मध्यप्रदेश

DA Hike In MP: मध्‍य प्रदेश के कर्मचारियों को मिलेगा 46% महंगाई भत्ता, आदेश जारी

DA Hike In MP: मध्‍य प्रदेश के कर्मचारियों को मिलेगा 46% महंगाई भत्ता, आदेश जारी
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DA Hike In Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के नियमित कर्मचारियों का महंगाई भत्ता में 04% बढ़ोतरी कर दी गई है. सरकार के द्वारा चार प्रतिशत की वृद्धि के आदेश जारी कर दिए जाएंगे।

DA Hike In MP: मध्य प्रदेश के नियमित कर्मचारियों का महंगाई भत्ता में 04% बढ़ोतरी कर दी गई है. सरकार के द्वारा चार प्रतिशत की वृद्धि के आदेश जारी कर दिए जाएंगे। इसके बाद महंगाई भत्ता 46 प्रतिशत हो गई है. प्रदेश में कर्मचारियों को एक जनवरी 2023 से 42 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। अब महंगाई भत्ते की दर 1 जुलाई 2023 से कुल 46% हो जाएगी.

अंतर्गत पूर्व प्रचलित मंहगाई भत्ता की दर 38% में 04% की वृद्धि करते हुये, 42% स्वीकृत कर भुगतान किया जा रहा है।

2/ राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि उपर्युक्त दरों में वृद्धि करते हुये निश्रानुसार तिथि व दर से मंहगाई भत्ता दिया जायेः-

अवधि जब से देय वर्तमान में प्रचलित मंहगाई भत्ते की दर का प्रतिशत मंहगाई भत्ते की वृद्धि का प्रतिशत वृद्धि उपरांत मंहगाई भत्ते की कुल दर

सातवें वेतनमान अंतर्गत दिनांक 01-07-2023 से 42% 04% 46%

3/ उपरोक्त वृद्धि के उपरांत मंहगाई भत्ते की दर जुलाई, 2023 से कुल 46% हो जायेगी। 4/ राज्य शासन के शासकीय सेवकों को उपरोक्तानुसार मंहगाई भत्ते में हुई वृद्धि का लाभ

दिनांक 01 मार्च, 2024 (भुगतान माह अप्रैल, 2024) से किया जायेगा।

5/ दिनांक 01 जुलाई, 2023 से 29 फरवरी, 2024 तक की एरियर राशि का भुगतान तीन समान किश्तों में क्रमशः माह जुलाई, अगस्त एवं सितम्बर, 2024 में किया जावेगा।

6/ राज्य शासन के कर्मचारी जो अवधि में सेवानिवृत / मृत हो गये हैं, एकमुश्त किया जायेगा। दिनांक 01 जुलाई, 2023 से 29 फरवरी, 2024 की उन्हें / नामांकित सदस्य को एरियर की राशि का भुगतान

7/ मंहगाई भत्ते में 50 पैसे अथवा उससे अधिक पैसे को अगले उच्चतर रूपये में पूर्णांकित किया जायेगा और 50 पैसे से कम राशि को छोड़ दिया जायेगा।

8/ मंहगाई भत्ते का कोई भी भाग किसी भी प्रयोजन हेतु वेतन के रूप में नहीं माना

जायेगा।

9/ यह भी सुनिश्चित किया जाये कि इन आदेशों के अन्तर्गत देय मंहगाई भत्ते के भुगतान पर किया गया व्यय संबंधित विभाग के चालू वर्ष के स्वीकृत बजट प्रावधान से अधिक न हो।









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