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Piles Treatment: बवासीर से ग्रसित रोगी करें यह एक्सरसाइज, मिलेगा बहुत जल्दी आराम

Sandeep Tiwari
19 Nov 2021 6:03 AM GMT
Piles Treatment
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Piles Treatment in hindi: बवासीर से ग्रसित रोगियों के लिए एक्सरसाइज काफी फायदेमंद साबित हो सकतीं हैं..

वैसे तो शरीर में कई तरह की बीमारी होने का अंदेशा बना रहता है। लेकिन बवासीर एक ऐसी समस्या है जिससे रोगी को कई तरह से परेशानी का सामना करना पडता है। कई बार यह समस्या गंभीर बीमारी का भी रूप ले लेती है। बवासीर रोगी अगर सही समय पर इस समस्या से निजात पाने का प्रयास करें ते काफी हद तक इसे बढ़ने से रोका जा सकता है। इसके लिए आवश्यक है कि हम नियमित तौर पर अपनी दिनचर्या में एक्सरसाइज को शामिल करें। इससे काफी जल्दी लाभ मिल जाता है।

पेट का रखें ध्यान

पेट से सम्बंधित विकार कई तरह के रोगों को जन्म देता है। ऐसे में आवाश्यक हो जाता है कि हम अपने पेट का पूरा खयाल रखें। गैस की समस्या लम्बे समय तक बने रहने से इस तरह की परेशानी हो सकती है। पेट का साफ न होना बवासीर का एक बडा कारण माना गया है। वहीं कई बार रोगियों में मल का बंध जाना इस समस्या को और अधिक बढ़ा देता है। ऐसे में पेट को साफ रखने के लिए चिकित्सक की सलाह लें।

एक्सरसाइज करने का सही समय

एक्सरसाइज करने से कई रोगों में चमत्कारिक असर होता है। लेकिन एक्सरसाइज कब करें इसका भी हमें ध्यान रखना चाहिए। मूलरूप से बताया गया है कि अगर एक्सरसाइज सुबह के समय किया जाये तो काफी लाभ मिलता है। सुबह के समय हमारा पेट खाली रहता है। वहीं सबसे जरूरी बात तो यह है कि मलत्याग करने के बाद ही एक्सरसाइज करना चाहिए।

बालासन

बालासन करने से पेट तथा शरीर को काफी आराम मिलता है। वहीं पाचन क्रिया दूरूस्त होती है। बालासन करने के लिए घुटने के बल बैठ जाना चहिए, और कूल्हों को तलवे पर रखना चाहिए। इसके बाद अपने दोनो हाथों को आगे की ओर बढ़ाना चाहिए। साथ ही ऐसा प्रयास करना चाहिए कि हांथ आगे बढ़ाते हुए और सिर जमीन पर टच हो जाय। इसका अभ्यास धीरे-धीरे करना चाहिए। बाद में 5 मिनट तक करें।

पेल्विक फ्लोर कॉन्ट्रैक्शन

इस पेल्विक फ्लोर कॉन्ट्रैक्शन एक्सरसाइज को करने के लिए पीठ के बल लेटें। इसके बाद अपने गुदा या मलद्वार को अंदर की ओर करें। जैसे गैस को रोकने के दौरान मलद्वार को अंदर की ओर खींचते हैं। इसका अभ्यास मात्र 2 सेकंड के लिए तथा लगभग 5 से 7 बार करनी चाहिए। इस एक्सरसाइज का अभ्यास करने से कूल्हों की मसल्स का तनाव कम होता है तो वहीं पाइल्स का दर्द कम होता है।

वही बताए गये एक्सरसाइज को करने के पूर्व अपने चिकित्सक से भी सलाह ले लेनी चाहिए। समाचार केवल सूचना मात्र है।

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