इंदौर

MP के अकेले INDORE ने सभी राज्यों को पीछे छोड़ा, कोरोना के लिए हॉटस्पॉट बना, तेजी से बढ़ रही संक्रमितों की संख्या

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 6:17 AM GMT
MP के अकेले INDORE ने सभी राज्यों को पीछे छोड़ा, कोरोना के लिए हॉटस्पॉट बना, तेजी से बढ़ रही संक्रमितों की संख्या
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मध्यप्रदेश का इंदौर राज्य के बाकी शहरों के मुकाबले सबसे अधिक कोरोना वायरस की चपेट में है। मध्यप्रदेश के कुल 29 
मध्यप्रदेश का इंदौर राज्य के बाकी शहरों के मुकाबले सबसे अधिक कोरोना वायरस की चपेट में है। मध्यप्रदेश के कुल 29 कोविड-19 के संक्रमितों में से लगभग आधे इसी शहर के हैं। इंदौर के बाद जबलपुर संक्रमितों के मामले में दूसरे नंबर है। यहां अभी तक कुल छह कोविड-19 के पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। इसके बाद राज्य की राजधानी भोपाल है, जहां तीन कोविड-19 के संक्रमित पाए गए हैं।
राज्य के अधिकरियों के मुताबकि इंदौर और उज्जैन में इस संक्रमण से दो लोगों की मौत हुई है। 27 लोगों का इलाज जारी है। लगातार कोविड-19 संक्रमितों की बढ़ती संख्या के कारण इंदौर मध्यप्रदेश का हॉटस्पॉट बन गया है। केवल तीन दिनों में इंदौर में कोविड -19 के पॉजिटिव मामलों की संख्या 15 हो गई है, जबकि राज्य के किसी भी अन्य जिले में जबलपुर और भोपाल को छोड़कर अब तक दो से अधिक मामले दर्ज नहीं हुए हैं।
हालांकि, इंदौर के संक्रमितों में उज्जैन के दो मरीज शामिल हैं, स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार उन्हें शहर के अस्पताल में भर्ती किया गया था। 2011 की जनगणना के अनुसार इंदौर की आबादी लगभग 20 लाख के आसपास है। यह मध्य प्रदेश का सबसे अधिक आबादी वाला शहर है।
इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) के पूर्व कुलपति डॉ. भरत छापरवाल ने कहा कि इंदौर मध्य प्रदेश की वित्तीय राजधानी है। इसकी वजह से लोग बड़ी संख्या में बाहर से यहां नौकरी के लिए आते हैं। शहर घनी आबादी वाला है।
इसलिए कोरोना वायरस प्रभावित लोगों की संख्या में और वृद्धि होना तय है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन और आइसोलेशन में रहने वाले लोगों के की वजह से निश्चित रूप से संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिलेगी। लेकिन वर्तमान में स्थिति चिंताजनक है।

स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त डॉ. उल्हास महाजन ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में कोरोना वायरस प्रभावित रोगियों की संख्या में खतरनाक रूप से वृद्धि हुई है। यह रंगपंचमी समारोह का परिणाम प्रतीत होता है, जहां लोगों ने एक साथ जश्न मनाया था।
साथ ही शहर के कई इलाके में लोग सामाजिक दूरी भी नहीं बनाए रख रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिबंधों को लेकर लोग अभी भी गंभीर नहीं हैं। उदाहरण के लिए, 'जनता कर्फ्यू' के दिन बड़ी संख्या में लोग जश्न मनाने के लिए सड़क पर निकल पड़े। जब तक हम प्रतिबंधों का पालन नहीं करते, तब तक स्थिति आने वाले दिनों में खराब होगी ही।
मध्यप्रदेश का इंदौर राज्य के बाकी शहरों के मुकाबले सबसे अधिक कोरोना वायरस की चपेट में है। मध्यप्रदेश के कुल 29 कोविड-19 के संक्रमितों में से लगभग आधे इसी शहर के हैं। इंदौर के बाद जबलपुर संक्रमितों के मामले में दूसरे नंबर है। यहां अभी तक कुल छह कोविड-19 के पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। इसके बाद राज्य की राजधानी भोपाल है, जहां तीन कोविड-19 के संक्रमित पाए गए हैं।
राज्य के अधिकरियों के मुताबकि इंदौर और उज्जैन में इस संक्रमण से दो लोगों की मौत हुई है। 27 लोगों का इलाज जारी है। लगातार कोविड-19 संक्रमितों की बढ़ती संख्या के कारण इंदौर मध्यप्रदेश का हॉटस्पॉट बन गया है। केवल तीन दिनों में इंदौर में कोविड -19 के पॉजिटिव मामलों की संख्या 15 हो गई है, जबकि राज्य के किसी भी अन्य जिले में जबलपुर और भोपाल को छोड़कर अब तक दो से अधिक मामले दर्ज नहीं हुए हैं।
हालांकि, इंदौर के संक्रमितों में उज्जैन के दो मरीज शामिल हैं, स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार उन्हें शहर के अस्पताल में भर्ती किया गया था। 2011 की जनगणना के अनुसार इंदौर की आबादी लगभग 20 लाख के आसपास है। यह मध्य प्रदेश का सबसे अधिक आबादी वाला शहर है।
इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) के पूर्व कुलपति डॉ. भरत छापरवाल ने कहा कि इंदौर मध्य प्रदेश की वित्तीय राजधानी है। इसकी वजह से लोग बड़ी संख्या में बाहर से यहां नौकरी के लिए आते हैं। शहर घनी आबादी वाला है।
इसलिए कोरोना वायरस प्रभावित लोगों की संख्या में और वृद्धि होना तय है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन और आइसोलेशन में रहने वाले लोगों के की वजह से निश्चित रूप से संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिलेगी। लेकिन वर्तमान में स्थिति चिंताजनक है।

स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त डॉ. उल्हास महाजन ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में कोरोना वायरस प्रभावित रोगियों की संख्या में खतरनाक रूप से वृद्धि हुई है। यह रंगपंचमी समारोह का परिणाम प्रतीत होता है, जहां लोगों ने एक साथ जश्न मनाया था।
साथ ही शहर के कई इलाके में लोग सामाजिक दूरी भी नहीं बनाए रख रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिबंधों को लेकर लोग अभी भी गंभीर नहीं हैं। उदाहरण के लिए, 'जनता कर्फ्यू' के दिन बड़ी संख्या में लोग जश्न मनाने के लिए सड़क पर निकल पड़े। जब तक हम प्रतिबंधों का पालन नहीं करते, तब तक स्थिति आने वाले दिनों में खराब होगी ही।
इंदौर संभाग के कमिश्नर आकाश त्रिपाठी ने कहा कि अब तक हमारा पूरा ध्यान इस बात पर है कि बीमारी को कैसे फैलने से रोका जाए। साथ ही ये भी सुनिश्चित हो सके कि लोग बीमारी को रोकने के लिए आवश्यक सभी प्रतिबंधों का पालन कर रहे हैं।
यही कारण है कि लॉकडाउन के प्रतिबंधों का पालन कर्फ्यू के प्रतिबंधों के बाद किया गया है। लोगों ने शुरू के दिनों इसे गंभीरता से नहीं लिया। विश्राम के घंटों के दौरान हमने विशेष स्थान पर लोगों की भीड़ की जांच करने के लिए कुछ प्रतिबंध भी लगाए हैं।
जबलपुर में कोरोना वायरस रोगियों के पहले कुछ मामले 20 मार्च को सामने आए थे। इनमें से तीन एक जौहरी के परिवार थे। जो दुबई से लौटे थे और चौथा संक्रमित जर्मनी से लौटा था। बाद में जौहरी के चार कर्मचारी भी कोविड-19 के पॉजिटिव हो गए। मध्यप्रदेश में अन्य कोरोना वायरस मामलों में दो शिवपुरी एक खंडवा और ग्वालियर में पाए हैं।
इंदौर संभाग के कमिश्नर आकाश त्रिपाठी ने कहा कि अब तक हमारा पूरा ध्यान इस बात पर है कि बीमारी को कैसे फैलने से रोका जाए। साथ ही ये भी सुनिश्चित हो सके कि लोग बीमारी को रोकने के लिए आवश्यक सभी प्रतिबंधों का पालन कर रहे हैं।
यही कारण है कि लॉकडाउन के प्रतिबंधों का पालन कर्फ्यू के प्रतिबंधों के बाद किया गया है। लोगों ने शुरू के दिनों इसे गंभीरता से नहीं लिया। विश्राम के घंटों के दौरान हमने विशेष स्थान पर लोगों की भीड़ की जांच करने के लिए कुछ प्रतिबंध भी लगाए हैं।
जबलपुर में कोरोना वायरस रोगियों के पहले कुछ मामले 20 मार्च को सामने आए थे। इनमें से तीन एक जौहरी के परिवार थे। जो दुबई से लौटे थे और चौथा संक्रमित जर्मनी से लौटा था। बाद में जौहरी के चार कर्मचारी भी कोविड-19 के पॉजिटिव हो गए। मध्यप्रदेश में अन्य कोरोना वायरस मामलों में दो शिवपुरी एक खंडवा और ग्वालियर में पाए हैं।
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