इंदौर

आक्सीजन के साथ अस्पतालो की 9 घंटे परिक्रमा, फिर 50 हजार की रसीद, तब जाकर रोगी की भर्ती

Sandeep Tiwari
16 April 2021 3:55 PM GMT
इंदौर (Indore News in Hindi): मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में कोरोना कितना भयावह होता जा रहा है इसका अंदाजा लगाना है तो कोविड अस्पतालो के बाहर एक घंटे का समय दें। खुद-बा-खुद सारी स्थिति खुलकर सामने आ जायेगी। ऐसा ही एक नजारा गुरूवार को देखने के लिए मिला। जहां एक आटो में कोरोना रोगी को लिए परिजन 9 घंटे एडमिट करवाने अस्पताल के चक्कर लगाते रहे। उन्हे कोई भर्ती करने के लिए तैयार नही था। बडी मुश्किल से एक निजी अस्पताल में पहले 50 हजार की रसीद कटवानी पडी। तब जाकर कहीं रोगी को भर्ती किया गया। 

इंदौर (Indore News in Hindi): मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में कोरोना कितना भयावह होता जा रहा है इसका अंदाजा लगाना है तो कोविड अस्पतालो के बाहर एक घंटे का समय दें। खुद-बा-खुद सारी स्थिति खुलकर सामने आ जायेगी। ऐसा ही एक नजारा गुरूवार को देखने के लिए मिला। जहां एक आटो में कोरोना रोगी को लिए परिजन 9 घंटे एडमिट करवाने अस्पताल के चक्कर लगाते रहे। उन्हे कोई भर्ती करने के लिए तैयार नही था। बडी मुश्किल से एक निजी अस्पताल में पहले 50 हजार की रसीद कटवानी पडी। तब जाकर कहीं रोगी को भर्ती किया गया।


अस्पतालों में आक्सीजन की कमी

जानकारी के अनुसार बंगाली क्षेत्र की मित्र बंधु नगर की 62 वर्षीय चित्रलेखा को गुरूवार सुबह एक आटो में लेकर अस्पताल में एडमिट करवाने निकले। सांस लेने में दिक्कत होने से वह आक्सीजन लिए थी। शहर के शासकीय तथा निजी चिकित्सालयों के चक्कर लगाए लेकिन किसी भी अस्पताल में एडमीशन नहीं मिला। हर जगह आक्सीजन की कमी होने से नये रोगियों को भर्ती करने से मना करते रहे।

मिन्नते करता रहा परिवार

मिली जानकारी के अनुसार 62 वर्षीय चित्रलेखा को लेकर परिवार एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकता रहा। हर जगह बेड फुल होने और आक्सीजन न होने की बता कही गई। ऐसे मंे परिजन कोरोना रोगी को लिए 9 घंटे तक इधर से उधर अस्पताल में जाकर रोगी को भर्ती करने के लिए मिन्नते करता रहा। अस्पताल के डाक्टर भर्ती करना तो दूर देखने तक नहीं गये। बाहर से ही चलता कर दिया।


शाम 6 बजे रिया अस्पताल में मिला आसरा

सुबह 9 बजे घर से निकली चित्रलेखा को अंततः शाम के 6 बजे इंदौर के रिया अस्पताल में आसरा मिल गया। काफी प्रयास के बाद जब परिजन 50 हजार रूपये जमा कर रसीद कटवाई इसके बाद अस्पताल में रोगो को एडमिट किया गया।

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