मध्यप्रदेश

महंगाई दबे पांव: FPPS के नाम पर 3.46% महंगी हुई MP में बिजली, हर महीने बढ़ रहा सरचार्ज

Aaryan Puneet Dwivedi
14 Feb 2026 10:27 AM IST
महंगाई दबे पांव: FPPS के नाम पर 3.46% महंगी हुई MP में बिजली, हर महीने बढ़ रहा सरचार्ज
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बिजली कंपनियों ने FPPS (Fuel and Power Purchase Adjustment Surcharge) के जरिए एक साल में 3.46% तक बिजली महंगी की। जानें मार्च बिल पर असर, 2026-27 टैरिफ प्रस्ताव और 26 फरवरी की जनसुनवाई की पूरी जानकारी।
  • एक साल में 3.46% तक महंगी हुई बिजली
  • FPPS के नाम पर हर महीने सरचार्ज में बदलाव
  • मार्च बिल में दिखेगा फरवरी फ्यूल सरचार्ज का असर
  • 26 फरवरी को भोपाल में टैरिफ पर जनसुनवाई

बिजली उपभोक्ताओं के लिए महंगाई दबे पांव बढ़ती जा रही है। बिजली कंपनियों ने Fuel and Power Purchase Adjustment Surcharge (FPPS) के नाम पर पिछले एक साल में बिजली की दरों में कुल 3.46 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी है। यह बढ़ोतरी सीधे टैरिफ में नहीं बल्कि फ्यूल सरचार्ज के रूप में हर महीने जोड़ी जा रही है। इसका मतलब यह है कि जो उपभोक्ता पहले 100 रुपये का बिल चुकाते थे, अब उन्हें उसी खपत के लिए 103 रुपये से ज्यादा भुगतान करना पड़ रहा है।

⚡ Quick Explainer

✔ 3.46% सालाना बढ़ोतरी

✔ हर महीने FPPS में बदलाव

✔ मार्च बिल में 1.58% असर

✔ 26 फरवरी को जनसुनवाई

FPPS क्या है और कैसे बढ़ता है बिल?

FPPS नियम के तहत कोयला, गैस, डीजल या अन्य ईंधन की कीमतों में बदलाव के आधार पर हर महीने अतिरिक्त सरचार्ज तय किया जाता है। यदि बिजली उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले ईंधन की लागत बढ़ती है तो कंपनियां वह अतिरिक्त खर्च उपभोक्ताओं के बिल में जोड़ देती हैं। यह राशि मूल बिल के ऊपर अलग से जोड़ी जाती है, जिससे कुल भुगतान बढ़ जाता है।

मार्च के बिल में कितना बढ़ेगा असर?

फरवरी 2026 में 1.58 प्रतिशत FPPS लागू किया गया है। इसका असर मार्च में आने वाले बिजली बिल पर दिखाई देगा। यदि किसी उपभोक्ता का बिल 1000 रुपये है तो लगभग 16 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ सकते हैं। केवल भोपाल शहर में ही इससे करीब 6 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली का अनुमान है।

2026-27 टैरिफ प्रस्ताव पर विवाद

बिजली कंपनियों ने आगामी 2026-27 टैरिफ में 10.19 प्रतिशत दर वृद्धि का प्रस्ताव नियामक आयोग के सामने रखा है। उपभोक्ता संगठनों ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि जब पहले ही FPPS के जरिए अतिरिक्त भार डाला जा रहा है, तो फिर नई दर वृद्धि उचित नहीं है। वहीं कंपनियों का तर्क है कि उत्पादन लागत और ईंधन कीमतों में वृद्धि के कारण यह जरूरी कदम है।

26 फरवरी को होगी जनसुनवाई

टैरिफ प्रस्ताव पर 26 फरवरी को भोपाल में जनसुनवाई निर्धारित है। दिलचस्प बात यह है कि पिछले एक साल से आयोग में अध्यक्ष पद खाली है। ऐसे में सुनवाई के बाद बिना अध्यक्ष के ही नए टैरिफ लागू किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

किन महीनों में बढ़ा FPPS?

माहप्रतिशत वृद्धि
अप्रैल 20253.46%
मई 20252.52%
जून 20252.36%
जुलाई 20252.59%
अगस्त 20250.97%
जनवरी 20261.03%
फरवरी 20261.58%

किन महीनों में घटा सरचार्ज?

माहप्रतिशत कमी
सितंबर 20252.73%
अक्टूबर 20254.73%
नवंबर 20252.23%
जनवरी 20250.90%
फरवरी 20250.23%
मार्च 20250.75%

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FPPS क्या है?

यह फ्यूल लागत के आधार पर लगाया जाने वाला अतिरिक्त सरचार्ज है।

बिल में कितनी बढ़ोतरी हुई?

एक साल में लगभग 3.46 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है।

मार्च बिल पर कितना असर पड़ेगा?

1000 रुपये के बिल पर करीब 16 रुपये अतिरिक्त।

टैरिफ पर सुनवाई कब है?

26 फरवरी को भोपाल में।

दर वृद्धि प्रस्ताव कितना है?

2026-27 के लिए 10.19 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव।

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.

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