शहरों की तस्वीर बदल रही है।

Technology & Governance | तकनीक से बदली सोच

मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले तकनीक का समुचित उपयोग नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस ही भविष्य की दिशा तय करेगा। लोकपथ 2.0 उसी सोच का परिणाम है, जहां नागरिक केवल शिकायतकर्ता नहीं बल्कि सिस्टम का हिस्सा बनते हैं।

PWD Minister Rakesh Singh | “प्रदेश की गति तय करता है PWD”

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि PWD केवल सड़कें नहीं बनाता, बल्कि प्रदेश की गति और दिशा भी तय करता है। उन्होंने बताया कि वर्चुअल बैठक के माध्यम से प्रदेश के 1700 इंजीनियरों से सुझाव लिए गए, जिनमें से 927 इंजीनियरों के सुझावों के आधार पर कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क तैयार किया गया।

Training & Capacity Building | इंजीनियरों के लिए नया युग

मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में पिछले 70 वर्षों में इंजीनियरों के प्रशिक्षण के लिए कोई समर्पित भवन नहीं था, लेकिन अब प्रदेश में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र रिसर्च बेस्ड कैपेसिटी बिल्डिंग का आधार बनेगा और विभाग को तकनीकी रूप से और मजबूत करेगा।

Why Lokpath is Better Than Google | “गूगल से भी बेहतर होगा लोकपथ”

राकेश सिंह ने कहा कि गूगल कई जानकारियां देता है, लेकिन लोकपथ ऐप उससे भी बेहतर साबित होगा। यह ऐप यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग सुझाएगा, खतरनाक स्थानों की जानकारी देगा और सड़क किनारे अस्पताल जैसी जरूरी सुविधाओं की लोकेशन बताएगा। इससे दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिलेगी।

What Lokpath Already Does | अभी लोकपथ ऐप में क्या सुविधा है

लोकपथ ऐप 2 जुलाई 2024 को लॉन्च किया गया था। इसमें नागरिक क्षतिग्रस्त सड़कों की फोटो और विवरण अपलोड कर सकते हैं, जो सीधे संबंधित इंजीनियर तक पहुंचता है। शिकायत दर्ज होने के बाद 4 दिन की समय-सीमा में सड़क की मरम्मत की जाती है और फोटो अपलोड कर सूचना दी जाती है। यदि गलत जानकारी दी जाए, तो शिकायतकर्ता रियल टाइम चेक कर सकता है।

यह सुविधाएं देगा एप लोकपथ 2.0

  • यह एप रूट प्लानर का काम करेगा। कहीं भी जाने से पहले यह लोगों को बताएगा कि मुख्य मार्ग और वैकल्पिक मार्ग क्या हो सकते हैं।
  • सफर के दौरान रास्ते में आने वाले टोल प्लाजा और टोल रेट की जानकारी भी इस नए एप से लोगों को मिल सकेगी।
  • लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश भर के ऐसे ब्लैक स्पॉट चिह्नित कराए हैं, जहां अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं, यह एप सफर करने वालों को बताएगा कि कौन सा स्पॉट ब्लैक स्पॉट है जहां से गुजरने के दौरान अत्यंत सावधानी बरतनी है।
  • जिस मार्ग से आना जाना होगा, उस मार्ग में पड़ने वाले पर्यटन स्थल, धार्मिक स्थल, पेट्रोल पम्प, अस्पताल, पुलिस थाना और अन्य जानकारी भी इस एप से लोग पा सकेंगे।
  • एप में यात्रा के दौरान अचानक जरूरत होने पर आपातकालीन त्वरित सहायता के लिए हेल्पलाइन सुविधा भी रहेगी।
  • इसके साथ ही एप लोगों को रियल टाइम मौसम की जानकारी भी देगा, जिससे पता चल सकेगा कि कहां ज्यादा बारिश हो रही है और कहां आने जाने का रूट साफ है।

Role of Engineers | हर इंजीनियर का होगा इंडेक्स

PWD के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह ने बताया कि लोकपथ एप में मार्ग में पड़ने वाले एक्सीडेंट, ब्लैक स्पॉट और अस्पतालों की जानकारी उपलब्ध रहेगी। विक्रांत सिंह तोमर ने प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि हर इंजीनियर और विभाग का परफॉर्मेंस इंडेक्स बनेगा। मंत्री से लेकर कर्मचारी तक एक डैशबोर्ड सिस्टम तैयार किया जाएगा और बेहतर काम करने वालों को अवॉर्ड दिए जाएंगे।

Why This Matters | आम जनता के लिए क्या बदलेगा

Lokpath 2.0 सिर्फ एक ऐप नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता का नया मॉडल है। इससे नागरिकों को सुरक्षित यात्रा, त्वरित समाधान और सरकार से सीधा संवाद मिलेगा। यह पहल मध्यप्रदेश को डिजिटल गवर्नेंस के नए युग में ले जाने वाली मानी जा रही है।

FAQs | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

लोकपथ 2.0 क्या है?

लोकपथ 2.0 एक स्मार्ट मोबाइल ऐप है जो सड़क रखरखाव, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, SOS सुविधा और रूट प्लानिंग जैसी सेवाएं देता है।

ब्लैक स्पॉट अलर्ट कैसे काम करेगा?

यात्रा के दौरान किसी खतरनाक स्थान से 500 मीटर पहले वॉयस अलर्ट मिलेगा, जिससे चालक सतर्क हो सकेगा।

लोकपथ ऐप से शिकायत कैसे करें?

आप क्षतिग्रस्त सड़क की फोटो और विवरण ऐप पर अपलोड कर सकते हैं, जो सीधे संबंधित इंजीनियर तक पहुंचता है।

इस पहल से आम जनता को क्या फायदा होगा?

इससे सड़क सुरक्षा बढ़ेगी, शिकायतों का समाधान तेज होगा और यात्रा पहले से अधिक सुरक्षित बनेगी।

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.

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