इंदौर

करोड़ो का आसामी निकला नगर-निगम का राजकुमार, आय से अधिक सम्पत्ति की ईओडब्ल्यू कर रही जांच

करोड़ो का आसामी निकला नगर-निगम का राजकुमार, आय से अधिक सम्पत्ति की ईओडब्ल्यू कर रही जांच
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इंदौर नगर-निगम के क्लर्क के धर ईओडब्ल्यू का छापा।

Indore EOW Raid News: नगर-निगम इंदौर का क्लर्क पहले ही दौर की जांच में एक करोड़ो से ज्यादा की सम्पत्ति का मालिक निकला है। दरअसल आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की टीम गुरुवार को आय से अधिक संपत्ति के मामले में इंदौर एयरपोर्ट रोड स्थित अंबिकापुरी में रहने वाले नगर निगम के लेखा विभाग में पदस्थ क्लर्क राजकुमार सालवी (Rajkumar Salvi) के घर पहुंची और उसके सम्पत्ति की जांच की।

जांच में मिली यह सम्पत्ति

ईओडब्ल्यू के अधिकारियों के मुताबिक अजांच में क्लर्क राजकुमार के घर से 1 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी सामने आई है। उनके घर से तीन प्लॉट और सीता कॉलोनी में एक फ्लैट के दस्तावेज मिले हैं। कार, 3 बाइक और बैंक खातों की जानकारी भी मिली है। अंबिकापुरी में ही एक और मकान, पड़ोस में ही एक प्लॉट, मोहता बाग की एक बिल्डिंग में भी दो फ्लैट होने का पता चला है। इतना ही नही पुत्र एवं पत्नी के नाम के खाते तथा गहने आदि की भी जानकारी मिली है।

मस्टरकर्मी के पद से शुरू की थी नौकरी

राजकुमार ने 1997 में निगम में अस्थायी मस्टरकर्मी के पद पर नौकरी की थी। 19 वर्ष बाद 2016 में वह परमानेंट होकर क्लर्क हो गया। 1997 से लेकर अब तक उसकी आय 26 लाख से कुछ ही ज्यादा बनती है, लेकिन प्रॉपर्टी करोड़ों की है।

पैसा को सुरक्षित रखने बनाई थी फर्म

अपनी काली कमाई को सफेद मनी बनाने के लिए मास्टर मांइड निगम कर्मी ने बेटा ईशान और पत्नी किरण के नाम पर ईशान-किरण नाम से फर्म बनाई थी। इसमें उसने निगम की ठेकेदारी का लाइसेंस लिया था। उसके पास कई बड़े अफसरों के भी पैसे थें। इतना ही नही ननि बाबू राजकुमार के घर से कई ठेकेदारों के बिल, नक्शे और फाइल भी बरामद हुई हैं। तो वही राजकुमार ने नौकरी करने और स्थायी नौकरी करने के लिए दस्तावेजों से छेड़छाड़ भी की है। उक्त सभी बिंदु सामने आने के बाद इसको लेकर भी आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के अधिकारी जानकारी ले रहे है। जांच पूरी होने के बाद ही बाबू के काले कारनामों का पदार्फास हो पाएगा।

Viresh Singh Baghel | रीवा रियासत

Viresh Singh Baghel | रीवा रियासत

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