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बदलते मौसम में वरदान है यह Special काढ़ा: 15 दिनों में बढ़ाएं Immunity; मौसमी बीमारियों से पक्का बचाव

Neelam Dwivedi
9 March 2026 5:23 PM IST
वायरल बुखार और सर्दी-जुकाम से बचने के लिए आयुर्वेद का यह अमृता काढ़ा है
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बदलते मौसम में वरदान है यह Special काढ़ा

वायरल बुखार और सर्दी-जुकाम से बचने के लिए आयुर्वेद का यह 'अमृता' काढ़ा है इम्युनिटी का असली पावरहाउस। गिलोय और तुलसी के इस नुस्खे से शरीर को करें अंदर से डिटॉक्स।

बदलते मौसम और वायरल संक्रमण का खतरा

जैसे ही मार्च और अप्रैल या फिर मानसून का महीना आता है, वातावरण में नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव होने लगता है। मौसम में यह अचानक आने वाला बदलाव हमारे शरीर के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करता है। इस समय हवा में बैक्टीरिया और वायरस की संख्या बढ़ जाती है, जिससे वायरल बुखार, सर्दी, खांसी और जुकाम जैसी समस्याएं घर-घर में फैलने लगती हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी कमजोर होती है, वे इन बीमारियों की चपेट में सबसे जल्दी आते हैं। ऐसे में बाजार में मिलने वाली दवाओं के बजाय अगर हम आयुर्वेद की शरण में जाएं, तो न केवल हम इन बीमारियों से बच सकते हैं, बल्कि अपने शरीर को अंदर से मजबूत भी बना सकते हैं।

इम्युनिटी का पावरहाउस: गिलोय काढ़ा

आयुर्वेद में गिलोय को अमृता कहा गया है। यह नाम इसे इसकी अद्भुत जीवनदायिनी शक्तियों के कारण मिला है। गिलोय एक ऐसी जड़ी-बूटी है जो शरीर के त्रिदोष (वात, पित्त और कफ) को संतुलित करने में सक्षम है। जब हम गिलोय का काढ़ा सुबह खाली पेट पीते हैं, तो यह हमारे रक्त को शुद्ध करता है और शरीर में मौजूद विषैले पदार्थों यानी टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है।

यह काढ़ा एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो फ्री रेडिकल्स से लड़कर कोशिकाओं को स्वस्थ रखता है। पुराने समय से ही भारतीय घरों में संक्रमण से लड़ने के लिए इस हर्बल चाय या काढ़े का उपयोग किया जाता रहा है। यह श्वसन तंत्र को साफ रखने और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाने में भी सहायक है।

मुख्य सामग्रियां और उनके औषधीय लाभ

इस विशेष काढ़े को तैयार करने के लिए रसोई में मौजूद कुछ चुनिंदा मसालों और जड़ी-बूटियों का प्रयोग किया जाता है:

  • गिलोय: यह बुखार को कम करने और प्लेटलेट्स बढ़ाने में सबसे कारगर है।
  • तुलसी: इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण होते हैं जो गले के इन्फेक्शन को खत्म करते हैं।
  • अदरक: यह शरीर में गर्मी पैदा करता है और सूजन को कम करने में मदद करता है।
  • काली मिर्च: यह कफ को बाहर निकालने और श्वसन नली को खोलने का काम करती है।
  • दालचीनी: यह मेटाबॉलिज्म को सुचारू रखती है और शरीर को ऊर्जा देती है।

काढ़ा बनाने की सही विधि और समय

काढ़ा बनाने की विधि जितनी सरल है, इसके नियम उतने ही महत्वपूर्ण हैं। सबसे पहले दो कप पानी एक बर्तन में लें। इसमें गिलोय का एक छोटा टुकड़ा (कुटा हुआ), 5-7 तुलसी के पत्ते, 3-4 काली मिर्च, एक छोटा टुकड़ा अदरक और एक टुकड़ा दालचीनी डालें। अब इस मिश्रण को धीमी आंच पर उबलने दें।

इसे तब तक उबालना है जब तक कि पानी आधा न रह जाए। यानी जब दो कप पानी उबलकर एक कप रह जाए, तब आंच बंद कर दें। इसे छान लें और जब यह हल्का गुनगुना रह जाए, तब इसमें स्वादानुसार शहद या गुड़ मिलाएं। ध्यान रखें कि शहद को कभी भी खौलते हुए गर्म काढ़े में नहीं डालना चाहिए।

विशेषज्ञों की सलाह और सावधानियां

हालांकि यह काढ़ा पूरी तरह प्राकृतिक है, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार हर शरीर की प्रकृति अलग होती है। यदि आप उच्च रक्तचाप (High BP) के मरीज हैं, तो काली मिर्च और अदरक का प्रयोग सीमित मात्रा में करें। इसी तरह, जिन लोगों को बहुत अधिक एसिडिटी या पेट में जलन की समस्या रहती है, उन्हें इस काढ़े का सेवन करने से पहले किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को देने से पहले भी डॉक्टरी परामर्श अनिवार्य है।

इम्युनिटी बढ़ाने के अन्य प्राकृतिक तरीके

काढ़े के अलावा, दैनिक जीवन में कुछ छोटे बदलाव भी आपकी इम्युनिटी को बढ़ा सकते हैं। प्रतिदिन कम से कम 7-8 घंटे की नींद लेना, दिनभर पर्याप्त पानी पीना और योग व प्राणायाम करना शरीर को ऊर्जावान रखता है। ताजे फल जैसे संतरा, आंवला और नींबू का सेवन करें क्योंकि विटामिन सी संक्रमण से लड़ने की शक्ति देता है। बाहर के जंक फूड और ठंडी चीजों से परहेज करें, विशेषकर तब जब मौसम बदल रहा हो।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. Immunity booster ayurvedic kadha kaise banaye hindi me latest news

इम्युनिटी बढ़ाने वाला आयुर्वेदिक काढ़ा बनाना बेहद आसान है। इसके लिए आपको गिलोय, तुलसी, अदरक और काली मिर्च को पानी में उबालना होता है। ताज़ा अपडेट के अनुसार, सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से शरीर की रक्षा प्रणाली 2 गुना तेजी से काम करने लगती है। यह वायरल अटैक से बचने का सबसे सस्ता और प्रभावी तरीका है।

2. Viral bukhar se bachne ke liye gharelu upaye kya hai live update

वायरल बुखार से बचने के लिए घरेलू उपायों में सबसे ऊपर गिलोय का काढ़ा और हल्दी वाला दूध आता है। ताजा जानकारी के अनुसार, दिन में दो बार गुनगुने पानी का सेवन और भाप लेना भी इन्फेक्शन को फैलने से रोकता है। तुलसी के पत्तों का रस शहद के साथ लेने से भी बुखार में तुरंत राहत मिलती है।

3. Giloy aur tulsi ka kadha peene ke fayde aur nuksan ki puri khabar

गिलोय और तुलसी के काढ़े के अनगिनत फायदे हैं, जैसे खून साफ होना और प्लेटलेट्स बढ़ना। हालांकि, इसके अधिक सेवन से कुछ लोगों को पेट में गर्मी या कब्ज की समस्या हो सकती है। इसलिए इसे हमेशा सीमित मात्रा में और विशेषज्ञों की देखरेख में ही लेना चाहिए।

4. Badalte mausam me health ka dhyan kaise rakhe news in hindi

बदलते मौसम में स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए खान-पान में बदलाव जरूरी है। फ्रिज का ठंडा पानी पीने से बचें और ताजी बनी हुई गर्म चीजों का सेवन करें। नियमित व्यायाम और काढ़े का सेवन आपको सर्दी-जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों से कोसों दूर रखेगा।

5. Best immunity booster drink for kids and adults latest update today

बच्चों और बड़ों दोनों के लिए गिलोय-तुलसी का मिश्रण सबसे अच्छा इम्युनिटी बूस्टर माना गया है। आज के समय में जब संक्रमण तेजी से फैल रहा है, यह ड्रिंक शरीर को नेचुरल शील्ड प्रदान करती है। बच्चों को देते समय इसकी मात्रा कम रखें और स्वाद के लिए शहद जरूर मिलाएं।

6. Ghar par herbal kadha banane ki vidhi aur ingredients ki jankari

घर पर हर्बल काढ़ा बनाने के लिए आपको दालचीनी, काली मिर्च, सोंठ या अदरक, तुलसी और गिलोय की आवश्यकता होती है। इन सभी सामग्रियों को पानी में तब तक उबालें जब तक पानी आधा न हो जाए। यह मिश्रण श्वसन तंत्र के रोगों के लिए रामबाण इलाज है।

7. Sardi jukam se bachne ke liye sabse accha ayurvedic kadha news in english

सर्दी-जुकाम के लिए सबसे अच्छा आयुर्वेदिक काढ़ा वह है जिसमें काली मिर्च और अदरक का सही संतुलन हो। यह गले की खराश को तुरंत ठीक करता है और छाती में जमे हुए कफ को पिघलाकर बाहर निकालता है।

8. Immunity badhane ka tarika aur ayurvedic nuskhe ke bare me latest update

इम्युनिटी बढ़ाने का सबसे सही तरीका प्राकृतिक जीवनशैली को अपनाना है। आयुर्वेद के अनुसार, च्यवनप्राश, गिलोय स्वरस और नीम के पत्तों का सेवन शरीर की आंतरिक शक्ति को बढ़ाता है। नवीनतम शोध बताते हैं कि ये नुस्खे आधुनिक दवाओं के साथ मिलकर भी शरीर को सुरक्षित रखते हैं।

9. How to make immunity booster kadha at home in hindi live news

घर पर इम्युनिटी बूस्टर काढ़ा बनाने की लाइव न्यूज़ यह है कि इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाली हर सामग्री आपके किचन में उपलब्ध है। बस ध्यान यह रखना है कि इसे बहुत अधिक मात्रा में न उबालें और हमेशा ताजा बनाकर ही पिएं। बासी काढ़ा पीने से इसके औषधीय गुण कम हो जाते हैं।

10. Viral fever prevention tips and ayurvedic herbs benefits news in hindi

वायरल बुखार से बचाव के लिए जरूरी है कि आप अपने हाथ साफ रखें और संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाएं। आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ जैसे अश्वगंधा और गिलोय शरीर की टी-सेल्स को मजबूत करती हैं, जो बाहरी वायरस पर हमला कर उन्हें नष्ट कर देती हैं।

Neelam Dwivedi

Neelam Dwivedi

Neelam Dwivedi is an experienced digital content editor in the field of journalism. She has been working with the Rewa Riyasat news portal since 2016, managing and editing news content in both Hindi and English. She covers a wide range of topics, including national and international news, politics, sports, technology, health, lifestyle, and social issues. Her work focuses on presenting clear, accurate, and easy-to-understand news for readers while staying updated with the latest trends in digital media.

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