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Interesting Facts: महीनों के नाम से संबंधित कुछ रोचक तथ्य

Interesting Facts: महीनों के नाम से संबंधित कुछ रोचक तथ्य
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महीनों के नाम से जुड़े है कुछ रोचक तथ्य

Interesting Facts: आपने आज तक यह तो सुना होगा कि हर व्यक्ति का नाम का कुछ ना कुछ मतलब होता है लेकिन क्या आप जानते कि महीनों के नाम (Names of months) के पीछे भी कुछ तथ्य हैं? क्या आपने सोचा है कि महीनों के नाम जनवरी-फरवरी ही क्यों रखे गए हैं और कुछ क्यों नहीं? या इन महीनों के नाम का मतलब क्या है? यह कुछ ऐसे प्रश्न है जो निश्चित रूप से बहुत से लोगों के मन में उठते होंगे। आज हम आपको बताएंगे महीनों के नाम से जुड़े उन रोचक तथ्यों के बारे में जिनके बारे में शायद ही आपने कभी सुना हो.

जनवरी (January)



शुरू करते हैं साल के पहले महीने जनवरी से, इस महीने से नए साल की शुरुआत होती है। लेकिन हम बताएंगे इस के नाम से जुड़े तथ्य के बारे में। लैटिन भाषा में एक शब्द है "जैनरियुस" जिससे जनवरी शब्द की उत्पत्ति हुई। "जैनरियुस" शब्द रोम के महान देवता जेनस से बना। ऐसा कहा जाता है कि जेनस देवता (Janus god) के दो मुख जिससे वह आगे और पीछे दोनों तरफ देखते हैं इसी तरह जनवरी भी पुराने साल और नए साल दोनों को देखता है। यही कारण है कि इस महीने का नाम 'जेन्युअरी' यानी जनवरी रखा गया।

फरवरी (February)



साल का दूसरा महीना होता है फरवरी जो कि 'फैब्रिएरीयुस' शब्द का बदला हुआ रूप है। 'फैब्रिएरीयुस' दो शब्दों 'फैब्रू' और 'एरि' को जोड़कर बनाया गया है। जिसका अर्थ है जोड़ कर रखना। प्राचीन रोमन साम्राज्य में 'फैब्रिएरीयुस' नामक एक महीना था जिसके आधार पर फरवरी का नामकरण किया गया।

मार्च (March)



साल का तीसरा महीना मार्च है और ऐसा माना जाता है कि जब रोमन साम्राज्य हुआ करता था तो साल की शुरूआत इसी महीने से की जाती थी। जब सर्दियों का मौसम समाप्त हो जाता था तो रोमन सेना आक्रमण करने के लिए "मार्च" करते थे अर्थात रवाना होते थे। इसी आधार पर इस महीने का नाम पड़ा।

अप्रैल (April)



अप्रैल महीना एक शब्द का परिष्कृत रूप है और उस शब्द का नाम है 'एप्रिलिस', जो कि लैटिन भाषा के शब्द 'एप्रिल्ज' से बनाया गया है इस शब्द का अर्थ होता है खोलना, उद्घाटन करना, खिलना आदि। यूरोप में बसंत इसी महीने से शुरू होता है। पहले बसंत के आगमन की खुशी में इस महीने का नाम 'एप्रिलिस' रखा गया था जो बाद में अप्रैल हो गया।

मई (May)



लैटिन शब्द 'मेजोरस' से मई शब्द उत्पन्न हुआ. एक मान्यता है कि 'मैया' जो कि रोमन देवता 'मर्कर' की माता थी, उनके नाम पर इस महीने का नाम 'मई' हुआ|

जून (June)


'जूनो' जो कि रोमन देवताओं के प्रमुख 'जीयस' की पत्नी थी, उनके नाम के ऊपर इस महीने का नाम पड़ा| मान्यता है कि रोमवासी शादी के लिए इसी महीने को उपयुक्त मानते थे।

जुलाई (July)



महान रोमन राजा 'जूलियस सीजर' को कौन नहीं जानता होगा। उनके जन्म और मृत्यु दोनों इसी महीने में हुए थे। यही कारण है कि ये महीना 'जुलाई' के नाम से जाना जाता है। पहले इस महीने को 'क्विटिलस' नाम से जाना जाता था|

अगस्त (August)



क्या आप जानते हैं, अंग्रेजी कैलेंडर में पहले इस महीने को 'सैबिस्टलिस' नाम से जाना जाता था। महान रोमन राजा 'जूलियस सीज़र' का एक भतीजा था जिसका नाम था 'सेक्सस्टीलिस', जो चाहता था कि इतिहास में उसका नाम अमर रहे और उसने अपना नाम बदलकर 'अगस्टस' रख लिया। जिसकी वजह से 'अगस्त' महीने का नाम पड़ा|

सितम्बर (September)



रोमन सभ्यता में केवल 10 महीने थे और सितम्बर सातवां महीना था| लैटिन भाषा में सात का अर्थ 'सेप्टेम' था, सतवा मंथ होने के कारण ये महीना 'सेप्टेम्बर' कहलाया| वर्तमान कैलेंडर में ये नवां महीना होता है|

अक्टूबर (October)




वर्तमान में ये दसवां महीना है लेकिन रोमन सभ्यता का ये आठवां महीना था। लैटिन भाषा में आठ को 'ऑक्टो' के नाम से जाना जाता था, इसी कारण इस महीने का नाम पड़ा 'ऑक्टोबर' जो हिंदी में 'अक्टूबर' के नाम से जाना गया|

इसी तरह रोमन सभ्यता (Roman civilization) में नवम्बर और दिसम्बर के नाम पड़े। लैटिन में नौ को 'नोवे' और दस को 'डेसेम' कहा जाता था, और नवा और दसवां महीना होने के कारण दोनों महीने क्रमशः नोवेम्बर और डिसेंबर के नाम से जाने गए। हिंदी में इन महीनों को नवंबर और दिसंबर के नाम से जानते हैं।

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