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Babri demolition:आज के ही दिन कारसेवकों ने गिरा दिया था राम जन्मभूमि में बना विवादित ढांचा

Babri demolition:आज के ही दिन कारसेवकों ने गिरा दिया था राम जन्मभूमि में बना विवादित ढांचा
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Ram Janmabhoomi: 6 दिसंबर 1992 में लाखों कारसेवकों ने जन्मभूमि में श्री राम मंदिर स्थापित करने की शुरुआत की थी और क्रूर बाबर द्वारा बनाए गए उस विवादित ढांचे को गिरा दिया था

बाबरी विंध्वस: 6 दिसंबर 1992 के दिन लाखों कारसेवक अयोध्या की तरफ बढे, सनातन धर्म के आदर्श भगवान श्री राम की जन्मभूमि में खड़े विवादित ढांचे के ऊपर चढ़ कर भालों से उसे तोड़ने लगे. तथाकथित मस्जिद जो क्रूर मुग़ल लुटेरे बाबर ने श्रीराम मंदिर तोड़ कर बनवाई थी, उसका कारसेवकों ने बदला ले लिया था। सनातनी योद्दाओं के भालों के प्रहार को वह ढांचा सह ना सका और ज़मीदोज़ हो गया।

भाजपा नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी की अगुवाई में साल 1990 से जन्मभमि में राम मंदिर बनाने का आंदोलन शुरू किया गया था। 5 दिसंबर 1992 की सुबह अयोध्या में विवादित ढांचे के पास लाखों कारसेवक पहुंच चुके थे। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें वहां भजन-कीर्तन करने की अनुमति थी। लेकिन कारसेवक तो प्राचीन राम मंदिर को तोड़ने वाले बाबर की करतूत का बदला लेने के लिए पहुंचे थे। 6 दिसंबर को भीड़ ने उग्र रूप ले लिया और उस विवादित ढांचे को मिटटी में मिला दिया।

इसके बाद देश आग में डूब गया

बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद देश में साम्प्रदाइक दंगे होने लगे, इन दंगों में 2 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए। इस घटना की FIR हुई और 49 लोग आरोपी बने. जिनमे लाल कृष्ण आडवाणी, उमा भारती, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, चंपत राय, कमलेश त्रिपाठी जैसे भाजपा और विश्व हिन्दू परिषद के नेता शामिल थे। ये मामला 28 साल तक कोर्ट में चला और 30 सितंबर 2021 को लखनऊ की सीबीआई कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ सबूत ना मिलने से सभी को बरी कर दिया। जब कोर्ट ने अपना अंतिम फैसला सुनाया था तबतक 17 आरोपियों का निधन हो चुका था।

अब उस जगह पर भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है

अयोध्या श्री राम की जन्मभूमि है और जिस जगह पर बाबरी मस्जिद थी वहां कभी भगवान राम का प्राचीन मंदिर हुआ करता था। जिसे आक्रांता लुटेरे बाबर ने तोड़ कर उसमे एक मस्जिद का निर्माण करा दिया था। जब बाबरी विंध्वस हुआ तो लोगों के सामने असलियत आई। पता चला की उस विवादित ढांचे के नीचे एक मंदिर था जिसकी बुनियाद का सहारा लेते हुए बाबर ने उसमे विवादित ढांचे का निर्माण करा दिया था।

बाबर ने हिन्दुओ का मंदिर तोडा और बाद में हिन्दुओं ने बाबरी मस्जिद का विंध्वस कर दिया। अब वह जमीन विवादित नहीं है, 9 नवंबर 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने जमीन का मालिकाना हक़ राम जन्मभूमि को दिया और वहीं पर आराध्य श्री राम जी के मंदिर का भव्य निर्माण चल रहा है

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