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विंध्य समेत MP के इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, इंदौर में सुबह से काले बादलों का डेरा

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 5:56 AM GMT
विंध्य समेत MP के इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, इंदौर में सुबह से काले बादलों का डेरा
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इंदौर. मानसून के एक बार फिर दस्तक देने से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। भोपाल में जहां 10 घंटे में 4 इंच बारिश हुई वहीं, इंदौर में तीन घंटे में 2.7 इंच, कसरावद में एक ही रात में चार इंच और महू में 6 इंच बारिश से कई इलाके कमर तक पानी में डूबे रहे। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, होशंगाबाद, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, सतना, सीधी, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, रायसेन, सीहोर समेत 42 जिलों में अगले 48 घंटे में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इंदौर में तो सुबह से ही काले बादलों का जमावड़ा है।

यशवंत सागर में आया पानी : बारिश के बाद यशवंत सागर में 24 घंटे में चार फीट पानी बढ़ गया। बड़े बिलावली तालाब में 13 फीट पानी आ चुका है। यशवंत सागर से नगर निगम ने पहले की तरह 30 एमएलडी पानी लेना भी शुरू कर दिया है। जलकार्य समिति प्रभारी बलराम वर्मा ने बताया यशवंत सागर की क्षमता 19 फीट की है। बुधवार सुबह तक इसमें 9 फीट पानी था। रात को तेज बारिश और कैचमेंट एरिया से आए पानी से स्तर 13 फीट हो चुका है। बिलावली तालाब में भी 13 फीट पानी आ चुका है। इसकी क्षमता 34 फीट है। यह भरेगा तो पानी छोटा बिलावली हाेते हुए पीपल्यापाला पहुंचेगा।

नाले में बच्चे के बहने की सूचना : हीरा नगर टीआई राजीव सिंह भदौरिया ने बताया दोपहर 12 बजे 12 साल के बच्चे ने खातीपुरा नाले के दूसरे किनारे से करीब 10-11 साल के बच्चे को नाले में बहते हुए देखा। उसने शोर मचाया तो लोगों ने पुलिस को सूचना दी। बाणगंगा पुलिस और हीरा नगर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने होमगार्ड जवानों को साथ लेकर तलाशी शुरू की। पहले डंडे और लोहे की हेकड़ी से बच्चे को तलाश किया गया। इसके बाद होमगार्ड द्वारा नाले में नाव उतारी गई और खातीपुरा नाले से एमआर-10 ब्रिज नाले तक तलाशी की। शाम 7 बजे अंधेरा होने पर रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया। पुलिस के पास लापता बच्चे की शिकायत पहुंचेगी तभी शुक्रवार को तलाशी अभियान आगे बढ़ेगा वरना अभियान रोक देंगे।

महू में 6 इंच बारिश, पानी में डूबी पटरियां:धार, झाबुआ और महू में तीन दिन से बारिश जारी है। महू में 6.08 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई, यहां गंभीर नदी उफान पर है। रेल पटरियां पानी में डूबी हुई हैं। देवास में शिप्रा उफान पर रही। यहां शिप्रा डेम का जलस्तर 493 मीटर पहुंचा। डेम के गेट खोले गए।

20% अधिक बारिश दर्ज:एक जून से 12 जुलाई तक प्रदेश के 18 जिलों में सामान्य से 20% अधिक वर्षा हुई है। 12 जिलों में सामान्य। 20 जिलों में सामान्य से कम। सबसे ज्यादा 16 इंच बारिश सीहोर में हुई है।

इसलिए हो रही तेज बारिश :पूर्व वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एसके नायक ने बताया कि समुद्र तल पर मानसून लाइन झुनझुनू, शिवपुरी, सीधी, चाइबासा और दीघा तक फैली है। दीघा से पूर्वोत्तर में मध्य पूर्व बंगाल की खाड़ी में औसत समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर तक फैली है, यही वजह है कि प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तेज बारिश हो रही है।

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