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किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन कब लागू होता है, क्या पश्चिम बंगाल में यह कानून लागू करने की नौबत आ गई है

किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन कब लागू होता है, क्या पश्चिम बंगाल में यह  कानून लागू करने की नौबत आ गई है
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When President's rule is implemented in any state: राष्ट्रपति शासन या केंद्र शाशन दोनों एक ही बात होती हैं. संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत राज्य में सरकार की विफलता या नियम के उल्लंघन पर उस राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होता है

किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन कब लागू होता है: मंगलवार को पश्चिम बंगाल के बीरभूम में मुस्लिम टीएमसी नेता की हत्या का बदला लेने के लिए हिन्दू ग्रामीण इलाके में टीएमसी के लोगों ने बेक़सूर लोगों को जिन्दा जला दिया। इस घटना में 10 लोगों की मौत हो गई जिनमे 8 एक ही परिवार के थे और मरने वालों में 2 बच्चे भी शामिल है।

ममता बनर्जी की सरकार में टीएमसी के गुंडों ने इस नरसंहार को अंजाम दिया है, टीएमसी नेता शेख बादु की हत्या का बदला बच्चों और उनके घर वालों को जिन्दा जलाकर लिया गया है। इस घटना के बाद अब बीजेपी सहित देश की जनता पश्चिम बंगाल से ममता बनर्जी की सरकार से सत्ता छीनकर यहां राष्ट्रपति कानून लागू करने की मांग की जा रही है।

कैसे लागू होता है राष्ट्रपति शासन

राष्ट्रपति शासन या केंद्रीय शासन एक ही बात होती है, जिस राज्य में यह कानून लागू होता है वहां पुलिस की जगह मिलिट्री काम संभालती है और सभी फैसले राष्ट्रपति लेते हैं. जब किसी राज्य सरकार को भंग या निलंबित कर दिया जाता है तब उस राज्य में राष्ट्रपति कानून लागू किया जाता है। भारत के संविधान के अनुच्छेद-356 केंद्र की संघीय सरकार को राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता या संविधान का उल्लंघन की स्थिति में उस राज्य में राष्ट्रपति कानून लागू होता है। प्रदेश के राजयपाल सरकार को बरखास्त कर उस राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर देते हैं. राष्ट्रपति शासन तब भी लागू होता है जब किसी राज्य में कोई सरकार गठबंधन के बाद भी सरकार नहीं बना पाती है.

मतलब जब किसी राज्य का संवैधानिक तंत्र पूरी तरह फेल हो जाता है तब उस राज्य में राष्ट्रपति कानून लागू होता है। साल 1950 में भारत का संविधान बनने के बाद केंद्र सरकारों ने इस अधिकार का इस्तेमाल 100 से ज़्यादा बार किया है.

क्या पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति कानून लागू होगा

जैसे वहां के हालात हैं उस लिहाज से प्रदेश के लोगों के लिए ममता बनर्जी की सरकार किसी खतरे से कम नहीं है. आए दिन नेताओं की हत्या होती है, हिन्दू इलाकों में सरे आम लोगों को मार दिया जाता है. बीरभूम की घटना तो दिल को पसीजकर रख देती है. इस घटना में 2 मासूम बच्चों सहित 10 लोगों को जिन्दा जला दिया गया है. यह तो साफ़ है कि ममता बनर्जी की सरकार में राज्य के भीतर अराजकता और अपराध बढ़ें हैं कभी कम नहीं हुए.

केंद्र सरकार चाहें तो इस नरसंहार के बाद बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार को बेदखल कर पश्चिम बंगाल को केंद्र शासित प्रदेश बना सकती है।

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