जबलपुर

जबलपुर के हिस्ट्रीशीटर का खात्मा: दो गुटों में होती रही फायरिंग, 40 राउंड चली गोलियां, मारा गया बबलू पंडा

जबलपुर के हिस्ट्रीशीटर का खात्मा: दो गुटों में होती रही फायरिंग, 40 राउंड चली गोलियां, मारा गया बबलू पंडा | History sheeter of Jabalpur killed in mandla: Firing in two groups, 40 rounds of bullets fired, Bablu Panda died
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मंडला के ढाबे में दो गुटों की फायरिंग में हिस्ट्रीशीटर बबलू पंडा की मौत हो गई है 

बबलू पंडा पर जबलपुर और सागर के थानों में आधा सैकड़ा मामले दर्ज थें, वह मंडला में पिछले डेढ़ साल से जुआ खेलवाता था. इसी कारोबार के चलते उसके पूर्व पार्टनर के साथ मुठभेड़ हुई है, ताबड़तोड़ गोलियां चली और बबलू पंडा की मौत हो गई.

मध्य प्रदेश के मंडला जिले में जबलपुर और सागर के एक हिस्ट्रीशीटर की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. बीती रात एक ढावे में दो गुटों में मुठभेड़ हुई थी. जिसमें महाकौशल का नामी अपराधी बबलू पंडा (Bablu Panda) मारा गया है.

मंडला पुलिस ने बबलू पंडा की मौत की पुष्टि कर दी है. बबलू को गोलियां लगी है, साथ ही उस पर धारदार हथियार से कई वार किए गए हैं. घटना के बाद मंडला एसपी और पुलिस का भारी बल घटनास्थल पर मौजूद रहा है. साथ ही दो संदिग्धों को भी गिरफ्तार किया गया है, जो घायल अवस्था में हैं. उनसे भी पुलिस पूंछताछ कर रही है.

हिस्ट्रीशीटर था बबलू पंडा

बबलू पंडा जबलपुर का हिस्ट्रीशीटर अपराधी था, उसे कई बार जिला बदर किया जा चुका है. सिर्फ जबलपुर में ही उस पर कई थानों में 29 मामले दर्ज हैं. लगभग डेढ़ साल पहले उसने मंडला में जुआ सट्टे का कारोबार शुरू किया था. जिसे चलाने के लिए वह हर माह 6 लाख रूपए खर्च करता था. इसी कारोबार में उसके कई पार्टनर बनते गए और कई दुश्मन. लेकिन बबलू का हत्यारा उसका पार्टनर ही थी, जो कारोबार के चलते जानी दुश्मन बन बैठा था.

ऐसे हुई मुठभेड़

मंडला में उदयपुरा स्थित दशमेश ढाबे के पास गुरुवार 12 अगस्त की रात लगभग 11 बजे बबलू पंडा की हत्या हुई है. पुलिस के मुताबिक़ ढाबे के पास दो गुटों में मुठभेड़ हुई थी. लगभग 40 राउंड गोलियां चली हैं. मुठभेड़ बबलू पंडा गैंग और राेहित सोनकर गैंग के बीच हुई है. हमला उस वक़्त हुआ जब बबलू पंडा अपने गट के गुर्गों के साथ ढाबे पहुंचा था.

प्रारंभिक तौर पर बताया जा रहा है कि बबलू पंडा को चार गोलियां लगी हैं. ढाबे में दोनों पक्ष से 35-40 राउंउ गोलियां चलाई गईं. गोली मरने के बाद बबलू पर धारदार हथियार से कई वार किए गए हैं, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई.

जानी दुश्मन बना पार्टनर

बरेला निवासी रोहित सोनकर को गांजा तस्करी में जबलपुर पुलिस जेल भेज चुकी है. पिछले डेढ़ साल से वह बबलू पंडा के साथ पार्टनरशिप में बीजाडांडी के उदयपुरा जंगल में जुआ खिलवाने लगा. आरोपी ने लाखों रुपए कमाए. बबलू ने रोहित को गलत संगत में डाल दिया. शराब व अय्याशी में उसके लाखों रुपए खर्च हो गए। रोहित के हाथ खाली होने के बाद बबलू पंडा बीजाडांडी में अकेले जुआ खिलवाने लगा. उसने रोहित को अलग कर दिया.

बबलू पंडा का जुआ का कारोबार चल निकला था. बबलू के जुआ फड़ पर 35 से 40 लाख रुपए का दांव रोज लग रहा था. सात से आठ लाख रुपए सिर्फ नाल कटती थी. रोहित सोनकर ने भी जुआ फड़ चलाने की अनुमति मांगी, लेकिन बबलू के रहते और बबलू के बिना यह रोहित के लिए संभव नहीं था, बबलू ने अनुमति नहीं दी. इसी के बाद से वह बबलू पंडा को रास्ते से हटाने की ठान चुका था और मौक़ा पाकर उसने अपने गुर्गों के साथ बबलू और उसकी गैंग पर हमला बोल दिया. वारदात के बाद से रोहित सोनकर फरार है. पुलिस ने चारों तरफ नाकाबंदी कर दी है.

जबलपुर में 29 अपराध तो सागर में भी आधा दर्जन प्रकरण है दर्ज

जबलपुर के बिलहरी निवासी बबलू पंडा गोराबाजार थाने का हिस्ट्रीशीटर बदमाश था। उसके ऊपर सिर्फ जबलपुर में कुल 29 अपराध हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण कर हत्या, फिरौती, अवैध वसूली, जुआ, लूट आदि के दर्ज थे. आरोपी के खिलाफ जबलपुर के अलावा सागर में भी आधा दर्जन प्रकरण दर्ज हैं.

आरोपी के खिलाफ गोराबाजार पुलिस ने 10 दिसंबर 2020 को जिला बदर का प्रकरण जिला दंडाधिकारी के समक्ष पेश किया था. उसे थाने में हर 15 दिन में हाजिरी देने का आदेश जारी हुआ था. 11 जून 2021 को उसने गोराबाजार में आखिरी हाजिरी दी थी. जबलपुर में 2018 के बाद उसके खिलाफ कोई प्रकरण दर्ज नहीं हुआ था.

दिन दहाड़े दासता पत्नी को मार दी थी गोली

बबलू पंडा ने 16 मार्च 2015 में अपनी दासता पत्नी मंजू सोधे की तिलहरी क्षेत्र में दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस हत्याकांड के बाद वह फरार हो गया था. फरारी के दौरान ही आरोपी ने 4 मई 2015 को अपने साथी संजय रजक का बरेला क्षेत्र से अपहरण किया और गोली मारकर हत्या कर दी. हत्या के बाद संजय की लाश को उमरिया कटनी के जंगल में फेंक दिया था.

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