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MPPSC परीक्षाओं में देरी से अभ्यर्थी परेशान: राज्य सेवा, मेडिकल ऑफिसर और असिस्टेंट प्रोफेसर भर्तियों का भविष्य अनिश्चित

MPPSC की परीक्षाओं पर बढ़ता संकट: इंदौर. मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपी पीएससी) द्वारा आयोजित प्रमुख परीक्षाओं पर अनिश्चितता लगातार बढ़ती जा रही है। चाहे राज्य सेवा परीक्षा हो, मेडिकल ऑफिसर की भर्ती हो, या फिर असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती—सभी में देरी और अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। बीते चार महीनों से पीएससी की काम करने की गति धीमी हो गई है। न तो इंटरव्यू की तारीखें जारी हो रही हैं और न ही परीक्षाओं के परिणाम घोषित हो पा रहे हैं। इससे परीक्षार्थियों में निराशा और असमंजस बढ़ता जा रहा है।
राज्य सेवा परीक्षा 2023 का रिजल्ट और इंटरव्यू में देरी
राज्य सेवा परीक्षा 2022 के परिणाम की घोषणा 7 जून को हुई थी, लेकिन 120 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक इंटरव्यू की तारीखें तय नहीं हो पाई हैं। इसके अलावा, राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2023 का रिजल्ट, जो मार्च में आयोजित हुई थी, अधिकतम समय सीमा से 100 दिन देरी से घोषित किया गया है। इससे सैकड़ों उम्मीदवारों की उम्मीदें अधर में लटकी हुई हैं, जो परीक्षा के रिजल्ट और इंटरव्यू की तारीखों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
मेडिकल ऑफिसर भर्ती प्रक्रिया पर भी सस्पेंस
मेडिकल ऑफिसर के 895 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया भी रुकी हुई है। पीएससी ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद मेडिकल ऑफिसर भर्ती 2024 पर रोक लगा दी थी। हालांकि ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 30 अगस्त से शुरू हुई थी, लेकिन अंतिम तारीख 29 सितंबर बीत जाने के बाद भी इंटरव्यू कब होंगे, इस पर कोई स्पष्टता नहीं है।
कई परीक्षाओं पर सस्पेंस
राज्य सेवा परीक्षा: 2022 की राज्य सेवा परीक्षा का रिजल्ट घोषित होने के बाद से ही अगली परीक्षाओं की प्रक्रिया धीमी हो गई है। 2023 की मुख्य परीक्षा का रिजल्ट अभी तक नहीं आया है और 2024 की मुख्य परीक्षा के इंटरव्यू की तारीखें भी स्पष्ट नहीं हैं।
मेडिकल ऑफिसर भर्ती: मेडिकल ऑफिसर भर्ती के 895 पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन इंटरव्यू की तारीखें अभी तक घोषित नहीं हुई हैं।
सहायक प्राध्यापक भर्ती: विभिन्न विषयों की सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षाओं के परिणाम घोषित होने में काफी देरी हुई है।
अभ्यर्थियों की समस्याएं
तैयारी में बाधा: परीक्षाओं में हो रही देरी से अभ्यर्थियों की तैयारी बाधित हो रही है। उन्हें नहीं पता कि अगली परीक्षा कब होगी और उन्हें किस तरह की तैयारी करनी चाहिए।
मनोवैज्ञानिक दबाव: परीक्षाओं में देरी से अभ्यर्थियों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है। वे बेचैन और निराश हो रहे हैं।
भविष्य अनिश्चित: परीक्षाओं में हो रही देरी से अभ्यर्थियों का भविष्य अनिश्चित हो गया है। उन्हें नहीं पता कि उन्हें नौकरी कब मिलेगी।
आगामी परीक्षाओं पर भी संकट
दिसंबर 2024 से जून 2025 तक की अवधि एमपी पीएससी के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस दौरान लगभग 12-13 छोटी-बड़ी परीक्षाएं कराई जानी हैं, जिनमें से ज्यादातर के इंटरव्यू के लिए कम से कम 150 दिन का समय लगेगा। इससे यह सवाल उठता है कि परीक्षाएं समय पर कैसे संपन्न होंगी? खासतौर पर सहायक प्राध्यापकों के 1669 पदों के इंटरव्यू करवाना और राज्य सेवा परीक्षा 2022, 2023 और 2024 के इंटरव्यू करवाना पीएससी के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
उम्मीदवारों की बढ़ती चिंता
इस स्थिति ने लगभग डेढ़ लाख उम्मीदवारों को असमंजस में डाल दिया है। वे इस अनिश्चितता से जूझ रहे हैं कि उनकी परीक्षाओं का परिणाम कब आएगा और इंटरव्यू कब होंगे। एमपी पीएससी को इस संकट का शीघ्र समाधान निकालने की जरूरत है ताकि उम्मीदवारों की समस्याओं का निराकरण हो सके और वे आगे की तैयारी में जुट सकें।
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




