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बेहद आसान भाषा में समझिए 'क्या है अग्निपथ योजना'; जानिए अग्निवीरों की भर्ती से लेकर सैलरी और रिटायरमेंट तक की प्रक्रिया

Agnipath Scheme
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Agnipath Scheme

अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) के चलते देश भर में हो रहें विरोध प्रदर्शन के बीच मोदी सरकार के रक्षा मंत्रालय ने प्रेस कांफ्रेंस कर योजना से जुड़ी हर जानकारी के बारे में बताया है.

अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) को लेकर देश के कई राज्यों में हिंसक प्रदर्शन हो रहें हैं. इस बीच रक्षा मंत्रालय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की है, जिसमें योजना की पूरी जानकारी देश वासियों के सामने रखी गई है. साथ ही यह भी कहा गया है कि न तो अग्निपथ योजना रोल बैक होगी और न ही किसी भी सूरत में रद्द होगी एवं सेना में अब सभी भर्तियां इसी योजना के अंतर्गत होंगी. 25 हजार अग्निवीरों का पहला बैच दिसंबर में आर्मी जॉइन कर लेगा.

प्रदर्शन और तोड़फोड़ करने वाले अनुशासनहीन, उन्हें आर्मी में जगह नहीं

लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि प्रदर्शन और तोड़फोड़ करने वाले लोग अनुशासनहीन हैं और अनुशासनहीनों के लिए आर्मी में कोई जगह नहीं है. वे कभी भी अग्निवीर नहीं बन सकते हैं और न ही उन्हें अग्निपथ योजना में शामिल होने दिया जाएगा.

पुरी के अनुसार अग्निपथ के विरोध में कोचिंग इंस्टीट्यूट चलाने वालों ने छात्रों को भड़काकर प्रदर्शन कराया है. उन्होंने कहा कि अग्निवीर बनने वाला शपथपत्र देगा कि उसने कोई प्रदर्शन नहीं किया है न तोड़फोड़ की. बिना पुलिस वेरिफिकेशन के कोई सेना में शामिल नहीं होगा. युवा फिजिकली तैयार हों, ताकि वह हमारे साथ जुड़कर ट्रेनिंग कर सकें. पुरी ने कहा कि योजना को लेकर हाल में हुई हिंसा का अनुमान नहीं लगाया था.

सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 10 बड़ी बातें

  1. वायुसेना 24 जून को, नौसेना 25 जून, थल सेना 1 जुलाई को नोटिफिकेशन जारी करेगा.
  2. 25 हजार अग्निवीरों का पहला बैच दिसंबर में जॉइन करेगा.
  3. अग्निवीरों का दूसरा बैच फरवरी 2023 में जॉइन करेगा.
  4. प्रदर्शन और तोड़फोड़ करने वाला अग्निवीर नहीं बन सकेगा.
  5. सेना में अब सैनिकों की भर्ती अब अग्निपथ योजना से ही होगी.
  6. नौसेना में होंगी महिला अग्निवीर, ये युद्धपोतों पर तैनात होंगी.
  7. अग्निपथ को रोल बैक करने जरूरत नहीं, न ही ये वापस होगा.
  8. अग्निवीर के शहीद होने पर एक करोड़ रुपए आश्रितों को मिलेंगे.
  9. तीनों सेनाओं में पांच साल में सवा लाख अग्निवीर तैयार होंगे.
  10. अग्निवीरों के अलाउंस आम सैनिकों से ज्यादा होंगे.

अग्निपथ स्कीम के तहत ऐसे होगी अग्निवीरों की भर्ती

  • अग्निपथ स्कीम के तहत भर्ती होगी.
  • सर्विस की जरूरतों के आधार पर महिलाओं को भी मौका मिलेगा.
  • 17.5 से 21 साल तक के युवा आवेदन कर सकेंगे.
  • मौजूदा मेडिकल और फिजिकल नियमों के तहत चयन होगा.
  • आर्ल्ड फोर्सेज के नियमों के मुताबिक, 10वीं या 12वीं पास की शैक्षिक योग्यता अनिवार्य होगी.
  • 10वीं पास करके आए अग्निवीरों को 12 वीं का सर्टिफिकेट देने के लिए सिस्टम तैयार किया जाएगा.

इंडियन एयरफोर्स (IAF) में अग्निवीरों के लिए प्रमुख नियम

  1. अग्निवीरों में 17.5 साल से 21 साल तक के युवाओं को फिजिकल फिटनेस और शैक्षिक योग्यता के आधार पर भर्ती किया जाएगा. अभ्यर्थी को नामांकन कराना होगा.
  2. 18 साल से कम आयु वाले अभ्यर्थियों को अपने माता-पिता या अभिभावक की स्वीकृति जरूरी होगी.
  3. नियुक्ति चार साल के लिए होगी. जॉब पूरी होने के बाद इंडियन एयरफोर्स इन्हें अग्निवीर होने का प्रमाणपत्र देगी, जिसे ये युवा अपने रिज्यूमे में अग्निवीर के तौर पर अपडेट कर सकेंगे.
  4. अग्निवीरों को किसी भी सेना में शामिल होने का अधिकार नहीं मिलेगा. इनका फोर्स या अन्य जॉब में सिलेक्शन सरकारी नियमों के तहत ही होगा.
  5. मेडिकल ट्रेडमैन को छोड़कर भारतीय वायु सेना के नियमित कैडर में एयरमैन के रूप में नामांकन केवल उन्हीं कर्मियों के लिए उपलब्ध होगा, जिन्होंने अग्निवीर का कार्यकाल पूरा किया होगा.
  6. अग्निवीरों को कहीं भी किसी भी प्रकार की ड्यूटी पर भेजा जा सकता है.
  7. अग्निवीरों की ड्रेस तय होगी, युवाओं को अपनी वर्दी में ही ड्यूटी करनी होगी.
  8. अग्निवीर चुने जाने के बाद युवाओं को मिलेट्री ट्रेनिंग दी जाएगी.
  9. ड्यूटी के दौरान अग्निवीरों को सभी प्रकार की मेडिकल सुविधाएं दी जाएंगी.
  10. अग्निवीरों को पहले साल तीस हजार रुपए महीने वेतन मिलेगा. इसके अलावा ड्रेस और ट्रेवल अलाउंस भी दिया जाएगा.
  11. अग्निवीरों का 48 लाख रुपए का बीमा कराया जाएगा, जो उनके सेवा काल तक प्रभावी रहेगा.
  12. ड्यूटी के दौरान अगर अग्निवीर का निधन हो जाता है तो उन्हें बीमा की रकम मिलेगी. इसके अलावा उनके बचे हुए कार्यकाल का वेतन भी मिलेगा.

14 जून को हुई घोषणा के बाद से अब तक हुए बदलाव

  • CAPF और असम राइफल्स में अग्निवीरों के लिए 10% आरक्षण.
  • मौजूदा साल में अग्निवीर की आयु सीमा 21 से बढ़ाकर 23 कर दी गई है.
  • इंडियन कोस्ट गार्ड, डिफेंस सिविलियन पोस्ट के साथ डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग की 16 कंपनियों में भी नियुक्तियों में आरक्षण मिलेगा.
  • अग्निवीरों को रिटायरमेंट के बाद सस्ता लोन दिया जाएगा और सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी.

अग्निवीर योजना को लाने के उद्देश्य

  • अनिल पुरी ने कहा- तीनों सेना प्रमुख और CDS ने मिलकर दुनिया के सभी देशों की सेनाओं की औसत उम्र देखी गई. सेना में बदलाव का प्रोसेस 1989 से चल रहा है. सेना की औसत उम्र 32 साल थी, इसे 26 पर लाना हमारा लक्ष्य था. हमें सेना में यूथ चाहिए. हमें जुनून जज्बे के साथ होश की भी जरूरत है.
  • जिस दिन अग्निपथ की घोषणा हुई उस दिन दो ऐलान हुए पहला देश भर में साढ़े दस लाख नौकरियां और 46 हजार वेकेंसी सेना में अग्निवीर के रूप में, लेकिन लोगों तक केवल 46 हजार की बात ही पहुंची.
  • अगले 4-5 साल में हमारे सैनिकों की संख्या 50-60 हजार होगी और बाद में बढ़कर 90 हजार से 1 लाख हो जाएगी. हमने योजना का विश्लेषण करने और बुनियादी ढांचे की क्षमता बढ़ाने के लिए 46,000 के छोटे ग्रुप से शुरुआत की है.
  • घोषणा के बाद हुए बदलाव किसी डर से नहीं बल्कि ये सब पहले से ही तैयार थे. उम्र में बदलाव कोरोना काल में लगे लॉकडाउन के कारण किए गए.

नौसेना में तैनात होंगी महिला अग्निवीर

इस दौरान भारतीय नौसेना की ओर से कहा गया कि 21 नवंबर से पहला नौसैनिक अग्निवीर बैच ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, आईएनएस चिल्का, ओडिशा में पहुंचना शुरू हो जाएगा. इसके लिए महिला और पुरुष दोनों अग्निवीरों को जाने की अनुमति होगी. भारतीय नौसेना के पास वर्तमान में विभिन्न भारतीय नौसेना के जहाजों पर 30 महिला अधिकारी हैं. वाइस एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि हमने तय किया है कि अग्निपथ योजना के तहत महिलाओं की भी भर्ती होगी जिन्हें युद्धपोतों पर भी तैनात किया जाएगा.

क्या है अग्निपथ योजना

अग्निपथ इंडियन फोर्सेज के लिए एक अखिल भारतीय शॉर्ट टर्म सेवा युवा भर्ती स्कीम है. इस योजना के तहत भर्ती किए जाने वाले फोर्सेज को अग्निवीर कहा जाएगा. जिनकी तैनाती रेगिस्तान, पहाड़, भूमि, समुद्र या हवा में की जाएगी. अग्निवीरों को इंडियन फोर्सेज की तीनों शाखाओं जल सेना, थल सेना और वायु सेना में शामिल किया जाएगा. अग्निपथ योजना का ऐलान 14 जून को मोदी सरकार ने किया था. इस स्कीम के तहत नौजवानों को सिर्फ 4 साल के लिए डिफेंस फोर्स में सेवा देनी होगी. सरकार ने यह कदम तनख्वाह और पेंशन का बजट कम करने के लिए उठाया है.

डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स की तरफ से तैयार की गई अग्निपथ रिक्रूटमेंट स्कीम को पहले 'टूर ऑफ ड्यूटी' नाम दिया गया था. बाद में इसे अग्निपथ योजना नाम दिया गया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मुताबिक़ अग्निवीरों के भर्ती के लिए पहली भर्ती रैली 90 दिनों में होगी.

अग्निवीरों की सैलरी

जॉइनिंग के पहले साल में अग्निवीरों को 4.76 लाख रुपए का पैकेज मिलेगा. वहीं 4 साल का कार्यकाल खत्म होने तक इसे 6.92 लाख रुपए तक बढ़ाया जा सकता है. यानी अग्निवीरों को हर महीने 30 हजार से 40 हजार सैलरी मिलेगी. इसके अलावा तीनों सेनाओं के स्थायी सैनिकों की तरह अवॉर्ड, मेडल, भत्ता मिलेगा. वहीं सरकार 44 लाख का बीमा भी कराएगी.

4 साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद अग्निवीर सेना में स्थाई नौकरी के लिए आवेदन कर सकेंगे. सेना के अधिकारी अग्निवीरों को उनकी योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर उन्हें स्थाई करने पर विचार करेंगे. 25% 'अग्निवीरों' को स्थायी कैडर में भर्ती किया जाएगा.

4 साल बाद रिटायर हुए अग्निवीरों को क्या सुविधाएं मिलेंगी

सेना से रिटायर होने वाले 75% अग्निवीरों को सेवा निधि पैकेज दिया जाएगा. यह 11-12 लाख रुपए का पैकेज आंशिक तौर पर अग्निवीरों के ही मंथली कंट्रीब्यूशन से फंड किया जाएगा. इसके अलावा उनको मिले स्किल सर्टिफिकेट और बैंक लोन के जरिए उन्हें दूसरा करियर शुरू करने में मदद की जाएगी.

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