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स्वेटर-मोजे पहनकर सोते हैं तो हो जाएं सावधान: दिल और दिमाग नहीं देगा साथ, ऊनी कपड़े पहनकर सोने से हार्ट अटैक का खतरा

Aaryan Puneet Dwivedi
19 Jan 2023 8:00 PM IST
Updated: 2023-01-19 14:36:44
ऊनी कपड़े पहनकर सोने से होने वाले नुकसान
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ऊनी कपड़े पहनकर सोने से होने वाले नुकसान 

ऊनी कपड़े पहनकर सोने से हार्ट अटैक और मिर्गी का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए कोशिश करें कि ठंड में आप स्वेटर-मोजे और टोपे जैसे ऊनी कपड़ों को पहनकर न सोएं.

Health News: ठंड में अक्सर लोग अपने पूरे शरीर को ढंक लेते हैं. इस मौसम से बचने के लिए ये जरुरी भी है, लेकिन अगर आप सोने के दौरान ऊनी कपड़ों (Woolen Clothes) का उपयोग करते हैं तो यह आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है. ऐसे कपड़ों की वजह से दिल और दिमाग काम करना बंद कर देता है, जिसकी वजह से हार्टअटैक और मिर्गी जैसे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. आइये जानते हैं ऐसा क्यों होता है...

भास्कर डॉट कॉम में छपी एक खबर की मानें तो आप या आपके बच्चे अगर सोने के समय स्वेटर, मोजे और टोपा का इस्तेमाल करते हैं तो इससे आपको बचना चाहिए. इससे सेहत को सीधा नुकसान पहुँचता है.

क्यों स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है ऊनी कपड़े पहनकर सोना

दरअसल, स्वेटर जैसे कपड़े ऊन से बनें होते हैं. और इन्हे पहनकर सोने से शरीर में कई तरह के साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं. ऐसा ऊन की क्वालिटी की वजह से होता है.

जैसा की हम सभी जानते हैं कि ऊन ऊष्मा का कुचालक होता है. यानि यह हीट का इंसुलेटर है. ये अपने रेशों के बीच बड़ी मात्रा में एयर ट्रैप कर लेता है. इसी वजह से हमारे शरीर में पैदा होने वाली गर्माहट लॉक हो जाती है और बाहर नहीं निकलती. इस तरह से हम ठंड से तो बच जाते हैं, लेकिन इसका असर सीधे हमारे सेहत पर पड़ता है, जो दिल और दिमाग का काम कराना बंद कर देता है.

इसके अलावा अच्छी नींद के लिए बॉडी टेम्प्रेचर मेंटेन होना चाहिए, जो गर्म (ऊनी) कपड़े की वजह से नहीं हो पाटा है. स्वेटर बॉडी के टेम्प्रेचर को अंदर ही ट्रैप कर लेता है. इस वजह से रात में बेचैनी महसूस होती है और नींद ढंग से नहीं हो पाती और सुबह हमें थकान लगती है.

सिर्फ स्वेटर ही नहीं अगर आप वुलन कैप पहनकर सोते हैं तो यह भी खतरनाक है. इसका इसके पीछे बड़ी वजहें हैं. सबसे पहले तो यह सबसे अधिक हमारे बालों को नुकसान करता है. इसकी वजह से स्कैल्प में खुजली होती है. ड्रैंड्रफ की भी शिकायत हो सकती है. हेयर फॉलिकल्स ब्लॉक हो सकते हैं. इससे स्कैल्प में इन्फेक्शन हो सकता है. टाइट ऊनी कैप पहनने से स्कैल्प में तेल जमा हो जाता है जिससे कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं.

क्या कंबल से सिर ढककर सोना भी नुकसानदेह हो सकता है?

सिर पर कंबल ढककर सोने से कमरे में मौजूद फ्रेश ऑक्सीजन नहीं ले पाते. कंबल के अंदर जो ऑक्सीजन है, उसी से सांस लेते रहते हैं. कंबल के अंदर जब ऑक्सीजन की कमी होने लगती है तो अशुद्ध हवा ही शरीर के अंदर जाने लगती है. इससे सभी अंगों तक ब्लड सर्कुलेशन सही से नहीं हो पाता. इसके अलावा कंबल से सिर ढककर सोने से हो सकती हैं ये परेशानियां…

  • चेहरे पर कार्बन डाई ऑक्साइड जमा होने लगता है. इससे साइकोलॉजिकल और बिहेवियरल बदलाव देखने को मिलता है.
  • लंग्स पर इसका सबसे ज्यादा बुरा असर पड़ता है. फेफड़े सिकुड़ने लगते हैं. यानी फेफड़ों में गैस एक्सचेंज का जो काम होता है वह ठीक से पूरा नहीं होता. इससे अस्थमा, सुस्ती छाना, डिमेंशिया और लगातार सिर दर्द की परेशानी हो सकती है.
  • सिर ढककर सोने से सफोकेशन होने लगती है. ठंड के दिनों में वेंटिलेशन प्रॉपर नहीं होता और खिड़कियां भी बंद रहती हैं. यह स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है.
  • जब पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिलती तो मिर्गी का अटैक आ सकता है.

मोजे (सॉक्स) और दस्ताने भी बन सकते हैं परेशानी की वजह

सर्दियों में सॉक्स और दस्ताने पहनकर सोना नुकसानदेह है क्योंकि…

  • ऊन ठंड से तो बचाता है मगर यह पसीना नहीं सोख सकता. इसलिए बैक्टीरिया पैदा हो सकते हैं.
  • हाथों-पैरों में एलर्जी हो सकती है.
  • ब्लड सर्कुलेशन की समस्या भी हो सकती है.
  • ज्यादा टाइट सॉक्स पहनने से ब्लड फ्लो में परेशानी होती है.
  • टाइट सॉक्स पहनकर सोने से पैरों की नसों पर दबाव पड़ता है. इससे दिल की सेहत पर बुरा असर पड़ता है.
  • ओवरहीटिंग की परेशानी हो सकती है. इससे रात में बैचेनी हो जाती है.
  • दिनभर पहने हुए सॉक्स अगर रात को पहनकर सोते हैं तो स्किन एलर्जी हो सकती है.
Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.

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