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द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर फिल्म में पहले ही दिन हंगामा, पहले ही शो में जबरजस्त भीड़ : MP

भोपाल/इंदौर। मध्यप्रदेश में शुक्रवार को रिलीज हुई द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। पहले दिन बीजेपी समर्थक कई लोगों की भीड़ अचानक सिनेमाघरों में पहुंचने से अव्यवस्था हो गई। पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। उधर, फिल्म देखने के बाद दर्शकों ने कहा है कि अनुपम खेर ने दमदार एक्टिंग की है, लेकिन असली हीरो तो मनमोहन सिंह ही हैं।
मध्यप्रदेश के इंदौर में कई सिनेमाघरों में रिलीज हुई अनुपम खेर की फिल्म द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर को देखने बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता जुटे। एक साथ बड़ी संख्या में वे ढोल-ढामाके के साथ सिनेप्लेक्स में पहुंचे। जहां पुलिस को इतनी भीड़ को संभालने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान भीड़ के साथ पुलिस की धक्कामुक्की भी हुई और विवाद की स्थिति भी बनी। विजय नगर स्थित एक मॉल में विवाद की खबर है।
इधर, भोपाल से भी खबर है कि यहां कई सिनेमाघरों में पहले बुकिंग करवाकर रखने वाले सिनेप्रेमी टाकीजों में पहुंच गए थे। यहां भी भारतीय जनता युवा मोर्चा और बजरंग दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में यह फिल्म देखने पहुंचे थे। भोपाल में भी किसी प्रकार की भी विवाद की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।
पॉलीटिकल ड्रामा है अनुपम खेर की फिल्म मध्यप्रदेश में पिछले माह ही चुनाव खत्म हुए हैं और तीन माह बाद फिर से आम चुनाव होने जा रहे हैं। चुनाव का क्रेज बरकरार है। इस बीच पॉलीटिकल ड्रामा फिल्म 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर रिलीज हो गई है। फिल्म समीक्षकों का कहना है कि इस फिल्म को दो तरीकों से देखा जाना चाहिए। पहला मनोरंजन । इस फिल्म के शुरुआत में भी कहा जा रहा है कि यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन के लिए है। इसके बाद फिल्म देखने का दूसरा कारण यह है कि यह फिल्म एक खास एजेंडे के तहत बनाई गई है।
पूर्व प्रधानमंत्री पर आधारित है इसकी कहानी फिल्म की पूरी कहानी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार संजय बारी की किताब 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' के आधार पर बनाई गई है। मूवी की शुरुआत होती है साल 2004 से। इसी साल भाजपा की एनडीए सरकार को हराकर कांग्रेस की गठबंधन सरकार यूपीए ने लोकसभा चुनाव जीता था। चुनाव के बाद तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (सुजैन बर्नेट) ने प्रधानमंत्री बनने से मना कर दिया था और पूर्व वित्त मंत्री मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बना दिया था। फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने मनमोहन सिंह की भूमिका बड़े ही प्रभावी ढंग से निभाई है।
यह भी है खास -इंटरवल तक यह फिल्म काफी दिलचस्प है। इसमें प्रधानमंत्री दफ्तर (PMO) के भीतर की दिनचर्या दिखाई गई है। इसमें बताया गया है कि कैसे सॉफ्ट नैचर के प्रधानमंत्री सभी चीजों को कैसे कंट्रोल करते हैं। इसमें उनका साथ देते है मीडिया एडवाइजर और पत्रकार संजय बारू। यह भूमिका अक्षय खन्ना ने निभाई है। बारू प्रधानमंत्री के भाषण लिखते हैं।
-फिल्म में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्लू बुश के साथ न्यूक्लियर डील की बातचीत को भी दर्शाया गया है। इसके बाद लेफ्ट पार्टी का सरकार से समर्थन वापसी, प्रधानमंत्री को कटघरे में खड़े करना। पार्टी हाईकमान की तरफ से लगातार प्रेशर इन सभी मुद्दों को बड़े ही शानदार तरीके से फिल्माया गया है।
यह है फिल्म का कमजोर पक्ष इस फिल्म को डायरेक्ट करने वाले विजय रत्नाकर गुट्टे ने फिल्म अच्छे से पर्दे पर उतारा है। जबकि इंटरवल के बाद काफी निराशाजनक लगता है। खासतौर से फिल्म से इंटरटेनमेंट धीरे-धीरे गायब होने लगता है। फिर थोड़ा कंफ्यूजन की स्थिति लगने लगती है। जिन्हें राजनीति में दिलचस्पी नहीं हैं उन्हें बोरियत लगने लगती है।
एक्टर मनमोहन सिंह-अनुपम खेर संजय बारू-अक्षय कुमार। सोनिया गांधी- सुजैन बर्नेट प्रियंका गांधी-अहाना कुमरा राहुल गांधी- अर्जुन माथुर
#TheAccidentalPrimeMinister releases tomorrow. I had recorded this video in England on the 18th of April, 2018. It has been a long, difficult but a sincere cinematic journey. Great learning experience. Both, as an actor & as a person. Hope you will like my effort. Thank you.? pic.twitter.com/I2kGtMk39S
— Anupam Kher (@AnupamPKher) January 10, 2019
सोशल मीडिया पर हुई जमकर तारीफ
सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा है कि हर भारतीय को यह फिल्म देखना चाहिए। फिल्म में कई विलेन है, लेकिन इस फिल्म के हीरो मनमोहन सिंह हैं। एक यूजर लोगों से पूछ रहे हैं कि यह फिल्म इंटरनेट पर डाउनलोड हो सकती है क्या। कुछ यूजर्स ने सोनिया गांधी के किरदार की तारीफ की।




