इंदौर

मध्यप्रदेश : Metro ट्रेन के कंपन से सौ साल पुराने इस बिल्डिंग को खतरा, सकते में सरकार

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 6:06 AM GMT
मध्यप्रदेश : Metro ट्रेन के कंपन से सौ साल पुराने इस बिल्डिंग को खतरा, सकते में सरकार
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इंदौर। शहर के मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट के कारण गांधी हॉल की इमारत को खतरे की आशंका जताई गई है। 100 साल से ज्यादा पुरानी इस इमारत को मेट्रो ट्रेन के कंपन से नुकसान पहुंच सकता है। मेट्रो ट्रेन कॉरिडोर गांधी हॉल के सामने स्थित वर्तमान बगीचे की जमीन से निकलना है। यह हिस्सा गांधी हॉल के ठीक सामने और पास में है। डर है कि मेट्रो ट्रेन के गुजरने के दौरान होने वाले कंपन का सीधा असर गांधी हॉल की बिल्डिंग पर होगा। मामले की जानकारी राज्य सरकार के आला अफसरों तक पहुंच गई है और इस मामले में मंथन शुरू हो गया है कि इस संभावित खतरे से कैसे पार पाया जाए ? दूसरी परेशानी यह है कि गांधी हॉल के सामने मेट्रो ट्रेन कॉरिडोर एलिवेटेड होगा यानी पिलर पर स्लैब डालकर पटरियां बिछाई जाएंगी।

एलिवेटेड रोड के कारण एमजी रोड (शास्त्री ब्रिज) तरफ से गांधी हॉल का फ्रंट लुक छुप जाएगा, जिससे लोग उसे स्पष्ट रूप से नहीं देख पाएंगे। नगरीय विकास विभाग ने इस मामले में भी मप्र मेट्रो रेल कंपनी के इंजीनियरों को योजना में बदलाव करने को कहा है। जल्द ही इस विषय को लेकर नगर निगम और मेट्रो ट्रेन कंपनी के इंजीनियरों का संयुक्त दौरा करने की भी तैयारी है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि अगले 10-15 दिन में दोनों विभागों की टीम गांधी हॉल के आसपास दौरा कर यह देखेगी कि कौन से तकनीकी बदलाव किए जाएं, ताकि मेट्रो ट्रेन के कारण गांधी हॉल की इमारत में कंपन न हो और एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर की वजह से गांधी हॉल इमारत के सामने का हिस्सा छुप न जाए।

नगरीय विकास विभाग भी चाहता है कि मेट्रो कॉरिडोर बनने की वजह से गांधी हॉल इमारत को कोई खतरा नहीं होना चाहिए और लोगों को उसे देखने में किसी तरह की परेशानी नहीं होना चाहिए।

गांधी हॉल (घंटाघर) की घड़ी में हर घंटे बजने वाले घंटे के कारण भी इमारत को ऐसा खतरा पैदा हो गया था। फिर तकनीकी विशेषज्ञों से बात कर तय किया गया था कि घड़ी तो चालू रखी जाए लेकिन बार-बार बजने वाले घंटे को बंद कर दिया जाए। अफसरों का कहना है कि घंटे की तेज आवाज से गांधी हॉल की इमारत को खतरा पैदा हो गया था तो भविष्य में मेट्रो ट्रेन गांधी हॉल के पास से गुजरेगी तो हॉल के अस्थि-पंजर हिलना तय है। ऐसे में अभी से बचाव के उपाय करना जरूरी है

निगम कर रहा है जीर्णोद्धार

मालूम हो कि पिछले कुछ समय से नगर निगम गांधी हॉल का जीर्णोद्धार कर रहा है। इमारत के कमजोर हिस्सों को ठीक किया जा रहा है। इसके अलावा रंगरोगन भी किया जा रहा है।

बचाव के तरीके अपनाकर बनाएंगे मेट्रो कॉरिडोर: दुबे

नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे ने बताया कि यह बात जानकारी में आई है तथा अधिकारियों से परीक्षण करा रहे हैं, क्योंकि सरकार को भी इस बात का आभास है कि मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट के कारण गांधी हॉल की बिल्डिंग को कोई नुकसान नहीं होना चाहिए। असेसमेंट के बाद यदि पता चलता है कि बिल्डिंग को खतरा है तो उससे बचाव के तरीके होते हैं, जिन्हें अपनाकर सुनिश्चित किया जाएगा कि मेट्रो ट्रेन के कारण गांधी हॉल को किसी तरह का खतरा नहीं हो।

मेट्रो का अलाइनमेंट इस तरह से प्लान करेंगे कि हॉल के सामने की रोड बंद न हो और मेट्रो ट्रेन में बैठने वाले यात्रियों के अलावा कॉरिडोर के नीचे से भी लोग इमारत निहार सकें। मेट्रो कॉरिडोर में पिलर की लोकेशन ऐसी रखी जाएगी कि सामने के दृश्य को देखने में दिक्कत न आए।

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