इंदौर

इंदौर में आस्था का विसर्जन, कचड़े की तरह फेंकी गयीं भगवान की प्रतिमाएं, 7 अधिकारी एक साथ बर्खास्त

Sandeep Tiwari
21 Sep 2021 8:21 AM GMT
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इंदौर (Indore) के जवाहर टेकरी (Jawahar Tekri) में गणेश भगवन की मूर्तियों का विसर्जन नगर निगम द्वारा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से किया गया।

इंदौर (Indore) के जवाहर टेकरी (Jawahar Tekri) में जिस तरह से मूर्ति का विसर्जन नगर निगम प्रशासन द्वारा करवाया गया इसके बाद भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Congress) दोनों राजनीतिक दलों में भूचाल सा आ गया है। वही मामला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) तक पहुंचने के बाद नगर निगम (Indore Nagar Nigam) ने आनन-फानन में 7 कर्मचारियों को एक साथ बर्खास्त कर दिया। वही कांग्रेस के नेता लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर एफआईआर की मांग की है।

क्या है मामला

जानकारी के अनुसार नगर निगम द्वारा सोमवार को गलत तरीके से प्रतिमाओं का विसर्जन जवाहर टेकरी खदान (Jawahar Tekri Khadan) में करवाया गया। जहां पर स्वच्छता दूर-दूर तक नहीं दिख रही थी। चारों ओर कचरे का अंबर था और इसी बीच प्रतिमाओं का विसर्जन अपने आप में सवाल पैदा कर रहा है। इस मामले का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों ने निंदा करते हुए सख्त कार्यवाही की मांग की थी।

मुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला

जवाहर टेकरी खदान में गणेश प्रतिमा विसर्जन के वीडियो स्थानीय लोगों द्वारा बनया गया था। जिसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया गया। आम लोगों के पास वीडियों सामने आने के बाद चारों ओर हड़कंप की स्थिति निर्मित होने लगी। भाजपा तथा कांग्रेस के नेताओं का बयान जारी करते हुए कार्रवाई की मांग की।

निगम ने उठाया कदम

बिगड़ता मामला देख नगर निगम का जवाबदार अमला फौरन कार्रवाई करने में जुट गया। उसने अपने ही 7 कर्मचारियों को एक साथ बर्खास्त करने का आदेश जारी किया है। निगम की इस कार्यवाही के बाद भी कांग्रेस के लोगों ने FIR दर्ज करवाने की मांग कर रहे हैं।

इन्होंने जताया विरोध

आस्था के अपमान मामले में कांग्रेस के एमएलए संजय शुक्ला व शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने विरोध जताते हुए मंगलवार सुबह जवाहर टेकरी पहुंचे। वहां लोगों से मुलाकात के दौरान चंदन नगर थाने में केस दर्ज करवाने की बात कही। वही भाजपा सांसद लालवानी ने इस तरह मूर्ति विसर्जन की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने ने बताया कि इस मामले में मुख्यमंत्री ने भी नाराजगी व्यक्त की है। मुख्यमंत्री का कहना है कि इस तरह के कृत्य समाज को अपमानित करते हैं। साथ ही बताया कि उन्होंने कलेक्टर मनीष सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल से मुलाकात कर जवाबदार लोगों पर कर्रवाई करने के लिए कहा था।

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