हर 10 में 9 भारतीयों में बैड कोलेस्ट्रॉल का खतरा, AIIMS अध्ययन में खुलासा

Aaryan Puneet Dwivedi
रिपोर्टर:Aaryan Puneet Dwivedi
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हर 10 में 9 भारतीयों में बैड कोलेस्ट्रॉल का खतरा, AIIMS अध्ययन में खुलासा

मुख्य बिंदुQuick Read

  • AIIMS और ICMR के अध्ययन में बड़ा खुलासा।
  • भारत के 87.
  • 3% वयस्कों में खराब कोलेस्ट्रॉल की समस्या मिली।

Highlights

  • AIIMS-ICMR अध्ययन में 87.3% भारतीयों में खराब कोलेस्ट्रॉल का खतरा मिला।
  • 23,665 वयस्कों के लिपिड प्रोफाइल का विश्लेषण किया गया।
  • हर 10 में लगभग 9 भारतीयों में किसी न किसी प्रकार की लिपिड गड़बड़ी पाई गई।
  • विशेषज्ञों ने नियमित जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।

AIIMS-ICMR अध्ययन में चौंकाने वाला खुलासा

AIIMS और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) से जुड़े एक अध्ययन में सामने आया है कि भारत के 87.3 प्रतिशत वयस्कों में किसी न किसी प्रकार की लिपिड (कोलेस्ट्रॉल/वसा) संबंधी गड़बड़ी मौजूद है। इसका अर्थ है कि लगभग हर 10 में 9 भारतीय खराब कोलेस्ट्रॉल या अन्य लिपिड असंतुलन के जोखिम में हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ा रहने पर दिल की बीमारियों, हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

23,665 लोगों पर किया गया अध्ययन

रिपोर्ट के अनुसार देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 23,665 वयस्कों के लिपिड प्रोफाइल का विश्लेषण किया गया। अध्ययन में पाया गया कि बड़ी संख्या में लोगों का अच्छा कोलेस्ट्रॉल (HDL) सामान्य से कम था, जबकि कई लोगों में ट्राइग्लिसराइड्स और अन्य लिपिड स्तर असामान्य पाए गए।

शोधकर्ताओं का कहना है कि यह समस्या केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से बढ़ रही है।

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यह अध्ययन बताता है कि कोलेस्ट्रॉल की समस्या अब केवल मोटापे या बढ़ती उम्र तक सीमित नहीं रही। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल जांच कराकर हृदय रोगों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

रिपोर्ट के प्रमुख आंकड़े

अध्ययन में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि भारत में लिपिड संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि बड़ी संख्या में लोगों में अच्छा कोलेस्ट्रॉल (HDL) सामान्य स्तर से कम है, जबकि ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर भी कई लोगों में अधिक पाया गया।

अध्ययन का निष्कर्ष आंकड़े
किसी न किसी लिपिड गड़बड़ी वाले वयस्क 87.3%
अध्ययन में शामिल वयस्क 23,665
कम HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) लगभग 66%
35.5 वर्ष से कम आयु में भी जोखिम महत्वपूर्ण संख्या में मामले
30-39 वर्ष आयु वर्ग डिस्लिपिडेमिया का खतरा सबसे अधिक

सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है समस्या

शोधकर्ताओं के अनुसार यह धारणा अब गलत साबित हो रही है कि खराब कोलेस्ट्रॉल केवल शहरी आबादी या अधिक वजन वाले लोगों की समस्या है। अध्ययन में ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में भी लिपिड असंतुलन के मामले सामने आए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, शारीरिक गतिविधियों में कमी, असंतुलित खानपान और बढ़ता तनाव इस समस्या के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

क्यों बढ़ रहा है खराब कोलेस्ट्रॉल?

  • 🍔 अधिक तेल और वसा वाला भोजन।
  • 🪑 लंबे समय तक बैठे रहना और कम शारीरिक गतिविधि।
  • 🚬 धूम्रपान और तंबाकू का सेवन।
  • 😰 तनाव और अनियमित जीवनशैली।
  • 🧬 आनुवंशिक कारण भी जोखिम बढ़ा सकते हैं।

सामान्य वजन होने पर भी हो सकता है खतरा

अध्ययन में यह भी सामने आया कि केवल अधिक वजन या मोटापा ही खराब कोलेस्ट्रॉल का कारण नहीं है। सामान्य वजन वाले कई लोगों में भी अच्छा कोलेस्ट्रॉल (HDL) कम और ट्राइग्लिसराइड्स अधिक पाए गए। इसलिए केवल शरीर का वजन देखकर हृदय रोग के जोखिम का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।

विशेषज्ञों के अनुसार नियमित स्वास्थ्य जांच और लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराना आवश्यक है, ताकि समय रहते जोखिम की पहचान कर उचित उपचार और जीवनशैली में बदलाव किया जा सके।

कैसे करें बचाव?

बचाव का तरीका लाभ
संतुलित और पौष्टिक भोजन कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखने में मदद
नियमित व्यायाम HDL बढ़ाने और हृदय को स्वस्थ रखने में सहायक
सही वजन बनाए रखना हृदय रोगों का जोखिम कम होता है
तंबाकू और धूम्रपान से दूरी रक्त वाहिकाओं और हृदय की सुरक्षा
समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल जांच जोखिम की समय रहते पहचान
Rewariyasat Analysis

यह अध्ययन स्पष्ट करता है कि खराब कोलेस्ट्रॉल की समस्या अब केवल बुजुर्गों या मोटापे से ग्रस्त लोगों तक सीमित नहीं है। युवा, सामान्य वजन वाले और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में भी इसका खतरा बढ़ रहा है। नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर हृदय रोगों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

दिल की बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार यदि खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) और ट्राइग्लिसराइड्स लंबे समय तक बढ़े रहें तथा अच्छा कोलेस्ट्रॉल (HDL) कम हो, तो धमनियों में वसा जमा होने लगती है। इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है।

इसी कारण चिकित्सक समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल जांच कराने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह देते हैं, ताकि शुरुआती स्तर पर ही समस्या का पता चल सके।

किसे अधिक सतर्क रहने की जरूरत?

जोखिम समूह क्यों जरूरी है जांच?
30-39 वर्ष आयु वर्ग अध्ययन में इस वर्ग में जोखिम अधिक पाया गया
डायबिटीज के मरीज हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है
हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर जोखिम और बढ़ जाता है
धूम्रपान करने वाले HDL कम होने की संभावना अधिक
परिवार में हृदय रोग का इतिहास आनुवंशिक जोखिम अधिक हो सकता है

दिल को स्वस्थ रखने के 5 आसान उपाय

  • 🥗 संतुलित और कम वसा वाला भोजन करें।
  • 🚶 प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।
  • 🚭 धूम्रपान और तंबाकू से पूरी तरह दूरी बनाएं।
  • ⚖️ वजन, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर नियंत्रित रखें।
  • 🩺 डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित लिपिड प्रोफाइल जांच कराएं।
Rewariyasat Analysis

भारत में तेजी से बदलती जीवनशैली के बीच यह अध्ययन एक महत्वपूर्ण चेतावनी है। नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधि बढ़ाकर खराब कोलेस्ट्रॉल के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। समय पर जांच और उपचार से हृदय रोगों की संभावना भी घटाई जा सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: अध्ययन में कितने भारतीयों में लिपिड संबंधी गड़बड़ी पाई गई?

उत्तर: अध्ययन के अनुसार 87.3% भारतीय वयस्कों में किसी न किसी प्रकार की लिपिड (कोलेस्ट्रॉल) संबंधी गड़बड़ी पाई गई।


प्रश्न 2: इस अध्ययन में कितने लोगों को शामिल किया गया?

उत्तर: देशभर से 23,665 वयस्कों के लिपिड प्रोफाइल का विश्लेषण किया गया।


प्रश्न 3: क्या केवल मोटे लोगों को ही खराब कोलेस्ट्रॉल का खतरा होता है?

उत्तर: नहीं। अध्ययन के अनुसार सामान्य वजन वाले लोगों में भी अच्छा कोलेस्ट्रॉल कम और अन्य लिपिड असंतुलन की समस्या देखी गई।


प्रश्न 4: खराब कोलेस्ट्रॉल से कौन-सी बीमारियों का खतरा बढ़ता है?

उत्तर: इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक, कोरोनरी आर्टरी डिजीज और अन्य हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है।


प्रश्न 5: खराब कोलेस्ट्रॉल से बचाव कैसे किया जा सकता है?

उत्तर: संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, तंबाकू से दूरी, सही वजन बनाए रखना और समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल जांच कराकर जोखिम को कम किया जा सकता है।

एक नजर में अध्ययन

विवरण जानकारी
अध्ययन AIIMS-ICMR लिपिड अध्ययन
प्रतिभागी 23,665 वयस्क
लिपिड गड़बड़ी 87.3% प्रतिभागियों में
कम HDL लगभग 66% लोगों में
सबसे अधिक जोखिम 30-39 वर्ष आयु वर्ग
मुख्य सलाह नियमित जांच और स्वस्थ जीवनशैली
AIIMS और ICMR के इस अध्ययन ने संकेत दिया है कि भारत में कोलेस्ट्रॉल से जुड़ी समस्याएं व्यापक हो सकती हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को हृदय रोग है, बल्कि यह नियमित स्वास्थ्य जांच की आवश्यकता को रेखांकित करता है। यदि आप 30 वर्ष से अधिक आयु के हैं या परिवार में हृदय रोग का इतिहास है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल टेस्ट, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम अपनाना आपके हृदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
संपादकीय लेखक एवं रिपोर्टर
संपादकीय मंडल (Board)
आर्यन पुनीत द्विवेदी
संस्थापक एवं प्रधान संपादक • रीवा रियासत

द सिटी एक्सप्रेस (रीवा रियासत प्राइवेट लिमिटेड) के संस्थापक एवं प्रधान संपादक। डिजिटल मीडिया रणनीति, खोजी पत्रकारिता और संपादकीय दूरदर्शिता के साथ संस्थान के संपादकीय सिद्धांतों और विश्वसनीयता के प्रमुख संरक्षक।

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