इंदौर

रीवा लाकर मंदिर में की शादी, फिर दोस्तों के सामने कपड़े उतरवाकर मनाने लगा सुहागरात...

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 5:56 AM GMT
रीवा लाकर मंदिर में की शादी, फिर दोस्तों के सामने कपड़े उतरवाकर मनाने लगा सुहागरात...
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रीवा। आम जनता पुलिस को अपने रक्षक के तौर पर देखती है. और जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो भला आम जनता का क्या होगा? न्याय के लिए आखिर आम जनता कहा कहा भटकेगी। मध्यप्रदेश में एक ऐसे शातिर पुलिस अधिकारी की कहानी सामने आई है जिसने एक युवती को पहले प्यार के जाल में फंसाया, फिर उससे रेप किया, और फिर अपनी घिनौनी करतूतों की एफआईआर से बचने के लिए उससे शादी भी की और फिर युवती से बदला लेने और उसे अपमानित करने के लिए सुहागरात के वक्त दोस्तों को बुला लिया एवं सबके सामने विवाहिता के कपड़े उतारने लगा। इस दौरान पुलिस अधिकारी ने युवती को गालियां भी दीं। खुलकर कहा कि अब शादी के सारे सबूत उसके पास हैं। रेप की एफआईआर दर्ज नहीं हो सकती। दहेज प्रताड़ना का केस लगेगा तो देख लूंगा लेकिन युवती ने बड़ी ही चतुराई से इस सारे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया।

पहले मिलने बुलाया, फिर शादी का झांसा देकर किया रेप उज्जैन निवासी 31 वर्षीय महिला ने पुलिस को जो शिकायत दर्ज कराई है उसके अनुसार पुलिस अधिकारी शैलेंद्र सिंह निवासी न्यू रामनगर रीवा के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पीड़िता के मुताबिक, सिंहस्थ 2016 में स्नान के दौरान शैलेंद्र से परिचय हुआ था। दोनों फोन पर बात करने लगे। 5 फरवरी 2017 को उसने मिलने इंदौर बुलाया। शैलेन्द्र ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध भी बना लिए। परिजन ने शादी की तैयारी की लेकिन शैलेंद्र मुकर गया। 4 जुलाई को महिला ने थाने में शिकायत की। पीड़िता कहना है कि तत्कालीन टीआई महिला थाना ज्योति शर्मा ने पुलिस अधिकारी शैलेंद्र सिंह से समझौता करवा दिया। शैलेंद्र सिंह ने लिखित में कहा कि वह शादी कर लेगा।

एफआईआर से बचने रीवा लाकर की शादी 19 अगस्त को रीवा ले आया और मंदिर में शादी कर ली। फिर एक घर में ले गया जहां तीन लड़के थे। उनके सामने ही कपड़े खोलने की कोशिश की और अपशब्दों का प्रयोग करने लगा। उसने कहा कि शादी के सबूत जुटा लिए हैं, अब तुम दुष्कर्म का केस नहीं लगा सकती। अब वह साथ नहीं रखेगा। तुम सिर्फ दहेज प्रताड़ना का आरोप लगा सकती हो। अब डीजीपी भी कुछ नहीं बिगाड़ सकते।

सबकुछ रिकॉर्ड किया और DGP को सौंप दिया महिला ने उसकी बातों को रिकॉर्ड कर लिया और सीडी बनाकर डीजीपी को सौंप दी। डीजीपी ने थानेदार पर केस दर्ज करने के आदेश दिए। पीड़िता का आरोप है कि टीआई ने अफसरों को गुमराह करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि वकील से राय लेने के बाद ही प्रकरण दर्ज होगा। जैसे ही डीआईजी ने टीआई को रिलीव किया, शुक्रवार को शैलेंद्र के खिलाफ केस दर्ज हो गया।

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