इंदौर

कोरोनाः जयपुर में मरीज मिलने से मप्र में हाई अलर्ट, इंदौर में मिला संदिग्ध, जाँच शुरू

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 6:13 AM GMT
कोरोनाः जयपुर में मरीज मिलने से मप्र में हाई अलर्ट, इंदौर में मिला संदिग्ध, जाँच शुरू
x
Get Latest Hindi News, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, Today News in Hindi, Breaking News, Hindi News - Rewa Riyasat

दिल्ली, तेलंगाना के बाद जयपुर में भी कोरोना वायरस (कोविड-19) का मरीज मिलने के बाद मप्र में हाई अलर्ट कर दिया गया है। रविवार को इंदौर में भी एक संदिग्ध मिला है। वह हाल ही में इटली से आया था। जांच के लिए स्वाब के सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) पुणे भेजे गए हैं। मंगलवार को जांच रिपोर्ट आ सकती है। स्वास्थ्य संचालनालय में स्वास्थ्य आयुक्त ने सोमवार को तैयारियों को लेकर बैठक की। उन्होंने सभी जिला अस्पतालों में वेंटिलेटर की सुविधा रखने को कहा है। उन्होंने कहा है कि हर जिले में कम से कम एक-दो डॉक्टरों को वेंटिलेटर चलाने की ट्रेनिंग देने दी जाए।

अस्पतालों में संक्रमण से निपटने की तैयारियां रखने को कहा गया है। इसके लिए सभी जिला अस्पताल अधीक्षकों से स्वास्थ्य संचालनालय के अफसर मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से बात करेंगे। बता दें कि प्रदेश में अभी तक 420 लोग कोरोना प्रभावित देशों से यात्रा कर मप्र में आए हैं। इनमें 319 को 24 दिन तक निगरानी के बाद संदिग्ध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है। प्रदेश में अब तक 18 संदिग्ध मिल चुके हैं, इनमें 17 की रिपोर्ट निगेटिव आई है

प्रभावित देशों से यात्रा कर आए संदिग्धों की निगरानी रखेंगे सीएमएचओ

कोरोना प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की सूची एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा राज्य कंट्रोल रूम को दी जाएगी। इस सूची में वह यात्री शामिल रहेंगे जिन्हें सर्दी,जुकाम बुखार, गले में तकलीफ है। राज्य कंट्रोल रूम से संबंधित जिले के सीएमएचओ को सूचना भेजी जाएगी। सीएमएचओ की निगरानी में संदिग्ध को उसके घर में ही 24 दिन तक अलग रखा जाएगा।

हमीदिया की ट्रामा यूनिट में बनेगा 10 बेड का वार्ड

हमीदिया में इस बीमारी के लिए ट्रामा व इमरजेंसी यूनिट में 10 बेड का वार्ड बनाया जा रहा है। दो दिन में वार्ड तैयार हो जाएगा। अभी तक कमला नेहरू अस्पताल में स्वाइन फ्लू वार्ड को कोरोना वार्ड बना दिया गया था। अब जयपुर में मरीज मिलने के बाद 10 बेड का वार्ड बनाया जा रहा है। इस वार्ड में पहुंचने के लिए अलग रास्ता भी है।

Next Story
Share it