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लाकडाउन में बढ़े पति-पत्नी के बीच तकरार, कोर्ट पहुंचे 1050 नये मामले, तकरार के कारण हैरान करने..

लाकडाउन में बढ़े पति-पत्नी के बीच तकरार, कोर्ट पहुंचे 1050 नये मामले, तकरार के कारण हैरान करने..
भोपाल। कोरोना की वजह से हुए लाकडाउन में जहां लोग बेरोजगार हुए हैं वहीं कई लोगों की गृहस्थी भी उजड़ने की कगार पर है। एक अनुमान के मुताबिक 1050 नये मामले कुटुंब न्यायालय पहुंच गये हैं। वहीं 6347 पुराने मामले न्यायालय में पहले से लंबित हैं। नये मामलो में देखने केा मिला है कि ज्यादातर कोरोना के समय हुए लाकडाउन की वजह से हुआ है। विवाद का मुख्य कारण विदेश की नौकरी गवांने से या फिर एक साथ ज्यादा वक्त घर पर गुजारने से हुए घरेलू विवाद की वजह से है। मिली जानकारी के अनुसार पति पत्नी के नौकरी को लेकर विवाद हो रहा है। एक मामले में पति विदेश में नौकरी करता था लेकिन नौकरी चली गई। दूसरी नौकरी मिली नही और दोनों में विवाद होने लगा। मामला न्यायालय तक पहुंच गया।
वहीं दूसरा मामला भी विदेश में नैाकरी से जुडा हुआ है। जिसमें पत्नी पति को ताना दे रही थी कि उसका विवाह इसलिए तुमसे हुआ क्यांेकि वह विदेश में नौकरी करते थे। देश में नौकरी करने वाले कई लडके थे। मामला बढा और कुटुंब न्यायालय पहुंच गया। वही कांउंसलर शैल अवस्थी का कहना है कि वह दोनों में मेल मिलाप करवाने का प्रयास कर रही है। वही दोनों के परिजन भी समझौता चाह रहे हैं।
पति-पत्नी के बीच एक मामला तो इस तरह बिगड गया कि वह एक दूसरे का चेहरा तक देखाना पसंद नहीं कर रहे है। पति-पत्नी एक दूसरे से काफी नाराज है। जानकारी के अनुसार लाकडाउन के दौरान पति-पत्नी में साधारण विवाद हुआ लेकिन पत्नी ने पति को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद पति इतना नाराज हुआ कि वह न्यायालय खुलते ही तलाक की अर्जी लगा दी। इस समय पत्नी मायके में है। काउंसलिंग के दौरान दोनों में सुलह करवाने का प्रयास किया गया। पत्नी ने माना कि उससे गलती हो गई लेकिन पति का कहना है कि उसके आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है। वह अब पत्नी के साथ नहीं रह सकता। दोनों की आम सहमति से कुटुंब न्यायालय में तलाक की अर्जी लगाई है। वर्तमान आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाय तो पता चलता है कि प्रथम कुटुंब न्यायालय में 2037 प्रथम अतिरिक्त कुटुंब न्यायालय में 2249 तथा द्वतीय कुटुंब न्यायालय में 2061 चल रहे है। तो वहीं नये प्रकरण 1050 है।




