
- Home
- /
- लाइफस्टाइल
- /
- अगर आप सेल्फी लेने के...
लाइफस्टाइल
अगर आप सेल्फी लेने के है शौकीन तो आपका हो सकता है बुरा हाल, जरूर पढ़िये ये खबर
Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 11:26 AM IST

x
Get Latest Hindi News, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, Today News in Hindi, Breaking News, Hindi News - Rewa Riyasat
सेल्फी का क्रेज हर किसी के सिर चढ़कर बोल रहा है। युवाओं, खासकर लड़कियों में इसका क्रेज बहुत ही ज्यादा है। लेकिन, अति बुरी होती है। यह लत बड़ी शारीरिक समस्या भी बन सकती है। अगर आप भी ऑन स्पॉट सेल्फी खींचने का शौक रखते हैं तो जरूरत है आपको अलर्ट होने की। इससे कोहनी में दर्द की समस्या भी सामने आ रही है। डर्मोलॉजिस्ट डॉ. देवेंद्र का कहना है, जब हम घर से बाहर निकलते हैं तो धूप से अपनी स्किन को बचाने के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन फोन से निकलने वाली तरंगें अलग तरह की होती हैं। उसमें सनस्क्रीन भी कोई काम नहीं करती। स्किन पर पड़ रहा बुस असर खूबसूरत और सॉफ्ट स्किन किसको पसंद नहीं होती, लेकिन युवा खुद ही अपनी स्किन को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं। डॉक्टर्स के मुताबिक, सेल्फी का स्किन पर ज्यादा असर पड़ता है। जिस साइड पर आप अक्सर सेल्फी लेते हैं उस साइड की स्किन ड्राई हो जाती है। तीन गुना ज्यादा नुकसान ऐसे में जब आप उस जगह पर कोई भी क्रीम लगाते हैं तो वह बेअसर रहती है। इस तरह के डैमेज को कोई भी क्रीम रिपेयर नहीं कर सकती। हाल ही में आए एक सर्वे की मानें तो मोबाइल फोन से पडऩे वाली लाइट और रेडिएशन स्किन को धूप की किरणों से तीन गुना ज्यादा नुकसान पहुंचाती है। सेल्फी एल्बो बनी बड़ी समस्या हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. हरि अग्रवाल का कहना है, सेल्फी के आदी व्यक्ति का हाथ ज्यादातर हवा में रहता है। ऐसे में अगर आप प्रतिदिन कई बार सेल्फी लेते हैं तो यह सेल्फी एल्बो की वजह बन सकती है। यह एक नई तरह की बीमारी है, जिसमें कोहनी का दर्द सताने लगता है। शहर में सेल्फी एल्बो के केस भी सामने आने लगे हैं। वक्त से पहले दिखने लगे उम्रदराज किसी को भी छोटी उम्र में उम्रदराज दिखना गंवारा नहीं होता। ऐसे में सेल्फी की आदत आपकी स्किन को बूढ़ा बना सकती है। एक्सपर्ट के मुताबिक चेहरे पर लगातार स्मार्ट फोन की लाइट और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन स्किन को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे स्किन बूढ़ी होने लगती है, जल्दी रिंकल्स पडऩे लगते हैं। दरअसल, मोबाइल फोन की तरंगे सीधे डीएनए को नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए स्किन की नेचुरल रिपेयर क्षमता घट जाती है।<
Next Story




