मध्यप्रदेश

एमपी में 162 सरकारी चिकित्सकों का नहीं है पता, कोई 28 तो कोई 38 साल से लापता

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मध्य प्रदेश में 162 चिकित्सक ऐसे हैं जो कि एक-दो माह से नहीं बल्कि 10, 15, 23, 28 और 38 साल से लापता हैं।

मध्य प्रदेश में 162 चिकित्सक ऐसे हैं जो कि एक-दो माह से नहीं बल्कि 10, 15, 23, 28 और 38 साल से लापता हैं। इसमें से ज्यादातर मेडिकल ऑफिसर हैं। जबकि कुछ विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। सबसे ज्यादा मंडला जिले से लापता हैं। यहां से 10 चिकित्सक गायब हैं। विडंबना तो यह है कि इन चिकित्सको को अब तक सरकारी नौकरी से नहीं निकाला गया है। सिर्फ बार-बार नोटिस देने की कार्रवाई की गई है।

अब स्वास्थ्य विभाग लापता चिकित्सकों के खिलाफ एक पक्षीय कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। स्वास्थ्य आयुक्त सुदाम पी खाडे़ की माने तो इन सभी को नौकरी पर लौटने के लिए सात दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। गौरतलब है कि सामान्य प्रशासन विभाग के तहत नियम है कि यदि आप बिना सूचना दिए ज्यादा समय तक छुट्टी पर रहते हैं तो इसे कर्तव्य हीनता मानते हुए नो वर्क-नो पे व्यवस्था लागू होती है। पेंशन भी रोक दी जाती है।

उसे नोटिस भेजेगा विभाग

बताया गया है कि जबलपुर के चिकित्सक महेशचंद्र ब्यौहार फरवरी 1984 से विभाग के रिकार्ड से गायब हैं। पांच साल पहले उनका निधन हो गया। लेकिन इस बारे में विभाग को नहीं पता। विभाग इन चिकित्सक को भी नोटिस भेजने की तैयारी में है। इसके अलावा कटनी के डॉ. विनीत गुप्ता 31 मार्च 1994 यानी 28 साल से लापता है। होशंगाबाद की चिकित्सक वसुधा तिवारी 12 अप्रैल 1999 से गायब है।

इंदौर के चिकित्सक एसएल उज्जैनी मार्च 2014 से लापता है। डॉ. मधु राठौर रायसेन में 3 नवंबर 2010 से गायब है। डॉ. आनंद चौधरी बैतूल 2008 से लापता है। डॉ. योगेन्द्र सिंह बाडिया विदिशा से 21 जुलाई 2010 से गायब है। डॉ. अभिषेक जैन रीवा 2 जून 2011 से सरकारी रिकार्ड के अनुसार गायब है। डॉ. कुलदीप वर्मा छिंदवाडा 13 जून 2005 से और डॉ. शशिकांत चौहान बडवानी 15 जून 2011 से लापता है।

कोरोना काल में भी नहीं लौटे

स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की माने तो गायब हुए 162 चिकित्सकों को 26 जून 2020 को अपनी ड्यूटी पर लौटने का समय दिया गया था। क्योंकि 2020 में कोरोना की शुरूआत हुई थी। इस दौरान सरकार ने एस्मा लागू कर दिया था। सभी सरकारी चिकित्सकों की छुट्टी निरस्त कर दी गई थी। काम पर लौटने के लिए बुलाया गया था। लेकिन कोई भी चिकित्सक काम पर नहीं लौटा।

वर्जन

'174 चिकित्सक गायब थे। पिछले साल 12 चिकित्सकों ने ज्वाइन कर लिया। अब शेष बचे 162 चिकित्सकों को अंतिम अवसर दिया जा रहा है। नोटिस मिलने के सात दिन के अंदर अगर चिकित्सक ज्वाइन नहीं करते तो अब सीधे नौकरी से हटाने की कार्रवाई की जाएगी।'

-सपना लोवंशी, एडिशनल हेल्थ डायरेक्टर

Suyash Dubey | रीवा रियासत

Suyash Dubey | रीवा रियासत

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