मध्यप्रदेश

Budget 2026 MP Impact: केंद्रीय करों में कटौती से मप्र को झटका, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर से मिल सकती है भरपाई

Aaryan Puneet Dwivedi
2 Feb 2026 11:58 AM IST
Budget 2026 MP Impact: केंद्रीय करों में कटौती से मप्र को झटका, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर से मिल सकती है भरपाई
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बजट 2026 मध्य प्रदेश पर असर: 16वें वित्त आयोग के तहत मध्य प्रदेश का टैक्स शेयर कम हुआ, जिससे सालाना ₹7500 करोड़ का नुकसान होगा, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, किसानों और शहरी विकास परियोजनाओं से लंबे समय में फायदे हो सकते हैं।

Budget 2026: मध्य प्रदेश पर सीधा असर

  • केंद्रीय करों में हिस्सेदारी घटी, मप्र को हर साल लगभग ₹7500 करोड़ का नुकसान
  • मौजूदा वित्तीय वर्ष में ही ₹2314 करोड़ कम मिलने का अनुमान
  • टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से राहत की उम्मीद
  • महिलाएं, किसान और शिक्षा सेक्टर को बजट से नए अवसर

Union Budget 2026 मध्य प्रदेश के लिए मिश्रित तस्वीर लेकर आया है। एक तरफ जहां केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी घटने से सरकार को बड़ा वित्तीय झटका लगा है, वहीं दूसरी ओर इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास, महिला सशक्तीकरण और कृषि-शिक्षा से जुड़े प्रावधान आने वाले वर्षों में राहत बन सकते हैं।

केंद्रीय करों में हिस्सेदारी घटी, मप्र को कितना नुकसान?

16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार ने अप्रैल 2026 से मार्च 2031 तक केंद्रीय करों में मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी 7.86% से घटाकर 7.34% कर दी है।

वित्त विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह 0.503% की कटौती हर साल राज्य को करीब ₹7500 करोड़ का नुकसान पहुंचाएगी। यानी अगले पांच सालों में दसियों हजार करोड़ रुपये कम मिलेंगे।

इतना ही नहीं, मौजूदा वित्तीय वर्ष (31 मार्च 2026 तक) के लिए भी राज्य को मिलने वाली राशि घटा दी गई है। पहले जहां ₹1,11,662 करोड़ मिलने का अनुमान था, वह अब घटकर ₹1,09,348 करोड़ रह गया है। यानी ₹2314 करोड़ का तत्काल नुकसान।

नुकसान क्यों अहम है?

यह कटौती ऐसे समय में हुई है जब राज्य सरकार कई लोक कल्याणकारी योजनाओं में अपना योगदान बढ़ाने की तैयारी कर रही है। उदाहरण के तौर पर जी राम जी जैसी योजनाओं में राज्य का हिस्सा 10% से बढ़ाकर 30% करने की योजना है, जिससे राज्य के वित्तीय बोझ में और इजाफा होगा।

एक्सपर्ट राय: कैपिटल एक्सपेंडिचर से मिल सकती है राहत

हालांकि आर्थिक विशेषज्ञ मानते हैं कि केंद्रीय करों की हिस्सेदारी कम होने के बावजूद कैपिटल एक्सपेंडिचर के जरिए मध्य प्रदेश को फायदा मिल सकता है।

अनुमान है कि केंद्रीय करों के हिस्से के रूप में राज्य को इस बार भी करीब ₹1.12 लाख करोड़ मिल सकते हैं। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए अलग से ₹2000 करोड़ मिलने की संभावना जताई जा रही है।

टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए बड़ी उम्मीद

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मध्य प्रदेश के उभरते शहर: टियर 2 और टियर 3 की पूरी सूची

बजट 2026 के बाद मध्य प्रदेश के शहरों में विकास की गति तेज हो गई है। राज्य के प्रमुख शहरों को उनकी सुविधाओं और जनसंख्या के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है।

📍 टियर 2 सिटी (Tier 2 Cities)

  • भोपाल: प्रशासनिक राजधानी और गवर्नेंस हब।
  • इंदौर: औद्योगिक और वाणिज्यिक (Commercial) केंद्र।
  • ग्वालियर: ऐतिहासिक महत्व और प्रमुख शैक्षणिक केंद्र।
  • जबलपुर: रणनीतिक और रक्षा (Defense) केंद्र।

📍 टियर 3 सिटी (Tier 3 Cities)

शहर विशेषता / पहचान
सागर प्रमुख शिक्षा केंद्र
सिंगरौली ऊर्जा राजधानी (Energy Hub)
देवास औद्योगिक हब
उज्जैन धार्मिक और पर्यटन केंद्र
सतना औद्योगिक / सीमेंट शहर
रीवा सौर ऊर्जा और शिक्षा
रतलाम प्रमुख रेलवे जंक्शन और व्यापार

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वित्त मंत्री ने बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए ₹12 लाख करोड़ की विशेष पूंजीगत सहायता का प्रावधान किया है।

वित्तीय जानकारों का मानना है कि इस श्रेणी में आने वाले मध्य प्रदेश के करीब 10 शहर इस फंड से लाभ उठा सकते हैं। भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों को ₹7000 करोड़ तक, जबकि अन्य शहरों को मिलाकर करीब ₹5000 करोड़ तक मिलने की संभावना है।

इस राशि का उपयोग सड़क, जल आपूर्ति, सीवेज सिस्टम और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने में होगा, जिससे निवेश और रोजगार दोनों बढ़ेंगे।

भोपाल को मिल सकती है यूनिवर्सिटी टाउनशिप

देश में प्रस्तावित पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप में से एक भोपाल को मिलने की संभावना जताई जा रही है। राज्य सरकार पहले से ही एयरपोर्ट के पास भौंरी क्षेत्र में AI और नॉलेज सिटी विकसित कर रही है।

यदि इसे यूनिवर्सिटी टाउनशिप के रूप में मंजूरी मिलती है, तो शिक्षा, रिसर्च और स्टार्टअप इकोसिस्टम को सीधा फायदा होगा।

सिंहस्थ 2028 को लेकर निराशा

मध्य प्रदेश सरकार ने सिंहस्थ 2028 के आयोजन के लिए ₹20,000 करोड़ के स्पेशल पैकेज की मांग की थी, लेकिन Budget 2026 में इसको लेकर कोई सीधी घोषणा नहीं की गई।

नगर निगम, अमृत बॉन्ड और जल परियोजनाएं

भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन जैसे बड़े नगर निगम अब अमृत बॉन्ड जारी कर सकेंगे। ₹1000 करोड़ तक के बॉन्ड पर केंद्र से ₹100 करोड़ तक की सहायता मिल सकती है।

अमृत 2.0 योजना के तहत 2025-26 के लिए ₹7022 करोड़ जारी किए गए हैं। भोपाल में ₹194 करोड़ की परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं, जिनमें कोलार और बैरागढ़ में नया सीवेज नेटवर्क शामिल है।

महिला सशक्तीकरण: शी-मार्ट और अमृत मित्र

'लखपति दीदी' मॉडल पर आधारित 'शी-मार्ट' योजना से मध्य प्रदेश की 16 लाख से ज्यादा महिलाएं जुड़ सकती हैं। इन मार्ट्स का संचालन पूरी तरह महिला स्वयं सहायता समूह करेंगे।

इसके अलावा 10,000 महिला अमृत मित्र जल गुणवत्ता की निगरानी करेंगी, ताकि पीने के पानी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

किसान, छात्राएं और स्वास्थ्य सेक्टर

75 लाख से अधिक छोटे किसानों के लिए ड्रोन तकनीक, डिजिटल कृषि मिशन और सूक्ष्म सिंचाई पर जोर दिया गया है।

वहीं 55 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनने से आदिवासी और दूरदराज क्षेत्रों की छात्राओं को पढ़ाई में बड़ी राहत मिलेगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में हर जिला अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की योजना है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में तत्काल इलाज संभव हो सकेगा।

Final Verdict: मप्र के लिए बजट 2026 कैसा?

Budget 2026 मध्य प्रदेश के लिए आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण जरूर है, क्योंकि केंद्रीय करों की हिस्सेदारी घटी है।

लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास, महिला सशक्तीकरण और कृषि-शिक्षा से जुड़े प्रावधान अगर सही तरीके से लागू होते हैं, तो यही बजट आने वाले वर्षों में मध्य प्रदेश की विकास कहानी को नई दिशा दे सकता है।

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.

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