खुशखबरी : Katni To Kanha Tiger Reserve चलेगी इंटरसिटी बसे, सुहाना होगा सफर

कटनी

कटनी. तीन साल से कागजी व तकनीकी पेंचों के बीच फंसी सिटी बस योजना अब एक बार फिर बाहर निकली है। नौवीं बार के हुए टेंडर में एक ऑपरेटर ने हिम्मत दिखाई है। सब कुछ सही रहा तो कुछ ही दिनों के अंदर शहर में इंटरसिटी और इंटरासिटी बसें चलेंगी, जिससे यात्रियों को काफी सुविधा होगी। खास बात यह है कि अब शहर के लोग सीधे कटनी से कान्हा टाइगर रिजर्व सहित अन्य बड़े शहरों के लिए सफर कर सकेंगे। 13 मार्च को टेंडर प्रक्रिया पर मुहर लग गई है। कटनी सिटी ट्रांसपोर्ट नगर निगम कटनी की निविदा समिति ने कलेक्टर व नगर निगम प्रशासक माध्यम से शासन को सिटी बस का प्रस्ताव विजवाया। नगरीय प्रशासन विभाग से प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। जानकारी के अनुसार विश्वास इंटरप्राइजेज देवास ने कटनी में सिटी बस चलाने का टेंडर लिया है। इसमें 8 इंटरसिटी बसें चलेंगी। कटनी से इंदौर दो बसें, कटनी से जबलपुर-छिंदवाड़ा दो बसें, कटनी-जबलपुर-कान्हा दो बसें, कटनी-बालाघाट-जबलपुर दो बसें चलेंगी। खास बात यह रही कि ये आठों बसें एसी वाली स्पेशल रहेंगी। इसके अलावा चाका से मिशन चौक होते हुए पिपरौंध, बिलहरी से मिशन चौक बस स्टैंड तक दो-दो इंटरसिटी बसें चलेंगी। ये बसें सामान्य रहेंगी। Good news: Katni to Kanha Tiger Reserve will run Intercity, Suhana will travel

 

मिनट्स जारी होते ही होगा वर्क ऑर्डर
बता दें कि 13 मार्च की हुई बैठक के बाद जैसे ही मिनट्स जारी होते हैं उसके बाद बसों के लिए वर्क ऑडर जारी हो जाएगा। बस ऑपरेटर बस तैयार करेगा। खास बात तो यह कि इन बसों में प्राइवेट बसों से किराया कम रहेगा। साथ ही महानगरों की तर्ज पर शहर को विकसित करना के लिए यह पहल की जा रही है। शहर से अभी दो रूटों पर फिर अन्य रूटों पर भी बस चलाने के लिए पहल होगी। बता दें कि सिटी बस के लिए 28 जनवरी को हुई निविदा प्रक्रिया हुई थी। अब 100 दिवस के अंदर अनुबंध कर बसों का संचालन करना होगा।

 

इन-इन तारीखों में हुए टेंडर
– 01 दिसंबर 2017
– 03 जनवरी 2018
– 3 फरवरी 2018
– 15 मार्च 2018
– 24 अप्रैल 2018
– 25 जून 2018
– 11 सितंबर 2019
– 09 दिसंबर 2019
– 28 जनवरी 2020

इस कारण योजना में हुई देरी
नगर निगम चार साल में सिटी बस नहीं चला पाया इसके पीछे की मुख्य वजह अनुबंध की शर्तें रही हैं। सिटी बस चलाने वाले बस ऑपरेटर का एक करोड़ रुपये का टर्नओवर होना अनिवार्य किया गया था। इसके अलावा 6 बसों का दो साल तक परमिट, बस ऑपरेटर की फर्म रजिस्टर्ड होना आवश्यक किया गया था, इसके चलते बसों के संचालन में देरी हुई। इसके अलावा तत्कालीन अधिकारी व जनप्रतिनिधि भी रुचि नहीं ले रहे थे।

इनका कहना है
सिटी बस के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। विभाग से भी प्रस्ताव पर स्वीकृति मिल गई है। अब शीघ्र ही वर्क ऑर्डर के बाद बसों के संचालन का प्रक्रिया शुरू होगी। बस ऑपरेटर से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है।
शैलेंद्र शुक्ला, अधीक्षण यंत्री नगर निगम।

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