मध्यप्रदेश

एमपी में अवैध कॉलोनियों को लेकर Latest Update, CM Shivraj ने अभी-अभी किया बड़ा ऐलान, खबर पढ़ उड़ जाएंगे होश

एमपी में अवैध कॉलोनियों को लेकर Latest Update, CM Shivraj ने अभी-अभी किया बड़ा ऐलान, खबर पढ़ उड़ जाएंगे होश
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mp illegal colonies 2023: एमपी सरकार प्रदेश के 5642 अवैध कॉलोनियों को वैध करने उठाऐगी कदम

mp illegal colonies Latest News 2023: मध्यप्रदेश में कॉलोनियों का समुचित विकास करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कंहा है कि प्रदेश में जो भी 5642 अवैध कॉलोनियों है उन्हे वैध करने का काम शासन-प्रशासन करेगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि कॉलोनी वैध करके उसका पूरा डवलमेंट किया जा सकेंगा। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा कमिश्नर और कलेक्टर वार्ता में कही है।

अवैध कॉलोनियों के तय हो शुल्क

मुख्यमंत्री ने कंहा है कि जो भी अवैध कॉलोनिया है, उनहे विकास के लिए यह जरूरी है कि जो भी व्यवहारिक शुल्क हो, उसे तय करके कालोनियों की अधोसंरचना को विकसित किया जाए। इसके लिए विकास के नियम में सरलीकरण करने के बात भी सीएम ने वार्ता के दौरान कही है।

सूची को किया जाए तैयार

मुख्यमंत्री ने कंहा है कि जो भी अवैध कॉलोनियों की सर्वेक्षण सूची बनाई गई है। उसका पुर्न परीक्षण करके सूची को अंतिम रूप दिया जाए और सूची का प्रकाशन 15 फरवरी तक कर दिया जाए। मार्च माह में कॉलोनियों का ले आउट तैयार किया जाए। तो वही रहवासी संगठन का गठन करके कॉलोनी के पूर्ण विकास के लिए विकास योजना बनाकर इस पर काम किया जाए।

मई तक पूरा होगा काम

मुख्यमंत्री ने कमिश्नर और कलेक्टर से वार्ता में कंहा है कि एक मई 2023 तक पूरे प्रदेश में मौजूद 5642 अवैध कॉलोनियों को वैध घोषित करके ऑन लाइन पोर्टल पर भवन अनुज्ञा प्रांरभ किया जाए। कंहा गया है कि अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए नगर पालिक विकास नियम 2021 में संशोधन किया जाएगा।

रहवासी संगठन करेगा कॉलोनी की देखभाल

वैध कॉलोनी को लेकर जो नियम बनाए जा रहे, उसके तहत रहवासी संगठन इसकी देखभाल करेगा, यानि की कॉलोनी के विकास से लेकर वंहा के बिजली कनेक्शन, नल कनेक्शन, भवन अनुज्ञा की पात्रता पर रहवासी संगठन की निगरानी रहेगी।

वैध कॉलोनी होने से ये होगा लाभ

अवैध को वैध कॉलोनी की पात्रता शहरी क्षेत्र में नगर-निगम कमिश्नर एवं नगर परिषद क्षेत्र में कलेक्टर देगें। कॉलोनी वैध हो जाने से भवन अनुज्ञा, अनुमतियां, बैंक लोन की पात्रता शुरू हो जाएगी। समय सीमा मे विकास होगा, सम्पत्ति की खरीदी-बिक्री, नक्शा, भवन अनुज्ञा की आवश्यकता अनुसार विकास शुल्क जमा कराया जाएगा। नियमित योजनाओं से विकास होगा, अमृत योजना, अधोसंरचना, सांसद एवं विधायक निधि से काम होगें।

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