मध्यप्रदेश

भोपाल: विद्यार्थियों की डेवलप की जाएगी स्किल, पढ़ाई के बाद नहीं घूमेंगे बेरोजगार

भोपाल: विद्यार्थियों की डेवलप की जाएगी स्किल, पढ़ाई के बाद नहीं घूमेंगे बेरोजगार
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अब विद्यार्थियों को इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि विद्यार्थी पढ़ाई पूरी होने के बाद बेरोजगार नही रहेंगे।

भोपाल: नई शिक्षा नीति के तहत हायर एजुकेशन (Higher Education) की पढ़ाई में काफी बदलाव किया गया है। अगर यह कहा जाय कि हायर एजुकेशन की शिक्षा अब डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट तक सीमित नहीं रह गई है तो अतिशयोक्ति न होगा। बताते हैं कि अब विद्यार्थियों को इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि विद्यार्थी पढ़ाई पूरी होने के बाद बेरोजगार नही रहेंगे। इसके लिए विद्यार्थियों की स्किल डेवलप की जाएगी। इसके तहत उच्च शिक्षा के नए क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क को को अंतिम रूप देने में जुटे यूजीसी ने इसे लेकर जो मसौदा तैयार किया है, जिसमें उच्च शिक्षा के सभी स्तरों पर छात्रों को अब अनिवार्य रूप से कौशल की शिक्षा भी दी जाएगी।

इसके तहत नेशनल हायर एजुकेशन क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क (National Higher Education Qualification Framework) के साथ नेशनल स्किल क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क (NSQF) को जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही एक नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (National Credit Framework) भी तैयार होगा। यूजीसी की माने तो इस पहल से उच्च शिक्षा के लिए जो नया क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क तैयार होगा, उसमें छात्र को उच्च शिक्षा की पढ़ाई के दौरान किसी न किसी एक स्किल से जोड़ा जाएगा। जिसके आधार पर वह कहीं भी नौकरी या फिर खुद का व्यवसाय शुरू कर सकेगा। यूजीसी ने इस दौरान उच्च शिक्षा के सभी स्तरों के लिए स्किल को शामिल करते हुए जो नया क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क बनाया है,उसमें एक साल का सर्टिफिकेट कोर्स करने वालों को स्किल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसका क्रेडिट उसमें दर्ज होगा। इसी तरह डिप्लोमा या फिर डिग्री कोर्स की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को प्रत्येक सेमेस्टर में स्किल से जुडे़ प्रशिक्षण के साथ कोर्स के पूरा होने पर इंटर्नशिप भी कराया जाएगा।

उद्योगों की जरूरत के आधार पर प्रशिक्षण

यूजीसी (UGC) ने उच्च शिक्षा के प्रत्येक स्तर पर विद्यार्थियों को स्किल से जोड़ने के लिए अलग-अलग मानक तैयार किया है। सर्टिफिकेशन कोर्स के दौरान विद्यार्थियों को विषय को समझने और उसका विश्लेषण करने सूचना को ठीक तरीके से पेश करने आदि से जुड़ा होगा। डिप्लोमा कोर्स के दौश्रान विश्लेषण करने के साथ ही तकनीक काम में दक्ष बनाने से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा। यूजीसी के मुताबिक इस सभी मानकों को उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

Ankit Pandey | रीवा रियासत

Ankit Pandey | रीवा रियासत

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