जबलपुर

जबलपुर में STF ASI रिश्वत लेते गिरफ्तार: 1 लाख की रिश्वत मांगने पर कार्रवाई, लोकायुक्त टीम ने डिलीवरी बॉय बनकर दबोचा

जबलपुर में STF ASI रिश्वत लेते गिरफ्तार: 1 लाख की रिश्वत मांगने पर कार्रवाई, लोकायुक्त टीम ने डिलीवरी बॉय बनकर दबोचा
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प्रॉपर्टी डीलर मोहम्मद जावेद ने ASI निसार अली की रिश्वतखोरी से परेशान होकर लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई। 

प्रॉपर्टी डीलर मोहम्मद जावेद ने ASI निसार अली की रिश्वतखोरी से परेशान होकर लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई।

मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी ASI ने बैंक लोन से जुड़े मामले की जांच रफा-दफा करने के लिए एक प्रॉपर्टी डीलर से 20 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। प्रॉपर्टी डीलर जब बैंक पहुंचा तो पता चला कि बैंक की तरफ से ऐसी कोई शिकायत पुलिस या STF में नहीं की गई है। इसके बाद उन्होंने लोकायुक्त में शिकायत की।

प्रॉपर्टी डीलर मोहम्मद जावेद ने ASI निसार अली की रिश्वतखोरी से परेशान होकर लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त की टीम ने गुरुवार रात डिलीवरी बॉय बनकर ASI निसार अली को गिरफ्तार कर लिया।

ASI निसार अली पहले शहर के गोहलपुर थाने में पदस्थ रहा है। वह जानता था कि मोहम्मद जावेद प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। वह जावेद की हर एक्टिविटी पर लगातार नजर बनाए हुए था। उसे जानकारी लगी कि बैंक का लोन नहीं चुकाने पर बैंक ने जावेद की गोहलपुर वाली प्रॉपर्टी (मकान) नीलाम कर दी है। आरोपी ASI पुलिस डिपार्टमेंट में 26 साल से नौकरी पर है। वह सिपाही पदस्थ हुआ था। 3 साल पहले STF में था। 3 दिन पहले ही यूनिट से हटाकर उसे लाइन भेजा गया है।

12.5 लाख के लोन पर 20 लाख रुपए की रिश्वत मांगी

जांच में पता चला कि ASI निसार अली ने जावेद से 12.5 लाख रुपये के लोन पर 20 लाख रुपये रिश्वत मांगी थी। उसने जावेद को धमकाया था कि अगर उसने पैसे नहीं दिए तो उसे और उसके भाई को जेल भेज दिया जाएगा।

शिकायतकर्ता प्रॉपर्टी डीलर ने बताया कि 25 दिनों पहले एएसआई निसार का उसके पास पहली बार कॉल आया। उसने मिलने के लिए साइबर ऑफिस बुलाया। ऑफिस में निसार के साथ तीन और लोग थे। कुछ दस्तावेज़ दिखाएँ और कहा कि तुम्हारे खिलाफ बैंक से कम्प्लेंन है। इसकी जांच मिली है। मामला बड़े अधिकारियों तक पहुँच गया है, अब बच पाना मुश्किल है।

इन दस्तावेजों के बलबूते एएसआई मुझे परेशान कर रहा था। जिस प्रॉपर्टी के नाम पर वह मुझे परेशान कर रहा था वह साढ़े 12 लाख की थी। लेकिन केस को रफा-दफा करने के एवज में निसार मुझसे 20 लाख रुपए की डिमांड कर रहा था। बाद में टुकड़ों में पैसे देने की बात उसके द्वारा कही गई।

जावेद ने बताया कि निसार ने धमकी दी कि पैसे नहीं मिले तो तुम्हारे साथ भाई भी जेल जाएंगे। वह 25 दिन से रोज वाट्सएप कॉल कर दमोह नाका बुलाता। मिलने जाते तो मोबाइल जब्त कर लेता था।

एक हफ्ते पहले की लोकायुक्त से शिकायत

एक हफ्ते पहले प्रॉपर्टी डीलर ने ASI के खिलाफ जबलपुर लोकायुक्त SP से शिकायत की। इधर, गुरुवार दोपहर उनके पास ASI का फिर कॉल आया। दमोह नाका के पास मिलने की बात कही गई।

लोकायुक्त को पता था कि निसार अली पुलिस में है और टीम के सदस्यों को पहचान सकता है, इसलिए पुलिस ने डिलीवरी बॉय की टी-शर्ट पहनकर आसपास घूमना शुरू कर दिया। प्रॉपर्टी डीलर 1 लाख रुपए लिए खड़े थे।

पकड़ में आने के बाद की भागने की कोशिश

आधा घंटे बाद गुरुवार रात 8.30 बजे ASI दमोह नाका आया और जावेद को आवाज देकर अंधेरे स्थान की ओर ले गया। उसने उनका मोबाइल एक दुकान में रखवा दिया। लोकायुक्त के आते ही उसने भागने की कोशिश की। उसे गिरफ्तार कर टीम सीधा सर्किट हाउस-2 ले आई।

Aaryan Puneet Dwivedi | रीवा रियासत

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