मध्यप्रदेश

MP में इंदौर-भोपाल से लेकर रीवा तक हाहाकार: कमर्शियल LPG की सप्लाई रुकी, छात्रों और बुजुर्गों के खाने पर संकट

Aaryan Puneet Dwivedi
11 March 2026 1:35 PM IST
MP में इंदौर-भोपाल से लेकर रीवा तक हाहाकार: कमर्शियल LPG की सप्लाई रुकी, छात्रों और बुजुर्गों के खाने पर संकट
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मध्य प्रदेश में कमर्शियल LPG संकट से होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर हैं। इंदौर, भोपाल और रीवा में सप्लाई ठप होने से आम जनता और कारोबारियों पर क्या होगा असर? जानें पूरी खबर।

भोपाल/इंदौर/रीवा: मध्य प्रदेश के खान-पान के शौकीनों और होटल कारोबारियों के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है। देश के अन्य राज्यों की तरह मध्य प्रदेश में भी अचानक कमर्शियल एलपीजी (LPG) गैस का बड़ा संकट गहरा गया है। इंदौर, भोपाल और रीवा जैसे बड़े शहरों में होटल, रेस्टोरेंट और मैरिज गार्डन संचालकों को जरूरत के मुताबिक सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि कई दुकानदारों ने अपने यहां चूल्हा बंद करने की चेतावनी दे दी है। कमर्शियल के अलावा कुछ शहरों में घरेलु एलपीजी की भी किल्लत की ख़बरें आ रही हैं।

इंदौर में बुजुर्गों और छात्रों के सामने खाने का संकट

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में होटल एसोसिएशन ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। एसोसिएशन का कहना है कि शहर में हजारों छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा और अकेले रहने वाले बुजुर्ग पूरी तरह से बाहर के खाने या टिफिन सर्विस पर निर्भर हैं।

अगर होटलों को गैस नहीं मिली और वे बंद हो गए, तो इन लोगों को दो वक्त की रोटी के लिए भटकना पड़ेगा। होटल संचालकों का तर्क है कि होटल इंडस्ट्री भी 'जरूरी सेवाओं' (Essential Services) का हिस्सा है, क्योंकि यह लाखों लोगों का पेट भरती है।

भोपाल: कीमत बढ़ने के बाद भी खाली हैं गोदाम

राजधानी भोपाल की कहानी और भी पेचीदा है। यहाँ के कारोबारियों का कहना है कि सरकार ने हाल ही में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें बढ़ाई थीं। उन्हें लगा था कि दाम बढ़ने के बाद सप्लाई सुधर जाएगी, लेकिन हकीकत इसके उलट है।

भोपाल में लगभग 2,000 से अधिक छोटे-बड़े रेस्टोरेंट हैं। शादी-ब्याह के इस पीक सीजन में गैस न मिलना कारोबारियों की कमर तोड़ रहा है। व्यापारियों का सवाल है कि जब सबसे ज्यादा जरूरत है, तभी सप्लाई में कटौती क्यों की गई?

रीवा और अन्य शहरों में मैरिज गार्डन परेशान

विंध्य क्षेत्र के प्रमुख शहर रीवा में भी इसका असर दिखने लगा है। यहाँ के मैरिज गार्डन और कैटरिंग संचालकों ने बताया कि उनके पास खाना पकाने के लिए गैस के अलावा कोई दूसरा सुरक्षित विकल्प नहीं है। अचानक सप्लाई रुकने से शादियों के ऑर्डर पूरे करना मुश्किल हो रहा है। यही हाल जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन से लेकर अन्य शहरों का भी है, जहाँ गैस की किल्लत ने व्यापार को पटरी से उतार दिया है।

आम जनता पर क्या होगा असर?

जब कमर्शियल गैस की सप्लाई कम होती है या कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ता है:

  • महंगी होगी थाली: होटलों में खाने के दाम 10% से 20% तक बढ़ सकते हैं।
  • बेरोजगारी का डर: होटलों में काम करने वाले हजारों वेटर्स, रसोइयों और सफाई कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा मंडरा सकता है।
  • बुजुर्गों को परेशानी: टिफिन सेंटर्स बंद होने से घरों में अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को मुश्किल होगी।

फिलहाल तेल कंपनियों की ओर से सप्लाई में इस बाधा का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है, लेकिन होटल एसोसिएशन ने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। यदि अगले 2-3 दिनों में स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में 'फूड इमरजेंसी' जैसे हालात बन सकते हैं। व्यापारियों का कहना है कि वे केवल सुचारू सप्लाई चाहते हैं ताकि आम जनता को असुविधा न हो।

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.

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