इंदौर

इंदौर का करोड़पति भिखारी: बड़े बिजनेसमैन को देता था लोन, भीख से बना मालामाल | Beggar Free Indore की चौंकाने वाली सच्चाई

Rewa Riyasat News
20 Jan 2026 11:46 AM IST
Updated: 2026-01-20 06:45:40
इंदौर का करोड़पति भिखारी: बड़े बिजनेसमैन को देता था लोन, भीख से बना मालामाल | Beggar Free Indore की चौंकाने वाली सच्चाई
x
इंदौर में सामने आया चौंकाने वाला मामला—एक दिव्यांग भिखारी निकला करोड़पति, बड़े व्यापारियों को देता था ब्याज पर लोन। Beggar Free Indore अभियान में खुली परतें, प्रशासन ने शुरू की जांच।
  • 🔹 इंदौर में भीख मांगने वाला शख्स निकला करोड़पति, बड़े व्यापारियों को देता था ब्याज पर पैसा।
  • 🔹 Beggar Free Indore अभियान के दौरान खुली परतें, प्रशासन भी रह गया हैरान।
  • 🔹 तीन घर, ऑटो, कार और ड्राइवर—फिर भी सड़क किनारे बैठकर जुटाता था सहानुभूति।
  • 🔹 बैंक खातों और संपत्तियों की जांच शुरू, आयकर और धोखाधड़ी की कार्रवाई संभव।

Indore Millionaire Beggar—मध्य प्रदेश के इंदौर से सामने आया यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि पूरे समाज को आईना दिखाने वाला सच है। सड़क किनारे ट्रॉली पर बैठा, दिव्यांग शरीर, झुकी हुई आंखें और हाथ फैलाए बैठा एक व्यक्ति… जिसे देखकर लोग दया में सिक्के और नोट डालते थे। यही शख्स अंदर ही अंदर करोड़ों का मालिक था। उसका नाम है मांगीलाल

Beggar Free Indore अभियान के दौरान प्रशासन की टीम जब मांगीलाल तक पहुंची, तो उन्हें लगा कि यह भी बाकी जरूरतमंदों की तरह पुनर्वास केंद्र जाएगा। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, सामने आई सच्चाई ने अफसरों को भी चौंका दिया। यह “भिखारी” दरअसल शहर के ज्वेलरी कारोबारियों और छोटे व्यापारियों को ब्याज पर लोन देने वाला एक बड़ा साहूकार था।

कौन है मांगीलाल? | Who is Mangilal

मांगीलाल शारीरिक रूप से दिव्यांग है। वह रोजाना सड़क किनारे एक ट्रॉली पर बैठता था। लोग उसकी हालत देखकर खुद ही पैसे दे देते थे। उसकी रोज की कमाई ₹500 से ₹1000 तक थी। देखने में यह मामूली रकम लग सकती है, लेकिन वर्षों से जमा होती यह राशि उसके लिए एक मजबूत पूंजी बन चुकी थी।

जांच में सामने आया कि मांगीलाल के पास— तीन मकान (एक तीन मंजिला, एक 600 वर्गफुट का घर और एक फ्लैट), तीन ऑटो, एक स्विफ्ट डिजायर कार और कार चलाने के लिए ड्राइवर तक है। यानी वह उस जीवन से बहुत ऊपर था, जिसकी तस्वीर वह सड़क पर पेश करता था।

भीख से बना पूंजीपति | From Alms to Moneylender

मांगीलाल भीख में मिले पैसों को सिर्फ जमा नहीं करता था, बल्कि उसे निवेश की तरह इस्तेमाल करता था। वह शहर के ज्वेलरी कारोबारियों और छोटे व्यापारियों को दैनिक और साप्ताहिक ब्याज पर रकम उधार देता था। कई व्यापारी उसकी “नकद उपलब्धता” की वजह से उसी से पैसा लेते थे।

यही वजह थी कि जब प्रशासन ने उसके खातों की पड़ताल शुरू की, तो लेन-देन का एक पूरा नेटवर्क सामने आने लगा। यह साफ हो गया कि यह सिर्फ गरीबी की कहानी नहीं, बल्कि भीख को बिजनेस में बदलने का मॉडल है।

सच्चाई कैसे सामने आई | How the Truth Came Out

इंदौर प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे “Beggar Free Indore” अभियान का उद्देश्य सड़कों से भिखारियों को हटाकर उन्हें पुनर्वास केंद्रों तक पहुंचाना है। इसी अभियान के दौरान जब मांगीलाल को रेस्क्यू किया गया, तो उसके व्यवहार और बातचीत से टीम को संदेह हुआ।

जब दस्तावेजों और बैंक खातों की जांच शुरू हुई, तो एक के बाद एक परतें खुलती चली गईं। सामने आया कि उसका परिवार आर्थिक रूप से पूरी तरह सक्षम है। उसके बच्चे अच्छी शिक्षा पा रहे हैं, घर के अन्य सदस्य सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं—जबकि मांगीलाल सड़क पर दिव्यांगता को सहानुभूति का हथियार बनाकर पैसे जुटा रहा था।

भतीजे का दावा, नया मोड़ | Nephew’s Claim Brings Twist

मामले में नया मोड़ तब आया, जब मांगीलाल के भतीजे भीमा सिंह चौहान ने दावा किया कि तीन मंजिला मकान उनकी मां के नाम पर है और उस पर लोन है। तीन ऑटो में से दो उनके नाम पर हैं और कार की किस्त वह खुद चुका रहा है।

हालांकि कलेक्टर शिवम वर्मा ने साफ कहा है कि सभी दावों की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।

‘Beggar Free Indore’ मॉडल क्या है? | What is Beggar-Free Indore Model

Beggar Free Indore अभियान का मकसद सिर्फ भिखारियों को सड़कों से हटाना नहीं है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन की ओर ले जाना है। इंदौर प्रशासन और नगर निगम ने मिलकर यह मॉडल तैयार किया है, जिसमें भिखारियों को रेस्क्यू कर पुनर्वास केंद्र भेजा जाता है। वहां उनके स्वास्थ्य की जांच, मानसिक काउंसलिंग और स्किल डेवलपमेंट किया जाता है।

जो लोग काम करने में सक्षम होते हैं, उन्हें सिलाई, बुनाई, सफाई, किचन हेल्पर जैसे छोटे काम सिखाए जाते हैं, ताकि वे भीख पर निर्भर न रहें। वहीं, जो जानबूझकर भीख को पेशा बनाते हैं या इसे ऑर्गनाइज्ड बिजनेस की तरह चलाते हैं, उनके खिलाफ FIR और कानूनी कार्रवाई की जाती है।

भारत के ‘अमीर भिखारी’ | Rich Beggars in India

नाम स्थान अनुमानित संपत्ति
भरत जैन मुंबई ₹7.5 करोड़, 2 फ्लैट, दुकानें
पप्पू कुमार पटना ₹1.25 करोड़, ब्याज का धंधा
लक्ष्मी दास कोलकाता लाखों की बचत, 50 साल से भीख
संभाजी काले पुणे/मुंबई ₹1.5 करोड़, घर व जमीन
कृष्णा कुमार गीते मुंबई फ्लैट, रोज ₹1500–2000 कमाई

इन उदाहरणों से साफ है कि भारत में कई जगह भीख मजबूरी नहीं बल्कि पसंद बन चुकी है। बिना निवेश, बिना टैक्स और बिना जोखिम—सहानुभूति के सहारे लाखों-करोड़ों की कमाई संभव हो रही है।

कानूनी पेंच | Legal Complications

मांगीलाल पर दो बड़े कानूनी पहलुओं में कार्रवाई हो सकती है—

आयकर जांच: इतनी संपत्ति और लेन-देन के बावजूद टैक्स न देना।

धोखाधड़ी: खुद को गरीब दिखाकर सहानुभूति बटोरना और असल आर्थिक स्थिति छुपाना। साथ ही, बिना लाइसेंस के मनी लेंडिंग भी अपराध की श्रेणी में आ सकता है।

प्रशासन का कहना है कि बैंक खातों, संपत्तियों और लेन-देन की पूरी जांच के बाद कानूनी कार्रवाई तय होगी। भतीजे के दावों की भी सत्यता परखी जा रही है।

यह सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं | A Larger Social Issue

मांगीलाल का मामला समाज के सामने बड़ा सवाल खड़ा करता है—क्या हम वाकई जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं, या अनजाने में एक संगठित भीख तंत्र को बढ़ावा दे रहे हैं? प्रशासन का मानना है कि सड़कों पर भीख देना समस्या को और बढ़ाता है।

इंदौर प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि अगर मदद करनी है, तो सरकारी या रजिस्टर्ड NGO के माध्यम से करें। तभी असली जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचेगी।

Stay in the loop

Join WhatsApp Channel 🚀

Breaking News • Daily Updates

FAQs

क्या मांगीलाल सच में करोड़पति है?

प्रशासनिक जांच में सामने आया है कि उसके पास कई मकान, वाहन और बड़ा बैंक ट्रांजेक्शन नेटवर्क है। अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने पर होगी।

Beggar Free Indore अभियान का मकसद क्या है?

इसका उद्देश्य भिखारियों को सड़कों से हटाकर पुनर्वास केंद्रों में भेजना और उन्हें सम्मानजनक रोजगार से जोड़ना है।

क्या भीख देना गलत है?

प्रशासन मानता है कि सड़कों पर भीख देना समस्या को बढ़ाता है। बेहतर है कि मदद NGO या सरकारी माध्यमों से की जाए।

मांगीलाल पर क्या कार्रवाई हो सकती है?

आयकर चोरी, बिना लाइसेंस मनी लेंडिंग और धोखाधड़ी के मामलों में उस पर कानूनी कार्रवाई संभव है।

यह कहानी सिर्फ इंदौर की नहीं, पूरे देश के लिए चेतावनी है—कि सहानुभूति कहीं किसी मुनाफे के खेल का हिस्सा न बन जाए।

Rewa Riyasat News

Rewa Riyasat News

2013 में स्थापित, RewaRiyasat.Com एक विश्वसनीय न्यूज़ पोर्टल है जो पाठकों को तेज़, सटीक और निष्पक्ष खबरें प्रदान करता है। हमारा उद्देश्य स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाओं तक की भरोसेमंद जानकारी पहुंचाना है।

Next Story