इंदौर

इंदौर में 4 यूरेनियम तस्कर गिरफ्तार, 3 करोड़ में बेचने लगा रहे थे जुगत, एसआईटी ने...

Aaryan Dwivedi
24 Feb 2021 9:52 AM GMT
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एसआईटी ने एक बडी कार्रवाई करते हुए 4 लोगांे को गिरफतार किया है। जिनके पास दो ग्राम चमकीला पाउडर बरामद किया गया है। पकड़ में आये आरोपी उस चमकीले पदार्थ को यूरेनियम बता कर 3 करोड में बेंचने की फिराक में थे। लेकिन इसी दौरान वह एसआईटी के हत्थे चढ गये। 

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एसआईटी ने एक बडी कार्रवाई करते हुए 4 लोगांे को गिरफतार किया है। जिनके पास दो ग्राम चमकीला पाउडर बरामद किया गया है। पकड़ में आये आरोपी उस चमकीले पदार्थ को यूरेनियम बता कर 3 करोड में बेंचने की फिराक में थे। लेकिन इसी दौरान वह एसआईटी के हत्थे चढ गये।

बताया गया है कि पकडे गये आरोपी उत्तर प्रदेश के कानपूर के रहने वाले हैं। इंदौर पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए कानपुर पुलिस से समम्पर्क कर जानकारी एकत्र कर रही हैं।

आरोपियों के पास से बरामद संभावित यूरेनियम को जांच के लिए सागर लैब भेजा गया है। आरोपी इसे कांच की बॉटल और प्लास्टिक की थैली में पैक किये हुए थे। इस मैटल पाउडर को एसटीएफ ने स्पष्ट नहीं कर रही है कि आखिर यह क्या है।

सागर लैब से जानकारी आने के बाद ही यह निश्चित किया जायेगा कि आखिर वह चमकीला तत्वयूरेनियम है या कुछ और ही है।

एसआईटी ने पकड में आये लोगों से कड़ाइ्र्र से पूछताछ कर रही है। आरोपियों के पास से मिले इनके चार मोबाइल भी जब्त किए हैं। पकडे गये आरोपियों में कमल कुमार वर्मा, शम्मी राजपूत, सीमू शुक्ला तथा योगेशचंद्र शुक्ला शामिल हैं।

आरोपियों के सम्बंध में पुलिस जानकारी जुटाने में लगी हैं। आरोपियो पर एसआईटी ने धाोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। वही मामले से जुडे अन्य लेागों को जानकारी के लिए इंदौर पुलिस ने कानपुर पुलिस से जानकारी जुटाई जा रही है।

कानपुर पुलिस ने बताया कि पकडे गये आरोपियों मेें शम्मी राजपूत गैग का सरगना है। इसके द्वारा पहले भी रेडियोएक्टिव पदार्थों की तस्करी के नाम पर धोखाधडी किया जा चुका है।

जानकारी के अनुसार यूरनेनियम जैसे रेडियोएक्टिव पदार्थ का उपयोग लैब में तथा कैंसर जैसे रोग के इलाज में किया जाता है। वहीं सब्जियों को लंबे समय तक ताजा रखने में उपयोगी है।

इसका उपयोग मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन के बाद ही किया जाता है। इसमें सावधानी ना बरती जाय तो यह जानलेवा भी हो सकती है। आमतौर पर ये पदार्थ किसी को सरलता से प्राप्त नहीं हो सकते हैं।

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