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Pune : कोरोना भय, खत्म हो रही मानवताः मां के शव के पास दो दिन तक भूख से तड़पती रही मासूम, महिला कांस्टेबल ने दिया दुलार

RewaRiyasat.Com
Viresh Singh Baghel
01 May 2021

महाराष्ट्र। कोरोना का भय ऐसा लोगों में हो गया है कि वे अब मानवता को भी भूल रहे है। ऐसा ही मामला महाराष्ट्र राज्य के पूणे स्थित पिंपरी चिंचवाड़ दिघी इलाके से सामने आया है। 

खबरों के मुताबिक यहा एक महिला की मौत हो गई और दो दिनों तक उसका शव घर में पड़ा रहा। महिला के शव के बगल में उसकी एक साल की बच्ची भी दो दिन भूख-प्यास से बिलखती रही, लेकिन कोई भी उसकी उसकी मदद के लिए नहीं आया।

 महिला कांस्टेबल ने दिया दुलार

सूचना पर पहुची पुलिस की दो महिला कांस्टेबल सुशीला गाभले और रेखा वाजे दरवाजा तोड़कर घर के अंदर घुसीं तो उनकी आंखें फटी रह गईं। एक साल की एक बच्ची शव के बगल में लेटी थी और भूख से तड़प रही थी। इसके बाद दोनों कांस्टेबल बच्ची को लेकर पुलिस स्टेशन आ गईं और महिला के शव को हॉस्पिटल भिजवाया।

यूपी की रहने वाली थी महिला

बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश की रहने वाली एक महिला अपने पति और बेटी के साथ किराए पर एक फ्लैट में रहती थी। उसका पति किसी काम से यूपी गया था। महिला यहां अपनी बेटी के साथ अकेले रह रही थी। माना जा रहा है कि उसका एक-दो दिन पूर्व निधन हो गया। 

दुर्गन्ध आने पर पुलिस को दी सूचना

पड़ोसियों को महिला के कमरे से दुर्गन्ध आने लगी, लेकिन कोरोना के डर की वजह कोई भी फ्लैट के अंदर घुसने को तैयार नहीं था। इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूप को उन्होने दिया था।

बच्ची को खिलाया दूध-बिस्किट

कांस्टेबल सुशीला गाभले का कहना था कि बच्ची की हालत लगातार गंभीर हो रही थी और अगर कुछ घंटे और हो जाते तो शायद कोई अनहोनी घट सकती थी। उन्होने बच्ची को दूध और बिस्किट खिलाया और फिर डॉक्टर की सलाह पर सिरप दिए। 

पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक मोहन शिंदे ने कहा कि बाल कल्याण समिति के निर्देशों के मुताबिक बच्ची को सरकारी चाइल्ड केयर होम में भेज दिया है। महिला के मौत की जांच की जा रही है। 

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