
- Home
- /
- मध्यप्रदेश
- /
- मध्य प्रदेश के 36...
मध्य प्रदेश के 36 जिलों में IMD का रेड अलर्ट: 5 दिन तक आंधी-बारिश और ओले गिरेंगे, 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवा

मध्यप्रदेश के रीवा, सतना, शहडोल, अनूपपुर, भोपाल, शाजापुर, देवास, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, विदिशा, गुना, शिवपुरी, मुरैना, दतिया, भिंड और टीकमगढ़ में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है.
मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। पिछले 5 दिनों से पूरे प्रदेश में बादल, बारिश, आंधी, आकाशीय बिजली गरजने या चमकने या ओले गिरने का दौर जारी है। IMD के अनुसार, एक पश्चिमी विक्षोभ, एक चक्रवाती परिसंचरण और एक ट्रफ लाइन के कारण बारिश और ओलों का एक मजबूत सिस्टम सक्रिय है। इस वजह से प्रदेश में बारिश हो रही है। एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा।
आगामी 5 दिनों में प्रदेश के 36 जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी चलने की संभावना है। इनमें भोपाल, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, विदिशा, रायसेन, सीहोर, हरदा, शाजापुर, अनूपपुर, डिंडोरी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, छतरपुर और गुना जिले शामिल हैं।
इनमें से कुछ जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा शामिल हैं। इन जिलों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा या उससे अधिक हो सकती है। अन्य जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया गया है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। यलो अलर्ट वाले जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। पिछले 10 सालों में 7 साल पहले अप्रैल महीने में प्रदेश में बारिश हुई थी। इस साल भी ऐसा ही मौसम है।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे आंधी-बारिश के दौरान सुरक्षित रहें। वे घरों से बाहर न निकलें और बिजली के उपकरणों से दूर रहें।
ओले-आंधी से बचने के लिए IMD की एडवाइजरी जारी
- खुले क्षेत्र में फसलों को नुकसान से बचाने के लिए उन्हें समेटकर रखें।
- आकाशीय बिजली गिरने से जान-माल का खतरा होता है, इसलिए सुरक्षित स्थान पर रहें।
- घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें और यदि संभव हो तो यात्रा से बचें।
- सुरक्षित आश्रय लें और पेड़ों के नीचे शरण न लें।
- इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें।
- पूर्वी मध्य प्रदेश में जहां बारिश की संभावना है, वहां फसलों को सुरक्षित करने के उपाय के साथ सिंचाई और रासायनिक छिड़काव से बचें।
- पश्चिमी मध्य प्रदेश में जहां तेज धूप निकलने का अनुमान है, वहां हल्की सिंचाई करें।
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




