कटनी

23 को नहीं आएँगे इंदौर-भोपाल समेत इन लोकसभा क्षेत्रों के चुनाव परिणाम, जानिए वजह...

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 6:07 AM GMT
23 को नहीं आएँगे इंदौर-भोपाल समेत इन लोकसभा क्षेत्रों के चुनाव परिणाम, जानिए वजह...
x
Get Latest Hindi News, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, Today News in Hindi, Breaking News, Hindi News - Rewa Riyasat

भोपाल। गुरुवार 23 मई को होने वाली लोकसभा चुनाव की मतगणना को लेकर चुनाव आयोग ने पूरी तैयारी कर ली है। इस बार नतीजों के लिए रतजगा होगा। अधिकांश लोकसभा क्षेत्रों के नतीजों की घोषणा अगले दिन यानी शुक्रवार 24 मई को हो पाएगी। भोपाल-इंदौर लोकसभा सीट के नतीजे भी 24 मई को ही आएंगे। पहला परिणाम गुरुवार को 23 मई को रात दस बजे के बाद आ सकता है। सबसे पहले मतगणना का काम कटनी जिले में पूरा होगा। यहां टेबल की संख्या सर्वाधिक 21 रखी गई है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव ने बताया कि इस बार चुनाव नतीजे घोषित होने में समय लग सकता है। प्रत्याशियों की संख्या, गिनती के चक्र की अधिकता सहित अन्य वजहों से परिणाम आने में समय लगेगा। सबसे पहले कटनी जिले में मतगणना का काम पूरा होगा।

सुबह आठ बजे से निवाड़ी को छोड़कर सभी 51 जिलों में मतगणना शुरू होगी। मतगणना में 913 सहायक रिटर्निंग ऑफिसर बनाए गए हैं। प्रत्येक टेबल पर एक मतगणना पर्यवेक्षक, एक सहायक, एक माइक्रो ऑब्जर्वर और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नियुक्त किया गया है।

स्ट्रांग रूम से अभ्यर्थी या उसके अधिकृत प्रतिनिधि की मौजूदगी में सुबह सात बजे ईवीएम सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाली जाएंगी। इसकी पूरी वीडियोग्राफी होगी। मतगणना केंद्रों की न तो वेबकास्टिंग होगी और न ही वाईफाई का इस्तेमाल किया जाएगा। रुझान और नतीजे चुनाव आयोग की वेबसाइट और वोटर हेल्पलाइन मोबाइल एप पर उपलब्ध होंगे।

इन वजहों से नतीजे आने में होगी देरी

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि उम्मीदवारों की संख्या और जहां गणना के चक्र अधिक हैं, वहां समय लगेगा। हर चक्र के बाद मतगणना एजेंट को गणना पत्र देना है। इसमें भी बार-बार गणना की मांग होती है। इसके बाद पहले चक्र के सभी मतदान केंद्रों की गणना का पत्रक बनाकर मिलान होगा और पर्यवेक्षक व रिटर्निंग ऑफिसर के हस्ताक्षर से चुनाव आयोग को भेजने के बाद सहायक रिटर्निंग ऑफिसर के पास बैठने वाले एजेंट को दिया जाएगा, इसमें समय लगेगा।

जहां पर 15 से ज्यादा उम्मीदवार हैं, वहां दो-दो बैलेट यूनिट लगाई गई थीं। इनसे गिनती में भी वक्त लगेगा। जिन मतदान केंद्रों की ईवीएम को पूरी प्रक्रिया से बंद नहीं किया गया, वे शुरू होने में परेशानी खड़ा करेंगी। इनसे मत निकालने में समय लगेगा। वीवीपैट की पर्चियां गिनने में लगभग चार घंटे का अतिरिक्त समय लगना है। इसके अलावा शिकवा-शिकायतों का निराकरण भी किया जाना है।

1800 सीसीटीवी कैमरे रखेंगे मतगणना पर नजर

29 लोकसभा सीटाें के लिए 292 हॉल में होने वाली मतगणना पर एक हजार 800 सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी। स्ट्रांग रूम से ईवीएम निकालने से लेकर पूरी मतगणना की वीडियो रिकॉर्डिंग होगी। हर मतगणना केंद्र को 30 से 40 कैमरों की जद में लिया गया है।

15 हजार कर्मचारी करेंगे गणना

29 लोकसभा क्षेत्र के मतों की गिनती का काम 15 हजार से ज्यादा कर्मचारी करेंगे। मतगणना के काम को अंजाम देने के लिए 104 पर्यवेक्षक मंगलवार रात तक जिलों में पहुंच जाएंगे। नौ हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किए गए हैं। मतगणना के लिए तीन हजार 248 टेबल लगाई गई हैं।

161 टेबलों पर सिर्फ डाक मतपत्र गिने जाएंगे। 22 जिलों में सुबह आठ बजे से ईवीएम से मतों की गिनती का काम शुरू हो जाएगा। जबकि, 19 जिलों में पहले डाक मतपत्रों की गिनती शुरू होगी। इसके आधा घंटे बाद ईवीएम से गिनती का काम भी साथ-साथ शुरू हो जाएगा।

Next Story
Share it