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इंदौर में दूषित पानी से मौतें बढ़कर 20: 16 लोग अब भी आईसीयू में, हाईकोर्ट सख्त; 5 हजार से ज्यादा घरों में हेल्थ सर्वे

- भागीरथपुरा में दूषित पानी का असर जारी
- मौतों का आंकड़ा बढ़कर 20 तक पहुंचा
- हाईकोर्ट ने अधिकारियों से कड़े सवाल
- दो दिनों में 5013 घरों में हेल्थ सर्वे
मध्यप्रदेश के इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से जुड़ा संकट बढ़ता जा रहा है। मौतों का आंकड़ा अब 18 से बढ़कर 20 तक पहुंच गया है। वहीं सरकार द्वारा हाईकोर्ट में पेश रिपोर्ट में कम संख्या बताई गई है, जबकि 18 परिवारों को 2–2 लाख की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। बुधवार को दो और नाम मुआवजा सूची में जोड़े गए।
ICU में 16 मरीज — 3 वेंटिलेटर पर
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बुधवार को 16 मरीज ICU में भर्ती थे, जिनमें से 3 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। अब तक कुल 429 मरीज अस्पताल में भर्ती हुए, जिनमें से 330 डिस्चार्ज हो चुके हैं। यानी फिलहाल करीब 99 मरीज इलाज करा रहे हैं।
इंदौर में दूषित पानी से इनकी मौत
| नाम | उम्र |
|---|---|
| उर्मिला यादव | 60 |
| नंदलाल पाल | 75 |
| उमा कोरी | 31 |
| मंजुला | 74 |
| ताराबाई कोरी | 60 |
| गोमती रावत | 50 |
| सीमा प्रजापत | 50 |
| जीवन लाल | 80 |
| अव्यान साहू | 5 माह |
| अरविंद लिखर | - |
| गीताबाई | - |
| अशोक लाल पंवार | - |
| संतोष बिगोलिया | - |
| शंकर भाया | 70 |
| सुमित्रा बाई | - |
| हीरालाला | 65 |
| ओमप्रकाश शर्मा | - |
| हरकुंवर बाई | 70 वर्ष |
लोग डरे — बोरिंग बंद, टैंकर और RO पर निर्भरता
लगातार मौतों के बाद क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल है। कई घरों में बोरिंग का उपयोग बंद कर दिया गया है और लोग टैंकर तथा RO पानी पर निर्भर हैं। प्रशासन ने अपील की है कि पानी को उबालकर और छानकर ही पिया जाए।
कलेक्टर और निगम कमिश्नर ने किया निरीक्षण
कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने क्षेत्र का निरीक्षण किया। सीवरेज और नर्मदा पाइपलाइन की लीकेज सुधार कार्यों की समीक्षा की। घर–घर जाकर यह जानकारी दी जा रही है कि टेस्टिंग के दौरान नर्मदा लाइन की टोंटियाँ बंद रखें और पानी का उपयोग न करें।
हेल्थ टीमें — 25 हजार लोगों तक पहुँचीं
CMHO डॉ. माधव प्रसाद हासानी के अनुसार 61 हेल्थ टीमों ने दो दिनों में 5013 घरों तक पहुंचकर सर्वे किया और 24786 लोगों को दवा और परामर्श दिया। हर घर में दवाइयाँ और क्लिनवेट ड्रॉप वितरित किए गए।
कोबो टूल से डिजिटल सर्वे — ICMR की रिपोर्ट
कोबो टूल मोबाइल एप के जरिए घर–घर का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया गया। ICMR के सर्वे में क्षेत्र की 17 गलियां संक्रमित पाई गईं। लगभग 40–50% क्षेत्र प्रभावित पाया गया। 460 घरों में गंभीर मामलों का डेटा सामने आया।
महिला कांग्रेस का प्रदर्शन
इस घटना को लेकर महिला कांग्रेस ने प्रदेशभर में कैंडल मार्च और प्रदर्शन करने की घोषणा की है। संगठन ने पारदर्शिता और जिम्मेदार कार्रवाई की मांग की है।
हाईकोर्ट सख्त — “स्वच्छ पानी मौलिक अधिकार”
इंदौर बेंच में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि इस घटना ने शहर की छवि को नुकसान पहुंचाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि स्वच्छ पेयजल जनता का मौलिक अधिकार है और किसी भी हाल में इससे समझौता नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने संकेत दिए कि जरूरत पड़ने पर दोषी अधिकारियों पर सिविल और क्रिमिनल जिम्मेदारी तय की जा सकती है और मुआवजा कम हुआ तो उसका भी पुनरीक्षण संभव है।
FAQs — इस मामले से जुड़े सवाल
अब तक कितनी मौतें हुई हैं?
आधिकारिक तौर पर मौतों का आंकड़ा 20 तक पहुंच चुका है।
लोगों के लिए क्या सलाह है?
टैंकर या सप्लाई का पानी उबालकर और छानकर ही पिएं, स्वच्छता का ध्यान रखें और लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
जांच कौन कर रहा है?
स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और ICMR मिलकर सर्वे और जांच कर रहे हैं। कोर्ट भी मामले की निगरानी कर रहा है।




